मेनोपॉज की समस्याओं को दूर करने के लिए टिप्स

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Mar 01, 2014
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Quick Bites

  • मेनोपॉज महिला को 45 साल के बाद होती है।
  • तनाव, अनिद्रा, चिड़चिड़ापन आदि हैं लक्षण।
  • नियमित व्‍यायाम करें और तनाव न लीजिए।
  • खाने में फल और हरी सब्जियां शामिल करें।

मेनोपॉज यानी रजोनिवृति उम्र बढ़ने के साथ होने वाली एक स्थिति है जिससे हर महिला को गुजरना पड़ता है। यह हर तरह से महिला को प्रभावित करता है। इसकी वजह से अनेक प्रकार की समस्‍याओं से गुजरना पड़ता हैं।

ऐसा माना जाता है कि मेनोपॉज महिला के जीवन का एक ऐसा टर्निंग प्वाइंट है जहां उसके जीवन में निराशा, अवसाद जैसी कई समस्‍यायें घेरने लगती हैं।

मेनोपॉज उस अवस्‍था को कहते हैं, जब महिला के पीरियड्स बंद हो जाते हैं और ओवरी से एग निकलना बंद हो जाता है। अधिकत महिलाओं में 45 साल के बाद ही रजोनिवृति होना शुरू होता है। लेकिन कुछ महिलाओं को रजोनिवृति देर से भी होता है। इस लेख में जानिए मेनोपॉज की समस्‍याओं को दूर करने के टिप्‍स के बारे में।

Relieve Menopause Problems

 

मेनोपॉज की सामान्‍य समस्‍या

  • चिड़चिड़ापन होना
  • रक्‍तचाप सामान्‍य से अधिक, यानी उच्‍च रक्‍तचाप
  • तनाव और अवसाद की समस्‍या
  • योनि से रक्तस्राव यानी महावारी में गड़बड़ी
  • योनि में रूखापन और पेशाब करने में जलन
  • नींद न आने की समस्‍या
  • लगातार वजन बढ़ना
  • याददाश्‍त कमजोर होना
  • थकान और जोड़ों में दर्द

 

मेनोपॉज की समस्‍याओं से निपटें


नियमित व्‍यायाम

व्‍यायाम करके आप खुद को फिट और हेल्‍दी रख सकती हैं। इसलिए मेनोपॉज शुरू होने पर और उसके पहले से ही नियमित व्‍यायाम करने की आदत डालिए। आप इसके लिए वेट एक्‍सरसाइज, एरोबिक्स, और स्ट्रेचिंग आदि कर सकती हैं। इससे मेनोपॉज की समस्‍यायें कम होंगी।

Menopause Problems

 

तनाव से बचें

मेनोपॉज ऐसी स्थिति है जिसमें तनाव और अवसाद होना आम हो जाता है। इसलिए इस समय अवांछित तनाव को कम करें। तनाव से मुक्ति पाने के लिए योग, ब्रीथिंग एक्सरसाइज और मेडीटेशन कीजिए।

 

खानपान पर ध्‍यान

संतुलित और पौष्टिक आहार लेकर आप बीमारियों से बच सकती हैं। इसलिए संतुलित आहार का सेवन करें। खाने में सैच्यूरेटेड फैट की मात्रा कम कीजिए और फल व हरी और रंगीन सब्जियों की मात्रा बढ़ाइये। सोया उत्‍पाद जैसे - सोयाबीनल, टोफू, सोयामिल्क और रोस्टेड सोया नट का सेवन करना आपके लिए फायेदमंद हो सकता है।

 

पॉजिविट सोचें

मीनोपॉज शुरू होने का मतलब यह नहीं कि आप अपने जीवन के ऐसे पड़ाव पर हैं जहां दुनियादारी आपके लिए बेगानी लगने लगे। बल्कि इस समय नकारात्‍मक सोच को दूर रखने का वक्‍त है। इसलिए जीवन के प्रति एक सकारात्‍मक रवैया अपनायें और हमेशा अच्‍छा सोचें।


मेनोपॉज की समस्‍याओं के उपचार के लिए कई प्रकार की दवायें भी उपलब्‍ध हैं, इसके अलावा हार्मोन थेरेपी जिसमें पिल्स, पैचेस, इम्पलांट और वजाइना क्रीम का प्रयोग भी आप कर सकती हैं। लेकिन इन उपचार को आजमाने से पहले चिकित्‍सक से सलाह जरूरी है।




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