गर्भावस्था में यूटीआई से निबटने के तरीके

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Sep 16, 2014
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Quick Bites

  • महिलाओं में यूरीन इंफेक्शन की समस्या ज्यादा होती है।
  • गर्भावस्था में यूरीन रोकना खतरनाक हो सकता है।
  • ज्यादा से ज्यादा पानी पीने की कोशिश करें।
  • बाथरूम की सफाई का खास खयाल रखें।

महिलाओं में यूरीन इंफेक्शन एक गंभीर समस्या है। इस यूरीन इंफेक्शन को यूटीआई के नाम से जाना जाता है का। आम दिनों में आप तो इस समस्या से जूझ सकती हैं लेकिन जरा सोचिए अगर गर्भावस्था के दौरान यह समस्या हो जाए तो इस स्थिति से कैसे निपटा जाए। गर्भावस्था एक खूबसूरत पल होता है जिसमें उन्हें एक-एक कदम बहुत संभल कर रखना होता है। थोड़ी सी भी चूक आप और आपके होने वाले बच्चे के लिए खरतनाक साबित हो सकती है।
uti in pregnancy in hindi

गर्भावस्था के दौरान यूटीआई होना आम नहीं है। यूरिन इफेंक्शन से ब्लैडर इफेक्शन या ब्लैडर कैंसर की समस्या होने की आशंका भी बढ़ जाती है। गर्भावस्था के दौरान यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन होने का सबसे मुख्य लक्षण है यूरिन पास करने के दौरान जलन या दर्द होना। आमतौर पर अधिकतर यूरिनेरी इंफेक्शन वैजाइना में बैक्‍टीरिया या फंगस के कारण या फिर त्वचा संक्रमण इत्यादि के कारण होते हैं, लेकिन यूटीआई बैक्टीरिया के माध्यम से होता है। यदि बैक्टीरिया लगातार ब्लैडर से शरीर में संक्रमित होते रहते हैं अथवा किडनी से ब्लैडर तक आते हैं या फिर खून में शामिल हो जाते हैं तो ये स्थिति गर्भावस्था के दौरान खतरनाक हो सकती है।

 

चिकित्सकों के मुताबिक कम पानी पीना भी महिलाओं में यूटीआई की वजह हो सकती है। महिलाओं को हर रोज कम से कम 12 गिलास पानी पीना चाहिए जिससे यूरीन के जरिए संक्रमण आदि को लगातार शरीर से बाहर निकाला जा सके। आइए जानें गर्भवस्था के दौरान यूटीआई से बचने के लिए महिलाओं को किस तरह की सावधानी बरतनी चाहिए।

पानी की कमी ना होने दें

यूटीआई की समस्या ज्यादातर कम पानी पीने वाली महिलाओं में देखी जाती है। अगर आप गर्भवती हैं तो और इस समस्या से ग्रस्त हैं तो ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं। इससे ब्लैडर में यूरीन का निर्माण बढ़ेगा और जब आप यूरीन पास करेंगी तो यूटीआई के बैक्‍टीरिया अपनेआप निकल जाएंगे।
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डॉक्टरी सलाह लें

गर्भावस्था में डॉक्टर से पूछे बिना ली जाने वाली कोई भी दवा आपकी गर्भावस्था पर असर डाल सकती है। अगर आप यूटीआई की समस्या से परेशान हैं तो खुद से कोई दवा लेनी की जगह डॉक्टर से संपंर्क करें और उसकी सलाह पर ही दवा लें।

यूरीन ना रोकें

गर्भवास्था के दौरान आपको कई बार यूरीन पास करने की जरूरत पड़ती है ऐसे में आप कभी भी इसे रोकने की कोशिश ना करें। अगर दवाब के बाद भी यदि तीन से चार मिनट भी पेशाब को रोका गया तो यूरिन के टॉक्सिक तत्व किडनी में वापस चले जाते हैं, जिसे रिटेंशन ऑफ यूरिन कहते हैं। यूरीन शरीर की सामान्य प्रक्रिया है, जिसे महसूस होने पर एक से दो मिनट के अंदर निष्कासित कर देना चाहिए। यदि वह थोड़े समय भी अधिक शरीर में रहते हैं तो संक्रमण की शुरुआत हो सकती है।

साफ-सफाई का ध्यान रखें

गर्भवती  महिलाओं में प्रतिरोधक क्षमता कम होती है इसलिये उन्‍हें यूरीन इंफेक्‍शन का खतरा बहुत ज्‍यादा होते हैं। इसलिए आप जब भी बाथरूम में जाएं तो साफ सफाई का खास ध्‍यान रखें और हो सके तो भारतीय शौचालय का ही प्रयोग करें। इससे आप यूटीआई की समस्या से काफी हद तक बच सकती हैं।

इन उपायों की मदद से आप गर्भावस्था के दौरान यूरीन इंफेक्शन से बच सकती हैं। अगर समस्या बढ़ जाए तो डॉक्टर के पास जानें में बिल्कुल ना संकोच करें।

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