इन बुरी आदतों की लत से बचें

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jul 21, 2011
Comment

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

  • बहुत कम लोग ही बुराइयों का मुकाबला कर पाते हैं।
  • इन बुरी आदतों का समाधान बहुत ही आसान है।
  • युवाओं में सबसे आम आदत है ‘धूम्रपान’।
  • हर रात स्नैक्‍स लेना एक बुरी आदत हो सकती है।

बुरी आदतों की लत मानव जीवन के लिए यह बहुत ही आम बात है, ‘हमारा दिमाग अच्छाइयों की जगह बुराइयों की ओर जल्दी आकर्षित होता है’। हममें से बहुत से लोग अपनी अच्छाइयों और बुराइयों को बहुत अच्छी तरह से जानते हैं। लेकिन बहुत कम लोग ही बुराइयों का मुकाबला कर पाते हैं। ऐसी आदतों की सूची बहुत लम्बी है, सामान्यत: कुछ 5 ऐसी आदतें हैं जो आमतौर पर बहुत से लोगों में पायी जाती हैं। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि इन बुरी आदतों का समाधान बहुत ही आसान है। ऐसे ही कुछ खास 5 आदतें हैं :

bad habbit in hindi

धूम्रपान

युवाओं में सबसे आम आदत है ‘धूम्रपान’। धूम्रपान की शुरूआत अकसर कालेज में दोस्तो के साथ होती है और फिर यह हमारी आदत बन जाती है। तनाव की स्थिति में आपको धूम्रपान से कुछ देर के लिए आराम मिल सकता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि धूम्रपान करने के 10 मिनट बाद हमारा दिमाग डोपामीन नामक रसायन बनाता है, जो एक न्यूरोट्रांस्मीटर की तरह काम करता है और इसी रासायन के कारण हम आनंदित होते हैं।

लेकिन शायद हममें से बहुत लोग नहीं जानते कि हफ्ते में सिर्फ दो से तीन बार भी इस प्रकार का आनन्दय उठाना हमारे लिए घातक हो सकता है। तम्बाकू की थोड़ी सी मात्रा भी स्वास्‍थ्‍य के लिए हानिकारक होती है। सिर्फ एक सिग्ररेट आपकी रक्त कोशिकाओं की आंतरिक दीवार को क्षति पहुंचा सकती है। इस क्षति के कारण हृदय से सम्बन्धीं बीमारियां और रक्त के थक्के जमने जैसी समस्याएं भी आ सकती हैं। इसलिए धूम्रपान जैसी आदत से आज ही छुटकारा पाने की कोशिश शुरू कर दें।

टी वी और स्नैक्स का मजा

टी वी देखते हुए स्नैक्स लेने का मज़ा ही कुछ और है। लेकिन आपकी यह आदत आपके स्वास्थ्य के लिए अच्छी नहीं। हालांकि हफ्ते में एक या दो बार आप ऐसा कर सकते हैं, लेकिन हर रात स्नैक्‍स लेना एक बुरी आदत हो सकती है। सोफे पर बैठकर ऐसे आहार का मजा लेना आपके शरीर और दिमाग को बर्बाद कर सकता है।

ऐसा पाया गया है कि वो लोग जो टी.वी से चिपके रहते हैं, वो 71 प्रतिशत तक अधिक आहार ग्रहण कर लेते हैं और यह कोई आश्चर्य की बात नहीं कि अगर आप हफ्ते में 19 घंटे टी वी देखते हैं तो आपमें ओवरवेट होने की सम्भावना 97 प्रतिशत बढ़ जाती है शोधों से ऐसा भी पता चला है कि अगर आप 80 मिनट से ज्यादा टी वी देखते हैं तो आपमें एलज़ाइमर बीमारी के होने की सम्भावना 30 प्रतिशत तक बढ़ जाती है। अगर आपके पास डिजिटल विडियो है तो इसका इस्तेमाल करें और शोज़ को रिकार्ड करें। हफ्ते में कम से कम तीन दिन दोस्तों से मिलने की योजनाएं बनाएं। किसी मनोरंजक गतिविधि में भाग लें और टी वी देखने की आदत को बदलें।


कैफीन ड्रिप

कैफीन आज हमारे आहार और पेय का एक बहुत ही महत्वपूर्ण भाग बन गया है। सबसे आम बात यह है कि हममें से बहुत से लोग इसके नुकसान पर ध्यान नहीं देते। लेकिन बहुत अधिक मात्रा में कैफीन लेने से हमारी चिंता बढ़ती है। वो लोग जो एक हफ्ते में प्रतिदिन 400 मिलीग्राम कैफीन लेते हैं उनमें 35 प्रतिशत तक इन्सुलिन को ग्रहण करने की क्षमता कम हो जाती है और डायबिटीज़ का खतरा बढ़ जाता है।

ऐसी आदतों को छोड़ने के लिए आप कुछ दिनों तक आहार की डायरी बना सकते हैं और अपने आहार में कैफीन के सभी स्रोत जैसे सोडा, काफी, चाय और ताकत वाले पेय की मात्रा का अनुमान लगा सकते हैं। ऐसा करने के बाद प्रतिदिन 10 प्रतिशत तक कैफीन की मात्रा कम करें। यह ऐसे और भी आसान हो सकता है जैसे कि आधा लीटर कोला की जगह 300 एमएल कोला लें अचानक से कैफीन की मात्रा कम करने से आपको तंद्रा आदि परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है लेकिन आप धीरे-धीरे इस मात्रा को कम कर सकते हैं ।


धुन पर झूमना

खाली समय में या काम के साथ अपनी फेवरेट धुन बजाने पर खाली समय आसानी से कट जाता है और काम के समय ऐसा करने से तनाव का स्तर कम होता है। कई बार हम काम के साथ साथ अपने आई पाड की आवाज़ बढ़ाते जाते हैं और हमें इस बात का अंदाज़ा नहीं होता कि हम कितनी तेज़ आवाज़ में गाना सुन रहें हैं। हमारे कानों में प्रतिरक्षा प्रणाली नहीं होती इसलिए इनके अतिरिक्त प्रभाव से हमारे इयरबड फट भी सकते हैं और आजीवन बहरापन भी हो सकता है। हमारे कानों को तब तक परेशानी नहीं होती जब तक कि आवाज़ 120 डेसीबेल से ज्यादा ना हो।

इस आदत से बचने के लिए आप गाने सुनें लेकिन कम आवाज़ में क्योंकि गाना सुनने का असली आनन्द भी हल्की आवाज़ में गाना सुनने से ही आता है। आइ पाड की आवाज़ इतनी होनी चाहिए कि आपको अपने आस-पास की आवाजें सुनाई दें और लोगों को आपको बुलाने के लिए तेज़ आवाज़ का प्रयोग ना करना पडे़। अगर धीरे-धीरे आप अपने आपको कम आवाज सुनने का आदि बना लेंगे तो सिर्फ हफ्ते भर बाद कम आवाज में भी संगीत का आनन्द उठा पायेंगे।


ड्राइविंग और मोबाइल का इस्तेमाल

यह जानते हुए कि ऐसी आदतें घातक हो सकती हैं, हम ऐसी आदतें अपनाते हैं। अगर आप पहली बार ऐसा करते हैं और आपको कुछ नहीं होता तो आपको लगता है कि आप दोबारा ऐसा कर सकते हैं और फिर यह आपकी आदत बन जाती है। ड्राइविंग करते समय मैसेज टाइप करना या फोन पर बातें करना हमारे लिए घातक हो सकता है। यहां तक कि हैडफोन का इस्तेमाल करते हुए भी आपके काम करने की क्षमता 20 प्रतिशत तक कम हो सकती है।

ऐसी आदत छोड़ने की शायद हम जरूरत ना समझते हों लेकिन ऐसा करके आप किसी अनहोनी से बच सकते हैं। ड्राइविंग करते समय अपने फोन को साइलेंट कर दें। लेकिन बहुत से लोग फोन साइलेंट करने के बाद उसे रिंगर पर रखना भूल जाते हैं इसलिए ड्राइविंग करते समय फोन ना उठाने की आदत अपनायें।

इस लेख से संबंधित किसी प्रकार के सवाल या सुझाव के लिए आप यहां पोस्‍ट/कमेंट कर सकते हैं।

Image Source : Getty

Read More Articles on Healthy Living in Hindi

Write a Review
Is it Helpful Article?YES2 Votes 14118 Views 0 Comment
प्रतिक्रिया दें
disclaimer

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर