थायराइड परीक्षण

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Nov 26, 2012
Comment

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

थायराइड ग्रंथि गले की निचले हिस्से में होती है। यह ग्रंथि हार्मोन का निर्माण करती है जो शरीर के मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करती है। शरीर में ऊर्जा, शरीर में अन्य हार्मोन्स व विटामिन के प्रयोग में थायराइड हार्मोन्स की महत्त्‍वपूर्ण भूमिका होती है।

अगर थायराइड ग्रंथि ज्यादा मात्रा में थायराइड हार्मोन का निर्माण करने लगती है तो इसे हाइपरथायराइडिज्म कहते हैं। इसके विपिरीत अगर थायराइड हार्मोन की निर्मोण कम होता है तो इसे हाइपोथायराइडिज्म कहते हैं। थायराइड की समस्या पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं में ज्यादा पाई जाती है। तनाव ग्रस्त होना थायराइड होने की वजहों में से एक है।

 

[इसे भी पढ़े: महिलाओं में थायराइड के लक्षण]

 

थायराइड परीक्षण

थायराइड का पता लगाने के लिए शारीरिक जांच के अलावा कुछ अन्य टेस्ट करवाया जाता है। जानिए क्या है वे टेस्ट-

थायराइड स्टीम्यूलेटिंग हार्मोंन( टीसीएच)

ज्यादत्तर मामलों में टीसीएच टेस्ट के जरिए थायराइड का पता लगाया जाता है। अगर रोगी के रक्त में थायराइड हार्मोन की मात्रा ज्यादा है तो  वह हाइपरथायराइडिज्म में ग्रस्त है और रोगी की टीसीएच कम है।  इसके विपरीत अगर रोगी के रक्त में थायराइड हार्मोन की मात्रा कम है तो रोगी हाइपोथायराइडिज्म का शिकार है और उसका टीसीएच अधिक है।

 

टी4

T4 थायराइड हार्मोंन्स  में से एक है। उच्च टी4 हाइपरथायरडिज्म की ओर संकेत करता है और निम्न टी4 हाइपोथायराइडिज्म को दर्शाता है।  

 

[इसे भी पढ़ें: बच्चों में थायराइड समस्याएं]

ट्राईओडोथायरीन (टी3)

टी3 भी थायराइड हार्मोंन्स में से एक है। रोगी में टी3 की बढ़ी हुई मात्रा हायपरथायराइडिज्म की ओर इशारा करती है वहीं टी3 की कम मात्रा हाइपोथायरराइडिज्म को बताता है।

 
 
टीएसआई

यह रोग प्रतिकारक ग्रेव्स रोग में पाया जाता है।

 

एंटीथायराइड एंटीबॉडी

यह रोग प्रतिकारक ग्रेव्स रोग व हाशीमोटोज में पाया जाता है।

 

 

[इसे भी पढ़ें: थायराइड में इन खाद्य पदार्थों से दूर रहें]

न्यूक्लिअर थायराइड स्कैन

इस जांच के दौरान रेडियोएक्टिव आयोडीन की थोड़ी सी मात्रा रक्त में पहुंचाया जाता है, जो पूरे शरीर में पहुंचता है। थायराइड स्कैन के जरिए थायराइड ग्रंथि के आकार व स्थान का पता लगाया जाता है। इसमें यह पता लगाया जा सकता है कि रोगी को हाइपरथायराइ है या हाइपोथायराइड। ध्यान रहें जब गर्भावस्था के दौरान यह जांच नहीं कराई जा सकती है।

 

थायराइड अल्ट्रासाउंड

थायराइड अल्ट्रासाउंड की मदद से थायराइड ग्रंथि में नोड्यूल्स के आकार, संख्या व प्रकार का पता लगाया जा सकता है। इस परीक्षण के जरिए बढ़ी हुई पैराथायराइड ग्रंथि व थायराइड ग्रंथि के पास लिंफ नोड्स की पहचान की जा सकती है।

 

Read More Articles On Thyroid In Hindi

Write a Review
Is it Helpful Article?YES28 Votes 18281 Views 0 Comment
प्रतिक्रिया दें
disclaimer

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर