महिलाओं के नारियल नहीं फोड़ने के पीछे छुपे हैं ये राज

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Sep 13, 2016
Comment

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

  • नारियल में तीनों देवताओं का वास होता है।
  • विश्व के निर्माण से पहले हुआ था नारियल का निर्माण।
  • किसी भी नए काम की शुरुआत नारियल फोड़ कर।
  • लेकिन महिलाओं को नारियल फोड़ने की मनाही है।

हिंदू संस्कृति में ऐसे बहुत से काम हैं जो महिलाओं के लिए वर्जित हैं, जिस पर कई बार लोगों ने आपत्तियां भी दर्ज की हैं। लेकिन ये आपत्तियां केवल बिना सर-पैर के नहीं है। इसके पीछे हिंदू-संस्कृति में कई कारण भी दिए जाते हैं। ऐसे ही कुछ वर्जित कार्यों में से विशेष है महिलाओं का नारियल ना फोड़ना।

जी हां, हिंदू-संस्कृति में महिलाओं को नारियल फोड़ने की मनाही है।

इसे भी पढ़े- इसलिए सोएं बायी करवट


वैसे हिंदू धर्म में नारियल को बहुत अधिक शुभ माना जाता है और अक्सर बहुत नए या जरूरी व शुभ काम करने से नारियल का फोड़ना शुभ और जरूरी माना जाता है। लोग तो नए काम की नींव ही नारियल फोड़ कर करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी ऐसा सोचा है क्यों?


मान्यता है कि नारियल को श्रीफल भी कहते हैं। किसी भी नए काम का श्रीगणेश करने से पहले श्रीफल फोड़ने के पीछे एक पुरानी मान्यता है। मान्यता है कि जब भगवान विष्णु ने पृथ्वी पर अवतार लिया तो वे अपने साथ तीन चीजें लेकर आए थे, देवी लक्ष्मी, नारियल का वृक्ष तथा कामधेनु। इसलिए नारियल के वृक्ष को श्रीफल भी कहा जाता है।

 

नारियल बिना हर पूजा अधूरी

हर पूजा को नारियल के बिना अधूरा समझा जाता है और पूजा के अंत में नारियल फोड़ना जरूरी समझा जाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि सिर्फ पुरुष ही क्यों नारियल फोड़ते हैं? क्यों पंडित और घर के बुजुर्ग महिलाओं को नारियल फोड़ने से मना करते हैं?

इसे भी पढ़े- अपनी उंगुलियों की लंबाई से जानें अपना नेचर

 

इस कथा में छुपा है राज

इसके पीछे का राज इस पौराणिक कथा में छुपा है। जब विश्व का निर्माण करने के लिए ब्रह्मा  निकले तो उन्होंने विश्व का निर्माण करने से पहले नारियल का निर्माण किया। माना जाता है कि नारियल में ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों ही देवताओं का वास है। इस कारण से भी महिलाओं को नारियल से दूर रखा जाता है।

 

ये भी है कारण

दरअसल नारियल को लोग बीज भी मानते हैं। अब क्योंकि माहिलाएं शिशुओं को जन्म देती हैं, जिससे इस संसार का चक्र जारी रहता है। ऐसे में नारियल को फोड़ने का मतलब है की बीज को फोड़ना। तो इसलिए माना जाता है कि दूसरे को जन्म देने वाली महिलाएं खुद से एक बीज को कैसे नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसलिए उन्हें नारियल फोड़ने से रोका जाता है।

 

Read more articles on mind-body in Hindi.

Write a Review
Is it Helpful Article?YES22 Votes 3722 Views 0 Comment
प्रतिक्रिया दें
disclaimer

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर