ऐसे ना लगाएं आईलाइनर, वर्ना छिन जाएगी आंखों की रोशनी

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Apr 02, 2015
Comment

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

  • आईलाइनर लगाने का गलत तरीका हो सकता है घातक।
  • आई एंव कांटैक्ट लैंस साइंस जर्नल में प्रकाशित हुई खबर।
  • वाटरलू विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने किया अध्ययन।
  • आईलाइनर के कण अश्रु झिल्ली के भीतर चले जाते हैं।

आईलाइनर आंखों की खूबसूरती में चार चांद लगा देता है। छोटी आंखें भी आईलाइनर लगा लेने भरी से और खूबसूरत लगने लगती हैं। लेकिन इसे लगाने का भी एक सही तरीका होता है। लगत तरीके से आईलाइनर नगाने से न सिर्फ मेकअप खराब होता है, बल्कि आपकी आंखों को काफी नुकसान पंहुचा सकता है। आई एंड कांटेक्ट लेंस जर्नल में प्रकाशित एक नए शोध के अनुसार यदि लैश लाइन की रेखा के भीतर आईलाइनर लगाया जाए तो ये नजर को धुंधला कर सकता है तथा इस्‍की (icky) नेत्र रोग भी पैदा कर सकता है। तो चलिये विस्तार से जानें कि आईलाइनर लगाने का गलत तरीका आंखों के लिये कितना घातक हो सकता है।

Eyeliner in Hindi

एक नए शोध में चेतावनी दी गई कि आंखों की पलकों के भीतर और बाहर लगाया जाने वाला आईलाइनर आंखों की रोशनी को नाकारत्मक रूप से प्रभावित कर सकता है। यह इस तरह का पहला अध्ययन है जो ये बताता है कि पेंसिल आइलाइनर लगाते वक्त इसके कण आंखों में चले जाते हैं।

इसे भी पढ़े: फाउंडेशन ऐसे लगाएं

शोधकर्ताओं ने इस अध्ययन को करने के लिए वीडयो रिकॉर्डिंग की मदद ली। पहले तो उन्होंने कई प्रकार से मेकअप किया और फिर तुलना करके देखा कि आइलाइनर के कण कितनी मात्रा में आंखों की आसुओं वाली झिल्ली पर पहुंचते हैं। दरअसल अश्रु झिल्ली आंखों पर एक पतली परत के रूप में मौजूद होती है जो आंखों की रक्षा करती है।

वाटरलू विश्वविद्यालय के साइंटिस्ट डॉक्टर एलिसन नग के अनुसार, ‘हमने अध्ययन के दौरान पाया कि मेकअप करने से आंखों में आईलाइनर के कण चले जाते हैं और जब आईलाइनर को आंख की पलकों की भीतर लगाया जाता है तो ये ज्यादा तेजी से आंख के भीतर जाते हैं।’ इस अध्ययन में हर प्रतिभागी ने पहले पलकों के बाहर की तरफ चमकने वाले (ग्लिटर) आइलाइनर को लगाया और फिर बाद में आंख से ज्यादा नजदीक रहने वाली पलकों की अंदरूनी ओर इसे लगाया।


विजन वैज्ञानिकों ने पाया कि आंखों के भीतर की ओर आइलाइनर लगाने पर पांच मिनट के अंदर ही 15 से 30 प्रतिशत ज्यादा कण आंखों की अश्रु झिल्ली पर पहुंच गए। गौरतलब है कि यह शोध आई एंव कांटैक्ट लैंस साइंस एंड क्लीनिकल प्रैक्टिस जर्नल में प्रकाशित हुआ।

 

Image Source - Getty Images

Read More Articles on Beauty Tips in Hindi

Write a Review
Is it Helpful Article?YES27 Votes 7003 Views 0 Comment
प्रतिक्रिया दें
disclaimer

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर