तेज आवाज में संगीत कर सकता है बहरा

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jun 21, 2012
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tez awaz me sangeet kar sakta hai behraयुवाओं में आईपॉड या फोन पर तेज आवाज में संगीत सुनने का चलन जोरो पर है। भले ही यह शौक उन्‍हें कुछ देर के लिए आनंद प्रदान करे, लेकिन वे इस बात से बेखबर हैं यह उन्‍हें बहरेपन की ओर ले जा रहा है।  हाल ही में हुए एक शोध में पता चला है कि तेज आवाज में संगीत सुनना महज छह महीने में बहरा बना सकता है।

 

एडिथ कोवान यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ सायकॉलजी एंड सोशल साइंस के शोधकर्ता पॉल चांग ने अपनी रिपोर्ट नोइज इंडयूस्ड हीयरिंग लॉस (एनआईएचएल) में कहा है कि युवाओं के लिए तेज आवाज में संगीत सुनना पूरे जीवन भर के लिए बहरेपन का कारण बन सकता है।

चांग ने अलग-अलग आयु वर्ग के तीन ग्रुपों के बीच शोध किया। चांग ने यह जानने का प्रयास किया कि ये लोग किस हद तक तेज आवाज में संगीत सुनते  हैं। वह यह भी पता लगाना  चाहते थे कि क्‍या लोगों को इसके बुरे असर के बारे में जानकारी भी है अथवा नहीं।  

 

चांग ने पाया कि 12 से 17 साल के 50.6 फीसदी युवा निजी हेडफोन से संगीत सुनते है। 18 से 25 साल के 87.2 फीसदी लोग संगीत कार्यक्रम के बाद बजते कानों के साथ घर लौटते है।

यही नहीं, 66.3 फीसदी किशोर किसी प्रकार का हीयरिंग प्रोटेक्शन का इस्‍तेमाल भी नहीं करते।

 

चांग ने कहा कि युवा काफी सामाजिक होते है और सुनने की शक्ति का प्रभावित होना उनके सामाजिक हालात का लुत्फ लेने पर विपरीत प्रभाव डाल सकता है।

 

तेज संगीत के कारण सुनने की शक्ति के क्षीण होने के बाद युवा सामाजिक हालात का लुत्फ नहीं ले सकते और फिर वे सामाजिक तौर पर दूसरों से कटने लगते है।

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