गर्भावस्‍था के दौरान दांतों का मलीनीकरण

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Sep 21, 2011
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Quick Bites

  • गर्भावस्था में दांतों की देखभाल करनी चाहिए।
  • हल्के ब्रश से धीरे-धीरे प्रतिदिन ब्रश करना चाहिए।
  • गर्भावस्था में आमतौर पर दांतों की समस्या होती हैं।
  • गर्भावस्था में पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम लेना चाहिए।

गर्भावस्था के दौरान दांत मलिनकिरण यानी दांतों में पीलापन हो जाता है, जो कि गर्भावस्था के बाद भी स्थाई रह सकता है। ऐसे में गर्भावस्था के दौरान दांतों की अच्छी तरह से देखभाल करनी चाहिए। गर्भावस्था में दांतों और मसूढ़ों में परिवर्तन हो जाता है। कई बार दांत पीले भूरे रंग के हो जाते हैं। गर्भावस्था में मां के स्‍वास्‍थ्‍य का रख-रखाव बेहद जरूरी हैं और शारीरिक स्‍वास्‍थ्‍य की देखभाल करना भी। दांतों की देखभाल करते हुए हल्के ब्रश से धीरे-धीरे प्रतिदिन ब्रश करना चाहिए। आइए जानें गर्भावस्था के दौरान दांत मलिनकिरण से कैसे बचा जा सकता हैं।

teeth discoloration during pregnancy in hindi

दांतों का मलीनीकरण

  • दांतों की समस्या किसी भी उम्र में हो सकती हैं लेकिन गर्भावस्था में आमतौर पर दांतों की समस्या होती हैं। दांतों की सही देखभाल न करने पर दांत जल्दी टूट सकते है या दांतों में दर्द की शिकायत हो सकती हैं।
  • दांतों में लंबे समय तक पीलापन और सांसों की बदबू एक ऐसी समस्या हैं जो आपका आत्मविश्वास तो कम करती ही हैं साथ ही आपको सोशल होने से बचाती है, ऐसे में गर्भावस्था के दौरान इस समस्या से बचने के लिए गर्भवती को संतुलित आहार के साथ ही पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम लेना चाहिए।
  • लापरवाही बरतने से सिर्फ गर्भवती महिलाओं को ही नहीं बल्कि गर्भस्थ शिशु को भी भविष्य में दांत मलिनकिरण की समस्याओं हो सकती हैं।
  • गर्भाशय में जब बच्चे का शरीर बनना शुरू होता है तो सबसे पहले बच्चा मां के शरीर से कैल्शियम लेता है। जिसके कारण मां के शरीर में अचानक कैल्शियम की कमी हो जाती है। इसका असर आमतौर पर दांतों पर भी देखने को मिलता  है। इस कारण दांतों के साथ-साथ मां के मसूड़ों को भी हानि होती है।          
  • कई बार दांतों की ऊपरी परत (इनेमिल) भी खराब हो जाती है तथा दांतों में सुराख भी बन सकते हैं। गर्भावस्था के दौरान दांतों में होने वाले बदलाव का कारण कैल्शियम की कमी तथा हार्मोन्स में बदलाव होना भी हो सकता है।
  • गर्भावस्था के दौरान मसूड़ों के फूलने और दांतों में दर्द होने से दांत मलिनकिरण की समस्या भी हो जाती है और इस समस्या का कारण आमतौर पर मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन करना होता है।
  • दांतों को बैक्टरिया संक्रमण से बचाने के लिए दांतों की अच्छी तरह सफाई के साथ ही खाना खाने के बाद अच्छी तरह से कुल्ला करना चाहिए।
  • गर्भावस्था के दौरान दांतों को सही रखने के लिए पूरी तरह पका हुआ भोजन ही खाना चाहिए, क्योंकि सब्जियों को अच्छी तरह पकाने से इसके बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं और आंतों तक नहीं पहुंच पाते।
  • दांतों को मलिनकिरण से बचाने के लिए मसूड़ों की मालिश करनी चाहिए। फिटकरी के पानी से मुंह को एक बार अवश्य धोना चाहिए।
  • गर्भावस्था में कैल्शियम युक्त भोजन का अधिक से अधिक मात्रा में उपयोग करना चाहिए तथा दांतों के डॉक्टर से सलाह ले लेना चाहिए।
  • दांतों को मजबूत बनाने और पीलेपन से बचाने के लिए नीम, बबूल, कीकर आदि से भी दातून किया जा सकता है। या फिर आम के पत्तों के बारीक चूर्ण से भी दांतों की सफाई करना लाभकारी होता है।
  • दांतों के लिए किसी भी प्रकार का अच्छा पेस्ट का प्रयोग कर सकते हैं यदि फ्लोराइड हो तो अधिक अच्छा होगा। डाक्टर की सलाह के बिना फ्लोराइड की गोलियों का प्रयोग नहीं करना चाहिए।

Image Source : Getty
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