पेट में होने वाले दर्द को ना करें नजरअंदाज

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Apr 19, 2013
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Quick Bites

  • पेट में होने वाले लगातार दर्द को नजरअंदाज ना करें।
  • पेट में सूजन महसूस होने पर डॉक्टर से संपंर्क करें।
  • शुरुआती अवस्था में पेट के कैंसर का इलाज संभव है।
  • पेट में जलन और भूख की कमी पेट के कैंसर के लक्षण हैं।

पेट का कैंसर हमारी पाचन प्रणाली पर बुरा प्रभाव डालता है। पेट को मेडिकल भाषा में 'गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल' क्षेत्र कहा जाता है। पाचन प्रणाली का कोई भी रोग शरीर की सेल्‍स और टिश्यूज को नुकसान पहुंचा सकता है।

 

पेट कैंसर के साथ सबसे बड़ी जटिलता यह है कि शुरू में इस रोग में ज्‍यादातर लोगों में इसके कोई भी लक्षण प्रकट नही होते हैं। और अगर अक्‍सर लक्षण प्रकट होते भी है तो उन पर ध्‍यान नही दिया जाता क्‍योंकि ज्‍यादातर स्टमक कैंसर के अधिकतर लक्षण अल्‍सर, वायरस और अन्‍य पेट सम्‍बन्‍धी विकारों की तरह ही होते हैं। दूसरे शब्दों में, इस रोग के लक्षणों में स्पष्टता का अभाव होता है। स्टमक कैंसर के प्रमुख लक्षण हैं- भोजन के बाद उल्‍टी, जी मिचलाना, भूख घटना, अपच रहना, दस्‍त (डायरिया) या कब्‍ज। अन्‍य लक्षणों में शामिल हैं - अचानक वजन घटना, भूख घटना, मल में रक्‍त आना या उल्‍टी, और काला, बदबूदार मल।

 

stomach ache

पेट के कैंसर के लक्षण

पेट कैंसर के साथ जटिलता यह है कि इनमें से अधिकतर लक्षण तब ही प्रकट होते हैं, जब रोगी बदहजमी, पेट के अल्सर या साधारण वाइरल फीवर से पीड़ित होता है। धूम्रपान और बहुत अधिक शराब पीना पेट कैंसर का सबसे सामान्य कारण है। इसी तरह शरीर में विटामिन बी-12 का अभाव भी पेट कैंसर का कारण बन सकता है। इसमें सदेह नहीं कि फलों और सब्जियों से युक्त स्वास्थ्यप्रद भोजन सभी तरह के कैंसर के खिलाफ सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं। विशेष रूप से उदर और आत के कैंसर में।

 

1. जल्दी अपच या जलन और भूख की कमी
2. पेट में दर्द या पेट के ऊपरी हिस्से में बेचैनी
3. मिचली और उल्टी
4. दस्त या कब्ज
5. खाने के बाद पेट की सूजन
6. वजन में कमी
7. कमजोरी और थकान
8. रक्तस्राव होता है (उल्टी रक्त या मल में रक्त), जो रक्ताल्पता का कारण हो सकता है।
9. डिसफेज़िया असुविधा से कार्डिया या गैस्ट्रिक ट्यूमर का इसोफेगस में विस्तार।

symptoms of cancer

 

पेट का कैंसर अक्सर लक्षणहीन होता है या आप यह कह सकते है कि प्रारंभिक अवस्था में इसके लक्षण अस्पष्ट होते है। आम तौर पर, जिस समय शरीर में ये लक्षण पाए जाते हैं, मुख्य कारणों में से कैंसर के कारणों का जब पता चलता है तब तक यह अपनी खराब पूर्वानुमान के साथ अन्य भागों में मेटास्टेटाईज हो जाता है।

 

इलाज

अगर मरीज को कैंसर के शुरुआती दौर में ही पता चल जाए तो कैंसर वाले भाग को निकाल दिया जाता है और मरीज पूरी तरह ठीक हो जाता है। पेट के कैंसर को सर्जरी या एडवांस नॉन सर्जिकल प्रक्रिया से ठीक किया जा सकता है।’

पारम्परिक एंडोस्कोपी में डॉक्टर और सर्जन मरीज के पेट की अंदरूनी लाइनिंग को देख सकते हैं, लेकिन ई यू एस डॉक्टर को सभी परतें देखने में मदद करता है। इसका मतलब है कि पहले एंडोस्कोपी और एक्स-रे की मदद से डॉक्टर सतह की लाइनिंग पर असामान्य विकास को देख सकते थे, लेकिन ई यू एस द्वारा असामान्य विकास की प्रकृति को समझ कर डॉक्टर इलाज का बेहतरीन विकल्प बताने में समर्थ होते हैं। इसके साथ ईयूएस की खासियत है कि ये आसपास के एरिया जैसे कि पित्ताशय, आम पित्त नली, अग्नाशय नलिका इत्यादि को देखने और उसका आंकलन करने में मदद करता है।

 

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