शेकेन बेबी सिंड्रोम के लक्षण

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Sep 30, 2011
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Shaken baby syndrome kya hai शेकेन बेबी सिंड्रोम मस्तिष्क के आघात का प्रकार है, जिसके कारण बच्चे हिंसक व्यवहार करते है। किसी भी प्रकार का हिंसक व्यवहार गंभीर मस्तिष्क आघात, रीड़ की हड्डी की चोट, या आंखो से रक्त स्राव कर सकता है।

शेकेन बेबी सिंड्रोम ज्यादातर एक वर्ष तक के शिशु में विकसित होता है। दो से चार महीने के बीच के आयु वर्ग के बच्चों के विकास में शैकन बेबी सिंड्रोम का सबसे अधिक खतरा होता हैं। दो साल की उम्र के बाद तक के बच्चों में इस सिंड्रोम के विकास का जोखिम कम से कम होता है। हालांकि, अगर बच्चा विचलित होता है या अत्यंत हिंसक होता है तो चार और छह साल के बीच की उम्र में इस समस्या के विकसित होने का खतरा हो सकता है। शैकन बेबी सिंड्रोम का बच्चे के सामान्य संकेतों का नीचे उल्लेख किया गया हैः


शेकन बेबी सिंड्रोम के लक्षण

  • सबड्यूरल हेमाटोमा।
  • आंखो से रक्त स्राव।
  • मस्तिष्क में सूजन।
  • चूसने या निगलने में समस्या।
  • उल्टी।
  • भूख कम लगना।
  • पुतली के अलग आकार (आँखों में)।
  • सिर को एक तरफ से दूसरी तरफ करने में असमर्थता।
  • साँस लेने में समस्या।
  • ऐंठन
  • सतर्कता में कमी।
  • व्यवहार में अचानक परिवर्तन जैसेकि अधिक चिड़चिड़ापन।
  • सुस्ती और अधिक नींद आना।
  • चेतना की हानि।
  • दिखाई देने में असमर्थता।
  • नीली त्वचा या पीला त्वचा।



शेकेन बेबी सिंड्रोम के गंभीर परिणाम हो सकते है यदि समय पर इसका निदान या उपचार न किया जाए। यह निम्न की समस्याओं का कारण बन सकते हैः

 

  • विकलांगता।
  • रिब फ्रैक्चर।
  • दृष्टिहीनता।
  • मस्तिष्क पक्षाघात।
  • जीर्ण जब्ती।


एक औसत पर, शैकन बेबी सिंड्रोम के कारण चार बच्चों में से एक की मृत्यु होती है। कुछ मामलों में शेकन बेबी सिंड्रोम के कोई स्पष्ट शारीरिक लक्षण नही हैं। यह इस सिंड्रोम से निदान पाना मुश्किल है।


शेकेन बेबी सिंड्रोम का निदान


अधिकांश मामलों में शैकन बेबी सिंड्रोम का डायग्नोस नही हो पाता। यह इसलिए है, क्योंकि माता-पिता या देखभाल करने वाले व्यक्ति या तो आघात के विषय में अंजान होते है या उनके बच्चे के हिंसक व्यवहार के बारे में झूठ बोलते है। शेकेन बेबी सिंड्रोम के निदान के लिए आपके चिकित्सक को निम्न करना होगाः

 

नैदानिक परीक्षणः किसी भी संकेत लक्षण के होने पर आप का चिकित्सक (चुंबकीय अनुनाद इमेजिंग) एमआरआई या बच्चे के सिर का गणना टोमोग्राफी (सीटी) करने के लिए कह सकता है।


शारीरिक जांचः अनुभवी नेत्र रोग विशेषज्ञ से जाँच करवाना रोग के सही निदान के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यह इसलिए क्योंकि आंखो से खून बहना एक अपना विचित्र संकेत है।

शिशु में बारीकी से किसी भी प्रकार के बदलते व्‍यवहार पर नजर रखे।

पसलियों में फ्रैक्चर का पता लगाने के लिए एक्स-रे किया जाता है।


सावधानी या चेतावनी

  • खेलने या क्रोध के दौरान कभी भी अपने बच्चे को विचलित न करें।
  • यदि आप अपने गुस्से पर काबू पाने में सक्षम नही है तो पेरेंटिग क्लास में भाग ले या काउंसलर की मदद लें।
  • बेबी सीटर, देखभाल करने वाले और यहां तक कि नए माता पिता को शेकिंग शिशु के परिणामों के बारे में सूचित किया जाना चाहिए।

 

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