ओरल कैंसर के लक्षण और उससे बचने के तरीक

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Mar 22, 2013
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Quick Bites

  • ओरल कैंसर पुरुषों में पाया जाने वाला सर्वाधिक कैंसर है।
  • महिलाओं में पाया जाने वाले कैंसर में तीसरे नम्बर पर है।
  • शुरुआती समय में पता लगाने पर इसका इलाज मुमकिन है।
  • इस कैंसर में रोगी को सांस लेने या खाने में परेशानी होती है।

मुंह का कैंसर, जिसे ओरल कैंसर भी कहा जाता हैं, आज हमारे आस पास बहुत ही तेज़ गति बढ़ता जा रहा है जिसका कारण पान मसाला, तम्बाकू व गुटका जैसी चीज़ो का लगातार सेवन करना है। यह भारत की एक प्रमुख स्‍वास्‍थ्‍य संबंधित चिंता का विषय है। यह पुरूषों में सर्वाधिक पाया जाने वाल कैंसरों में से एक है और महिलाओं में तीसरा सर्वाधिक कैंसर हैं।ओरल कैंसर का सबसे बड़ा कारण तम्‍बाकू का सेवन है। तम्‍बाकू पदार्थों से दूर रहकर इस कैंसर से बचा जा सकता है। पुरुष सबसे अधिक इस कैंसर से प्रभावित होते हैं। हर साल बड़ी संख्‍या में लोग इस बीमारी का शिकार होते हैं। और उनमें से कई मौत का ग्रास बन जाते हैं।


Oral Cancer

शुरूआत में इलाज है मुमकिन


मुंह का कैंसर बहुत ही तेजी़ से बढ़ने वाली बीमारी है और कठिन परिस्थितियों में मरीज़ की जान भी जा सकती हैं। मुंह के कैंसर की शुरूवाती परिस्थितियों में मुंह में लाल या सफेद पैच पाया जाता है, कुछ परिस्थितियों में न ठीक होने वाला दर्द युक्त अल्सर भी हो सकता है या फिर बिना दर्द वाला कोई छोटा दाना जो बहुत दिनों से नहीं ठीक हो रहा हो। ये वो स्थितियॉं हैं, जब कैंसर को पहचानना मुश्किल होता है लेकिन अगर इन स्थितियों में कैंसर को पहचाना जाता है तो इसका इलाज़ मुमकिन होता है। कैंसर जैसी बीमारी का पता शुरूवाती दौर में लगना बहुत ज़रूरी होता है।

 

कैंसर के लक्षण

कैंसर को विस्तार पाने में देर नहीं लगती और बढ़ी हुई स्थितियों में मरीज़ को बहुत दर्द होता है, उसे खाने पीने व सांस लेने में तो परेशानी होती ही है साथ ही मुंह से खून भी आता है। गले में या आसपास की जगह पर सूजन भी आ जाती है।


गले में गांठ जैसी बन जाती है। मुंह खोलने में परेशानी होती है। गले में हमेशा खराश की समस्या रहने लगती है। थोड़ा सा भी मसालेदार भोजन खाने पर परेशानी हो जाती है।

 

बचाव है आसान

मुंह के कैंसर से बचाव आसान है और कुछ सावधानियां बरतकर कैंसर को होने से रोका जा सकता है। किसी भी प्रकार के तम्बाकू व गुटके जैसी चीज़ो का सेवन न करें और अगर करते है तो सावधानी बरतें। किसी भी प्रकार का नशा करने से बचें।


मुंह के कैंसर की पहचान

  • शरीर का वो भाग जिसमें कि कैंसर की संभावना है उसमें से थोड़े से रक्त की जॉच कराएं।
  • बायोप्सी द्वारा मसल्‍स की जॉच।
  • शुरूआती दौर में कैंसर का पता लगने पर उसकी रोकथाम सर्जरी या रेडियेशन से की जा सकती है।



कैंसर जैसी बीमारी का पता समय रहते लग जाना चाहिए, नहीं तो आगे चलकर इसका इलाज बहुत ही मुश्किल हो जाता है और कभी कभी तो नामुमकिन भी हो जाता है। अगर कैंसर का पता बहुत दिनों बाद लगता है तो इसका उपचार कीमोथेरेपी या रेडियोथेरेपी से मुमकिन है।

 

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