नजरअंदाज न करें, इतने सामान्य लक्षण भी हो सकते हैं साइलेंट हार्ट अटैक का संकेत

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Dec 28, 2017
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Quick Bites

  • साइलेंट हार्ट अटैक को ज्यादा खतरनाक माना जाता है।
  • आम हार्ट अटैक की तरह सीने में तेज दर्द और जलन नहीं होती है।
  • इसमें मरीज को पता भी नहीं चलता कि उसे हार्ट अटैक हुआ है।

साइलेंट हार्ट अटैक को सामान्य हार्ट अटैक से ज्यादा खतरनाक समझा जाता है क्योंकि आम हार्ट अटैक की तरह इसमें सीने में तेज दर्द और जलन नहीं होती है। नाम के अनुरूप ही ये साइलेंट होता है और इसमें रोगी बाहर से सामान्य लगता है। हालांकि हार्ट अटैक के जितने मामले सामने आते हैं, उनमें से 25% मामले ही साइलेंट हार्ट अटैक के होते हैं। हार्ट अटैक इसलिए होता है क्योंकि हार्ट तक ब्लड पहुंचाने वाली धमनियों में वसा के थक्के जम जाते हैं जिससे ये ब्लड को उस तक नहीं पहुंचा पाते। ब्लड का सर्कुलेशन रुक जाने से मांसपेशियों में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। ऐसे में अगर सही समय पर ब्लड का सर्कुलेशन ठीक नहीं किया जाता, तो हार्ट के मांसपेशियों में खून की गति रुक जाती है। हार्ट अटैक से होने वाली ज्यादातर मौत इसी थक्के के फट जने से होती है।

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साइलेंट हार्ट अटैक को ज्यादा खतरनाक माना जाता है। इसका कारण ये है कि इसमें मरीज को पता भी नहीं चलता कि उसे हार्ट अटैक हुआ है। ऐसे मामलों में दिखाई देने वाले कुछ लक्षण इतने सामान्य होते हैं कि मरीज उन्हें नजरअंदाज कर देता है। इन मामलों में ज्यादातर लोगों की मौत उनकी इसी नासमझी के कारण होती है। इसलिए रोजमर्रा के सामान्य लगने वाले इन लक्षणों के बारे में जानकारी जरूरी है ताकि आप इन्हें नजरअंदाज न करें।

साइलेंट हार्ट अटैक के लक्षण

  • सीने में हल्का सा दर्द होना
  • सांस लेने में तकलीफ महसूस होना
  • अचानक से कमजोरी का एहसास होना
  • गले और जबड़े में तकलीफ होना
  • दिल में हल्का सा करंट लगने जैसा महसूस होना
  • पेट में गैस बनना और पेट में गड़बड़ महसूस होना
  • अचानक से तेज गर्मी लगना और पसीना आने लगना
  • अचानक से मितली और उल्टी होने लगना

ये लक्षण इतने सामान्य हैं कि इनके दिखने पर किसी का भी ध्यान हार्ट अटैक जैसी बड़ी बीमारी पर नहीं जाएगा। लेकिन अगर यही लक्षण 15 मिनट से ज्यादा समय तक महसूस हों या धीरे-धीरे बढ़ते जा रहे हों, तो आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। आमतौर पर ये हार्ट अटैक 50 की उम्र के बाद ही होते हैं। लेकिन अगर किसी को डाइबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी बीमारियां हैं या स्मोकिंग और अल्कोहल की लत है, तो हार्ट अटैक 40 की उम्र तक भी आ सकता है। हार्ट अटैक कई बार इंसान को संभलने का ज्यादा वक्त नहीं देता है इसलिए जरूरी है कि बिना किसी रोग या रोग के लक्षण के भी आप साल में एक बार अपनी पूरी बॉडी का चेकअप करवाएं।

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