गर्भावस्था में ऐंठन के लक्षण

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 31, 2011
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Quick Bites

  • गर्भावस्था के प्रारंभिक बदलावों में गर्भाशय में ऐंठन भी एक है।
  • हाथ-पैरों में ऐंठन और नियमित रूप से कब्ज, ऐंठन में शामिल।
  • पेट में तीव्र दर्द होना भी गर्भावस्था में ऐंठन के लक्षण हैं।
  • खुली हवा में टहलने से ऐंठन कम होने में मदद मिलती है।

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को अतिरिक्त देखभाल करने की आवश्यकता होती है क्योंकि जरा सी चूक से गर्भपात का खतरा रहता है। गर्भावस्था के प्रारंभिक लक्षणों में महिला में कई बदलाव आते हैं। कई बार इन बदलावों के दौरान पेट में तीव्र दर्द, गर्भाशय में ऐंठन, कभी ये ऐंठन अधिक होती है तो कभी कम। इसके अलावा कई और लक्षण गर्भावस्था में दिखाई देते हैं। आइए जानें गर्भावस्था में ऐंठन के लक्षणों के बारे में।


Pregnancy pain

गर्भावस्था में ऐंठन के लक्षण-

  • गर्भावस्था के दौरान स्त्री के हाथों और पैरों में अधिक ऐंठन रहती है। हाथों और पैरों में ऐंठन का मुख्य लक्षण है नियमित रूप से कब्ज रहना। यदि गर्भवती महिला को शरीर में अधिक कमजोरी महसूस होती है या फिर कब्ज की शिकायत होती है तो उन्हें पैरों और हाथों में ऐंठन होने की संभावना रहती है।
  • शरीर में अधिक कमजोरी महसूस होना, शरीर एकदम ठंडा पड़ जाना, सिर पर से ठंडा पसीना आना इत्यादि भी गर्भावस्‍था के लक्षणों में शामिल है।
  • ऐंठन के दौरान यदि पैरों में ऐंठन है तो चलने-फिरने में बहुत दिक्कत होने लगती है और ऐंठन वाले हिस्सों में अत्यधिक दर्द होने लगता हैं या ऐंठन कम-ज्यादा होना।
  • गर्भावस्था के समय जांघों में या पिण्डलियों में ऐंठन के कारण टांगे सिकुड़ना, घुटने के जोड़ में अकड़न होना तथा थकान होना और कमजोरी महसूस होना, पेट में तीव्र दर्द होना इत्यादि भी गर्भावस्था के लक्षणों में शामिल है।
  • गर्भावस्था के प्रारंभिक लक्षणों में पेट फूलना, शरीर में सूजन आना, उल्टी आने के लक्षण, टांगों में भारीपन महसूस होना, नाभि के आस-पास दर्द इत्यादि के साथ ही ये गर्भावस्था में गर्भाश्य ऐंठन के लक्षण भी है।

गर्भावस्था में ऐंठन का उपचार-

  • इस रोग को दूर करने के लिए सबसे पहले कब्ज से छुटकारा पाना चाहिए।
  • गर्भावस्था में गर्भाशय ऐंठन दूर करने के लिए पौष्टिक आहार लेना चाहिए ।
  • खुली हवा में टहलने से भी ऐंठन को कम करने में मदद मिलती है।
  • फलों और जूस के सेवन से भी ऐंठन कम की जा सकती है।
  • पेट में तीव्र दर्द को दूर करने के लिए सुबह-सुबह पानी पीना चाहिए।

गर्भावस्था में गर्भाशय में ऐंठन के साथ ही गर्भाशय का आकार भी बढ़ने लगता है। गर्भावस्था के प्रारंभिक लक्षणों में कई तरह के शारीरिक बदलाव और जटिलताएं होती है जिससे बचने के लिए सही देखभाल और सावधानी बहुत जरूरी है, साथ ही डॉक्टर से सलाह लेने से भी पेट के तीव्र दर्द और ऐंठन को कम करने में मदद मिलती है।

 

 

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टिप्पणियाँ
  • pratima04 Sep 2012

    nice article

  • pratima04 Sep 2012

    nice article

  • sunita04 Sep 2012

    thanks........for such a great topic for pregnant women.

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