बच्चों में चिकनगुनिया वायरस के लक्षण

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Aug 07, 2013
Comment

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

बुखार से पीडि़त बच्‍चाबच्‍चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बड़ों के मुकाबले कम होती है इसलिए वे अधिक बीमार पड़ सकते हैं। चिकनगुनिया वायरल की बात करें तो इस वायरल के लक्षण बच्चों में व्यस्कों के मुकाबले अलग होते है। इन लक्षणों को पहचान कर आप बच्‍चे का सही समय इलाज शुरू हो जाए तो उसे परेशानी से बचाया जा सकता है।

 

लक्षण

आमतौर पर बच्चों में चिकनगुनिया वायरल के लक्षणों को चार वर्गों में बांटा गया है।

वर्ग एक-  शून्य से एक साल
इस वर्ग के बच्चों में चिकनगुनिया के लक्षणों को ढूंढना काफी मुश्किल होता है। इस वर्ग के बच्चों में यदि चिकनगुनिया पाया जाता है तो फीवर, कफ और सूजन से ही उसे पहचाना जा सकता है।


वर्ग दो-    एक साल से पांच साल
इस कैटेगिरी में फीवर और कफ बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। घुटनों में दर्द के साथ ही सूजन भी दिखाई पड़ती है। बच्चों को बहुत ज्यादा सेंसेशन होता है यदि उन्हें छुआ भी जाता है वे बहुत दर्द महसूस करते हैं। अपने स्व‍भाव से अलग व्यवहार करने लगते हैं।


वर्ग तीन-     पांच साल से दस साल
फीवर, कफ और सूजन के साथ ही इस वर्ग के बच्चे बहुत ज्यादा मूवमेंट नहीं कर पाते। उन्हें हाईपर सीजिया हो जाता है। उनके घुटनों में बहुत दर्द रहता है। इस कैटेगिरी के बच्चेम काफी चिड़चिड़े हो जाते हैं। इस वायरल से बच्चों  को कुछ भी खाना अच्छा नहीं लगता।


वर्ग चार- दस साल से ऊपर
इस वर्ग के बच्चों को चिकनगुनिया में तेज बुखार हो जाता है। उनकी पाचन क्रिया भी बिगड़ जाती है। बच्चे बिल्कुल भी मूवमेंट नहीं कर पाते। पूरी बॉडी में इन्हें  सूजन आ जाती है।


बच्‍चों में कैसे फैलता है चिकनगुनिया

चिकनगुनिया बच्‍चों को ज्‍यादा बुरी तरह प्रभावित करता है। बच्‍चों को इस बीमारी के कारण अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्‍हें बड़ों के मुकाबले रेशेज होने की आशंका भी अधिक होती है। हालांकि, बड़ों की तरह उन्‍हें जोड़ों में दर्द की दिक्‍कत का सामना नहीं करना पड़ता। हालांकि इस बीमारी से बच्‍चे काफी बुरी तरह प्रभावित होते हैं, लेकिन इससे उनकी मौत की आशंका बहुत ही कम होती है।

बच्‍चों को यह बीमारी होने का खतरा इसलिए अधिक होता है क्‍योंकि वे अक्‍सर दिन में भी सोते हैं। ऐसे में वे दिन में काटने वाले मच्‍छरों का आसान शिकार बन सकते हैं। अगर आप अपने बच्‍चे को चिकनगुनिया से बचाना चाहते हैं, तो आपको उन्‍हें मच्‍छरों से बचाने के सभी एहतियाती कदम उठाने होंगे।

अगर बच्‍चे को हो जाए चिकनगुनिया तो क्‍या करें

अगर आपके बच्‍चे में चिकनगुनिया के लक्षण नजर आएं, तो उसे तुरंत डॉक्‍टर को दिखायें। यह भी सम्‍भव है कि आपको लक्षण के रूप में केवल रेशेज और बुखार ही नजर आए। हो सकता है कि आपका बच्‍चा छोटा हो और यह बता पाने में असमर्थ हो कि उसे सिर अथवा जोड़ों में भी दर्द हो रहा है। यह भी सम्‍भव है कि वह अपनी तकलीफ को यह प्रकार से बयां न कर पा रहा हो। अगर आपका बच्‍चा थोड़ा बड़ा है, तो आप उससे पूछ सकते हैं कि क्‍या उसे शरीर के किसी अन्‍य अंग में भी दर्द हो रहा है। आपके लिए यह पता लगाना आसान नहीं कि आपकी नन्‍ही सी जान को सामान्‍य बुखार है अथवा चिकनगुनिया। तो, अगर आपको कोई समस्‍या नजर आती है, तो बेहतर यही है कि आप उसे डॉक्‍टर को दिखाएं।

रक्‍त जांच से होती है पुष्टि

डॉक्‍टर रोग की पुष्टि करने के लिए रक्‍त जांच कर सकता है। चिकनगुनिया और डेंगू के लक्षण समान होते हैं, इसलिए डॉक्‍टर रक्‍त जांच के बाद ही किसी फैसले पर पहुंच सकता है। और फिर उसी हिसाब से बच्‍चे का इलाज किया जा सकता है।


कोई दवा नहीं, मगर लाइलाज नहीं

चिकनगुनिया के लिए कोई विशिष्‍ट दवा नहीं है। लेकिन, बच्‍चे को लक्षणों के आधार पर इलाज दिया जा सकता है। डॉक्‍टर की सुझायी दवा के साथ ही बच्‍चे को पूरा आराम करने दें। उसे पौष्टिक भोजन दें ताकि रोग के कारण शरीर को होने वाली क्षति की भरपायी की जा सके। साथ ही उसके माथे पर गीली पट्टियां अथवा बर्फ लगाते रहें, इससे उसे काफी आराम मिलेगा।

अपने बच्‍चे के भोजन में तरल पदार्थों की मात्रा अधिक रखें। इससे वह निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन) की समस्‍या से बचा रहेगा। दर्द होने पर उसे दर्द निवारक दी जा सकती है। दवा देते समय बच्‍चे की उम्र का खयाल जरूर रखें। बच्‍चे को एस्प्रिन न दें। इस दवा की ज्‍यादा खुराक बच्‍चे को उल्‍टी की परेशानी दे सकती है। बच्‍चे को सूजन और जलन कम करने की दवायें नहीं दी जानी चाहिए, क्‍योंकि इन दवाओं के प्रभाव के कारण बच्‍चे के रक्‍त में प्‍लेटलेट की संख्‍या कम हो सकती है।

इस बुखार का इंफेक्‍शन लगभग सात दिनों तक रह सकता है। और बीमारी से उबरने में दो हफ्ते लग सकते हैं। लेकिन, जोड़ों में दर्द की परेशानी कई बार महीनों तक रह सकती है। साथ ही आपके बच्‍चे को कई हफ्ते तक थकान का अहसास भी रह सकता है।

 

Read More Articles on Chikungunya in Hindi

Write a Review Feedback
Is it Helpful Article?YES16 Votes 14046 Views 0 Comment
प्रतिक्रिया दें
disclaimer

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर