त्वचा में असामान्य परिवर्तन, थकान एवं कमजोरी व लगातार दर्द हो सकते हैं कैंसर के लक्षण

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Nov 07, 2011
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Quick Bites

  • अलग-अलग कैंसर के लक्षण भी हो सकते हैं भिन्न।
  • असामान्य रूप से वजन घटना भी हो सकता है लक्षण।
  • लगातार थकान व कमजोरी हो सकते हैं कैंसर के संकेत।
  • समय पर लक्षणों को पहचानने से बच सकती है जान।

कैंसर इतना खतरनाक रोग होता है कि इसका नाम सुनते हैं लोगों के शरीर में सिहरन दौड़ जाती है। लेकिन अगर आप शुरुआत में हीं इसके लक्षणों को पहचान लें तो इससे काफी हद तक बचा जा सकता है। आइये जानते हैं कैंसर के लक्षणों के बारे में ताकि समय रहते उचित चिकित्सा प्राप्त की जा सके।


चूंकि कैंसर कई प्रकार के होते हैं इसलिए कैंसर के लक्षण भी अलग अलग प्रकार के होते हैं। यहां हम संक्षेप में कुछे एक प्रकार के कैंसर के लक्षणों का जिक्र कर रहे हैं:

 

असामान्य रूप से वजन कम होना

जिन लोगों को कैंसर होता है उनका वजन असामान्य रूप से कम होने लगता है। ऐसे मरीजों का वजन बिना व्यायाम किये या बिना खाना कम किये घटने लगता है। किसी की समझ में नहीं आता कि ऐसा क्यों हो रहा है। अगर बिना किसी प्रयास के किसी का वजन 10 पौंड से ज्यादा कम हो जाये तो इसे कैंसर का प्राथमिक लक्षण के रूप में देखा जा सकता है। पैनक्रियाज या उदर या फेफड़ों के कैंसर में अक्सर इस तरह के लक्षण उभर कर सामने आते हैं।

 

symptoms of cancer

 

बुखार

बुखार कैंसर का एक सामान्य लक्षण होता है। लेकिन ऐसा तब होता है जब कैंसर अपने मूल जगह से शरीर के अन्य भागों में फैलने लगा हो या फैल चूका हो। चूंकि कैंसर मरीज की रोग प्रतिरक्षण प्रणाली को प्रभावित करता है इसलिए कैंसर के मरीज  को अक्सर बुखार रहने लगता है। ब्लड कैंसर, ल्यूकेमिया इत्यादि में अक्सर बुखार के लक्षण नजर आते हैं।

 

थकान एवं कमजोरी

थकान कैंसर का एक प्रमुख लक्षण माना जाता है। इसमें मरीज बिना वजह थका थका महसूस करता है। मरीज की समझ में नहीं आता कि बिना कुछ काम किये उसे थकान एवं कमजोरी क्यों हो रही है। वह बिस्तर पर विश्राम करता है लेकिन इसके बावजूद वह तरो ताजा महसूस नहीं करता; उसकी कमजोरी नहीं जाती। कभी कभी तो वह हाथ पांव से काम करने लायक भी नहीं रहता। कई घंटों के बाद वह सामान्य महसूस करता है।


बहुत ज्यादा थकान कैंसर के बढ़ने का भी संकेत हो सकता है। ल्यूकेमिया में अक्सर मरीज में थकान देखने को मिलता है। उदर के कैंसर या कोलोन के कैंसर में भी थकान बहुत ज्यादा होती है। ब्रेन ट्यूमर के मरीजों का भी वही हाल होता है। कभी कभी वे इतना थकान महसूस करते हाँ की हाथ पाँव हिलाना भी उनके लिए पहाड़ उठाने के बराबर लगता है।

 

पीड़ा (दर्द)

हड्डियों के कैंसर अथवा वृषण यानि टेस्टीक्युलर कैंसर में पीड़ा यानि दर्द होना कैंसर होने का संकेत देता है। ब्रेन ट्यूमर के मरीजों को सर दर्द की शिकायत रहने लगती है। ऐसा सर दर्द जो प्राथमिक उपचार से या दवा से भी न ठीक हो, उसे ब्रेन ट्यूमर का लक्षण माना जा सकता है। जिन मरीजों को कोलोन का कैंसर होता है या गुदे या डिंबग्रंथि का कैंसर होता है उनके पीठ में अथवा कमर में अक्सर असहनीय पीड़ा रहने लगती है।

 

 

Symptoms Of Cancer

 

 

त्वचा में परिवर्तन

त्वचा में असामान्य  परिवर्तन कैंसर के संकेत हो सकते हैं। अगर किसी व्यक्ति की त्वचा बेवजह सांवली या काली पड़ने लगी हो तो यह कैंसर का संकेत हो सकता है। त्वचा का पीला पड़ना भी कैंसर होने का संकेत देता है। त्वचा का रंग लाल होना या न समझ में आने वाली खुजली का होना भी कैंसर होने के संकेत होते हैं। महिलाओं की त्वचा पर अत्यधिक बालों का उगना भी कैंसर होने का लक्षण हो सकता है।

 

पेट की गड़बड़ियां

अगर किसी को लम्बे समय से कब्ज की शिकायत रहती हो अथवा कोई लम्बे समय से डाईरिया  से परेशान  हो तो ये  कोलोन कैंसर या उदर के कैंसर के संकेत हो सकते हैं। मूत्र त्याग के वक्त यदि पीड़ा होती हो अथवा मूत्र में रक्त की मौजूदगी पाई  जाती हो तो ये प्रोस्टेट कैंसर अथवा डिम्बग्रंथि कैंसर के लक्षण हो सकते हैं।

 

गांठ

अगर कोई महिला अपने स्तनों में किसी तरह की गाँठ महसूस करती है तो यह स्तन कैंसर का लक्षण हो सकता है भलें हीं गाँठ आपको कोई पीड़ा न दे। अगर कोई स्त्री अपने स्तन में या कांख में असामान्य रूप से गाँठ या मोटापा महसूस करती है तो अपने चिकित्सक को दिखलायें क्योंकि ये स्तन कैंसर के लक्षण हो सकते हैं। निपल में असामान्य बदलाव या निपल से असामान्य स्राव भी कैंसर होने का संकेत हो सकता है।

 

कुछ प्रकार के कैंसर तब तक कोई लक्षण नहीं दिखाते जब तक वे उग्र रूप न धारण कर लें मसलन पैनक्रियाज का कैंसर। इसमें आँखों का रंग पीला पड़ने लगता है; जौनडिस के जैसा। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी होती है और इलाज बहुत मुश्किल हो जाता है। अतः जरुरी है कि सात्विक खाद्य पदार्थों  का सेवन करके इस प्रकार के कैंसर से कुछ हद तक बचा जाये।

 

कैंसर के लक्षणों को देखकर घबराएं नहीं एवं अपने चिकित्सक को दिखलायें और उचित चिकित्सा लें।

 

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