पसीने से प्रभावित व्‍यक्ति आपको दे सकता है संक्रमण, जानें कैसे

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jun 13, 2017
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  • मेथिसिलिन-रेसिस्टेंट स्ट्रैफिलोकोकस ऑरियस एक सुपर बग है
  • जो शरीर के विभिन्न हिस्सों में संक्रमण का कारण बन सकता है।
  • यह आमतौर पर उपलब्ध कई एंटीबायोटिक दवाओं के लिए प्रतिरोधी है।

तापमान 45 डिग्री से ऊपर और जबरदस्‍त गर्मी का असर यह है कि आप चिपचिपी त्‍वचा और पसीने से हर कोई प्रभावित है। जिम, खेल के मैदान, बस, मेट्रो या ट्रेन में सफर के दौरान आप ऐसे लोगों के संपर्क में जरूर आते होंगे। ये बात सही है कि पसीने में कई तरह के इन्फेक्शन होते हैं और किसी के संपर्क में आने से आप भी प्रभावित हो सकते हैं। तो चलिए आज हम आपको कुछ ऐसे इन्फेक्शन के बारे में बता रहे हैं, जो किसी व्यक्ति के संपर्क में आने से फैल सकते हैं।

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मेथिसिलिन-रेसिस्टेंट स्ट्रैफिलोकोकस ऑरियस एक सुपर बग है जो शरीर के विभिन्न हिस्सों में संक्रमण का कारण बन सकता है। यह आमतौर पर उपलब्ध कई एंटीबायोटिक दवाओं के लिए प्रतिरोधी है। इससे त्वचा पर घाव और फोड़े हो सकते हैं। इसके अलावा ब्लड, लंग्स और मूत्र मार्ग में इन्फेक्शन हो सकता है। यह आसानी से संपर्क के माध्यम से फैल सकता है।

कई रिसर्च में यह खुलासा किया गया है कि हेपेटाइटिस बी विषाणु पसीने के जरिए किसी के संपर्क में आने से फैल सकता है। यह माना जाता है कि एचबीवी खुले घाव और मकस मेम्ब्रेंस के माध्यम से फैलता है, लेकिन एक अध्ययन ने बताया कि 11 प्रतिशत प्रतिभागियों के पसीने में वायरस घटक था, जितना कि खून में पाया जाता है। हालांकि पसीने में कोई वायरस नहीं होते हैं, यह नाक रगड़ने, छींकने या सांस के जरिए त्वचा पर मिल सकते हैं। अगर पसीने में वायरस होता तो, यह आसानी से किसी को प्रभावित कर सकता है।

इम्पिटाइगो एक संक्रामक त्वचा संक्रमण है जोकि संक्रमित त्वचा के माध्यम से शारीरिक संपर्क में आने से फैल सकता है। यह आमतौर पर बच्चों को प्रभावित करता है। इससे त्वचा पर छाले या लाल दाने हो सकते हैं। यह स्ट्रैफिलोकोकस ऑरियस के कारण भी होता है। कुछ अन्‍य अध्ययनों से पता चलता है कि त्वचा से त्वचा के संपर्क में आने से एचएसवी-1 और एचएसवी -2 ट्रांसमिशन कर सकते हैं जबकि अन्य यह मानते हैं कि वायरल पैथोलॉजी को ट्रांसमिशन के लिए लगातार संपर्क और घर्षण की आवश्यकता होती है।


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