खानपान की गलत आदत के साथ अन्‍य कारण हैं वजन बढ़ने के लिए जिम्‍मेदार

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Sep 20, 2013
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Quick Bites

  • अल्‍कोहल और सॉफ्ट ड्रिंक का सेवन तेजी से बढ़ाता है शरीर का वजन।
  • रात में भरपूर नींद की कमी भी हो सकती है आपके मोटापे का कारण।
  • तनाव से शरीर में हार्मोनल बदलाव से हो सकती है मोटापे की समस्‍या।
  • खानपान और अनियमित दिनचर्या भी है वजन बढ़ने के लिए जिम्‍मेदार।

आधुनिक जीवन शैली और व्‍यस्‍तता के बीच वजन बढ़ने की समस्‍या आम है। मोटापे के कारण कुछ लोग असमय ही गंभीर बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। अधिकतर लोग ज्‍यादा वजन का कारण खान-पान की गलत आदत मानते हैं, जबकि इसके अलावा भी मोटापे के कई कारण हैं।

reasons for weight gainतला हुआ भोजन, अल्‍कोहल और सॉफ्ट ड्रिंक का सेवन शरीर के वजन को तेजी से बढ़ाता है। ज्‍यादा मात्रा में कैलोरी का सेवन करने और शारीरिक मेहनत से दूर रहना भी वजन बढ़ने का कारण होता है। वजन ज्‍यादा होने से आप कई प्रकार की बीमारियों के शिकार हो सकते हैं, वजन बढ़ने के विभिन्‍न कारणों पर ध्‍यान दें और वजन को नियंत्रित रखने की कोशिश करें। इस लेख के जरिए हम आपको बता रहे हैं वजन बढ़ने के कुछ ऐसे कारण जिन पर आप अक्‍सर गौर नहीं करते।

 

नींद का कमी

स्‍वस्‍थ शरीर के लिए भरपूर नींद जरूरी है, लेकिन आजकल की भाग-दौड़ भरी जिंदगी में चैन की नींद दूर की कौड़ी साबित हो रही है। नींद की कमी का असर आपके स्‍वास्‍थ्‍य पर पड़ता है और आप मोटापे के शिकार हो सकते हैं। अच्‍छी तरह काम करने के लिए नींद पूरी होना बहुत आवश्‍यक है, नींद के अभाव में आप थकान व तनाव महसूस करते हैं।

थकान के कारण आपके ऊपर तनाव हावी हो जाता है, ऐसे में कई बार आप ज्‍यादा भोजन खाने लगते हैं, जिससे शरीर में कैलोरी की ज्‍यादा मात्रा पहुंच जाती है। इससे मेटाबॉलिज्‍म पर भी असर पड़ता है। कुछ लोग यह सोचकर ज्‍यादा भोजन का सेवन करते हैं कि अच्‍छी नींद आ जाएगी। नींद पूरी न होने पर आप मोटापे के शिकार हो जाते हैं और आपके शरीर का ऊर्जा का स्‍तर भी घट जाता है। इसलिए रात में सोने का समय निर्धारित कर भरपूर नींद लेने की कोशिश करें।

 

तनाव भी बढ़ाता है मोटापा

आधुनिक समाज ऐसा है जिसमें ज्‍यादा से ज्‍यादा पाने का दबाव हमेशा बना रहता है। आगे बढ़ना जीवन की जरूरत है, लेकिन इस प्रतिस्‍पर्धा का असर हमारे मूड और भावनाओं पर सीधे तौर पर पड़ता है। जिंदगी में तनाव के आर्थिक मामलों के साथ ही और भी कई कारण होते हैं। जो लोग ज्‍यादा तनाव में रहते हैं, उन्‍हें पाचन संबंधी परेशानी बनी रहती है। मेटाबॉलिज्‍म के सही काम न करने का असर यह होता है कि शरीर में कोर्टिसोल, लैप्टिन और अन्‍य प्रकार के हार्मोन बढ़ जाते हैं जो कि मोटापे का कारण होते हैं।

 

दवाओं का प्रयोग

अक्‍सर लोग डिप्रेशन से राहत पाने, माइग्रेन की समस्‍या होने और रक्‍तचाप आदि की समस्‍या में डॉक्‍टर की सलाह पर दवाओं का सेवन करने लगते हैं। दवाओं का सेवन भी कई बार वजन बढ़ने का कारण होता है। इन दवाओं से आपका वजन एक माह में 10 पाउंड यानी 5 किलो तक बढ़ सकता है। कई बार देखा जाता है कि लोगों को भूख न लगने की शिकायत होती है। भूख खुलकर लगे इसके लिए लोग दवाइयों का इस्‍तेमाल करते हैं, इनसे भूख तो बढ़ जाती है लेकिन साथ ही इसका असर आपके वजन पर भी पड़ता है।


कुशिंग सिंड्रोम की समस्‍या

कुशिंग सिंड्रोम एक समस्‍या है जो शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन का स्‍तर बढ़ने पर होती है। इसमें आपके चेहरे और कमर के ऊपरी हिस्‍से में चर्बी बढ़ जाती है, जबकि भुजा और टांगे पतली रह जाती हैं। इस समस्‍या में शरीर पोषक तत्‍वों का सही से इस्‍तेमाल नहीं कर पाता। कुशिंग सिंड्रोम का अन्‍य लक्षण यह है कि आपकी मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं, सूजन आने के साथ त्‍वचा पतली हो जाती है और पेट पर पर्पल कलर के निशान बन जाते हैं। महिलाओं को इस दिक्‍कत में रक्‍तचाप संबंधी शिकायत के साथ ही बालों के झड़ने की समस्‍या भी हो सकती है।

 

यदि आप भी मोटापे से बचे रहना चाहते हैं तो हर दिन भरपूर नींद लेने के साथ ही अपने ऊपर तनाव को कम से कम हावी होने दें और किसी भी दवा का प्रयोग डॉक्‍टर से परामर्श के बाद ही करें। ऐसा करने से आप मोटापे से तो दूर रहेंगे ही साथ ही बीमारियों के भी कम शिकार होंगे।

 

 

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