प्रेग्नेंसी के दौरान धूप में जाएं, होने वाले बच्चे को अस्थमा से बचाएं!

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Dec 13, 2016
Comment

Subscribe for daily wellness inspiration

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

  • सूरज की रोशनी सभी के लिए बेहद फायदेमंद और ज़रूरी होती है।
  • सूरज की रोशनी विटामिन डी मिलता है जिससे हड्डियां मज़बूत बनती हैं।
  • गर्भावस्था के दूसरे चरण में महिलाओं के लिए बेहद फायदेमंद होती है।

सूरज की रोशनी सभी के लिए बेहद फायदेमंद और जरूरी होती है। हर व्यक्ति को दिन में कम से कम 20 मिनट तक सूर्य की किरणों में जरूर रहना चाहिए ताकि शरीर को सूर्य किरणों से मिलने वाले लाभ मिलते रहें और विटामिन डी की उपयुक्त मात्रा भी मिल जाए। लेकिन क्या आप जानते हैं कि गर्भवती महिलाओं के सूरज की रोशनी में रहने से उनके होने वाले शिशुओं में अस्थमा होने की आशंका बेहद कम हो जाती है। हाल में हुए एक शोध की मानें तो यब बात सोलह आने सच है। तो चलिए विस्तार से इस शोध के बारे में जानें - 


सूरज की किरणें नया जीवन देती हैं इसीलिए ही सूर्य को जीवनदाता भी माना जाता है। सुबह की ताजी धूप अनेक तरह के रोगों से मुक्त कर जीवाणुओं को नष्ट करती है। साथ ही सूरज की रोशनी से शरीर को विटामिन डी मिलता है जिससे हड्डियां मजबूत बनती हैं, साथ ही इससे हमें कई अन्य तरह के लाभ भी मिलते हैं। लेकिन एक ने शोध से खुलासा हुआ है कि गर्भावस्था के दूसरे चरण में महिलाओं के उपयुक्त समय तक धूप में रहने से उनके होने वाले शिशुओं में अस्थमा होने की संभावना बेहद कम हो जाती है।

pregnant woman

क्या कहता है शोध

केन्सास विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के सहायक प्रोफेसर, विड सलुस्की के अनुसार "हमारी स्वास्थ्य सेवा संस्थाएं हर साल अस्थमा के इलाज पर अरबों खर्च करती हैं, और ये खर्च दिन प्रति दिन बढ़ता ही जा रहा है।" बावजूद इसके अस्थमा लोगों के लिए दर्द और पीड़ा, उत्पादकता की हानि और अकाल मृत्यु तक का कारण बनता है।

 

सलुस्की और उनके सहयोगियों ने हाल ही में हार्वर्ड मेडिकल स्कूल में प्रोफेसर पद पर आसीन स्कॉट वीस और ऑगस्टो लिटोंजा द्वारा दी एक चिकित्सा परिकल्पना के बारे में पता किया। वीस और ऑगस्टो लिटोंजा की परिकल्पना के अनुसार गर्भावस्था की दूसरी तिमाही में विटामिन डी का स्तर भ्रूण के जीवन में बाद में अस्थमा का विकास होगा की संभावना को प्रभावित करता है।

इसे भी पढ़ें- महिलाओं में गर्भधारण की क्षमता को बढ़ाती है रेड वाइन!


सलुस्की और उनके सहयोगियों में इस चिकित्सा परिकल्पना को सर्वेक्षण और स्वास्थ्य डेटा पर आधारित एक अर्थशास्त्री टूल पर जांचा। इस अध्ययन के आंकड़ों से ये साफ बताया कि वे माएं जो गर्भावस्था की दूसरी तिमाही में सूरज के संपर्क में अधिक रहीं, उनके बच्चों में सूरज की सोशनी में कम रही या ना रही महिलाओं के बच्चों की चुलना में अस्थमा की समस्या बेहद कम देखी गई।

 

सूरज की किरणों में 10 मिनट काफी  

शोध के परिणाम बताते हैं कि गर्भवती महिलाओं के लिए विटामिन डी की पर्याप्त मात्रा लेने व अपने बच्चों को अस्थमा जैसी समस्या से बचाने के लिए सूरज की किरणों में बिताए केवल 10 मिनट ही काफी होते हैं और कमाल की बात तो ये कि ये बिल्कुल मुफ्त होती है।

 

Read more articles on Pregnancy in Hindi.

Write Comment Read ReviewDisclaimer Feedback
Is it Helpful Article?YES2192 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर