बैठे रहने से हर घंटे बढ़ता है 22 फीसदी डायबिटीज : स्‍टडी

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Feb 11, 2016
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शहरीकरण के दौर में जिंदगी जितनी ज्यादा सुगम हो गई है बीमारियों का फैलाव भी उतना ही सुगम हो गया है। हाल ही में एक स्टडी से ये निष्कर्ष निकला है कि बैठे रहने से हर घंटे में 22 फीसदी डायबिटीज होने का खतरा बढ़ता रहता है। ये स्टडी करीब 2500 लोगों पर की गई। इनमें 52 फीसदी लोग पुरुष थे, जिनकी औसत उम्र साठ साल के करीब थी।

डायबीटिज

बैठे हैं तो हो जाएं सतर्क

ये शोध बैठकर काम करने वालों औऱ फिजिकल वर्क ना करने वालों के लिए बुरी खबर साबित हो सकती है। खासकर आज के जीवन में जब अधिकतर लोग बैठे-बैठे ऑफिस वर्क करते हैं। यह स्टडी नीदरलैंड्स की मास्‍ट्र‍िक्‍ट यूनिवर्सिटी में जूलियन वॉन डेर बर्ग और उनके साथियों ने की है। इन रिसर्चरों ने पाया कि रोजाना बैठे रहकर बिताए गए (मसलन कम्‍प्‍यूटर पर काम) एक अतिरिक्‍त घंटे से टाइप टू किस्‍म का डायबिटीज होने का खतरा 22 पर्सेंट बढ़ जाता है। करीब 2500 लोगों पर यह स्टडी आठ दिनों तक की गई है। आठ दिनों तक लगातार इन 2500 लोगों पर चौबीसों घंटे तक परीक्षण किया गया। आठ दिनों बाद इन लोगों का ग्लूकोज टॉलरेंस टेस्ट किया गया जिसमें ग्लूकोज की मात्रा बढ़ी हुई पाई गई।

यह स्‍टडी मेडिकल जर्नल डायबेटोलोगिया में प्रकाशित हुई है।

 

 

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