तनाव से होने वाले गठिया के लक्षण और उपचार

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 25, 2016
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Quick Bites

  • तनाव कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।
  • तनाव, रूमेटाइड अर्थराइटिस को बद से बदतर बना सकता है।
  • सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के परिणाम।
  • अधिक चिंता से भी रूमेटाइड अर्थराइटिस बनता है घातक।

तनाव कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है, लेकिन क्या आघात या तनाव गठिया अर्थात रूमेटाइड अर्थराइटिस (rheumatoid arthritis) के विकास को गति प्रदान करता है? अनुसंधानो द्वारा जब रूमेटाइड अर्थराइटिस में आघात और भावनात्मक संकट की भूमिका की जांच की गई तो दोनों ही प्रश्नों का उत्तर 'हां' में मिला। चलिये जानें तनाव प्रेरित गठिया के लक्षण और इसके उपचार क्या हैं। -

शोध करता है पुष्टी

उदाहरण के लिए, वर्ष 2009 में सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के शोधकर्ताओं ने एक शोध में पाया कि वे लोग जिनके बचपन में शारीरिक, भावनात्मक, या यौन शोषण सहित दो या अधिक दुखद घटनाएं हुई होती हैं, उनमें बचपन में बिना किसी दुखद घटना वाले लोगों की तुलना में रूमेटाइड अर्थराइटिस होने का खतरा दो गुना अधिक होता है।

 

Stress Induced Arthritis in Hindi

 

मानसिक तनाव रोग के परिणाम को कर सकता है प्रभावित

मिशिगन यूनिवर्सिटी में एनेस्थिसियोलॉजी, रूमेटोलॉजी एंड साइकाइट्री के प्रोफेसर, डैनियल क्लॉव के अनुसार कई अन्य अध्ययनों ने भी मानसिक तनाव और रूमेटाइड अर्थराइटिस के बीच संबंधों का वर्णन किया है। उन अध्ययनों में से एक में, नेब्रास्का यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने रूमेटाइड अर्थराइटिस से पीड़ित 1,522 अमेरिकी दिग्गजों के रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। उन्होंने पाया कि रूमेटाइड अर्थराइटिस से पिड़ित वे लोग जिन्हें पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD) था, उन्होंने बिना पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर वाले रूमेटाइड अर्थराइटिस के मरीजों की तुलना में दर्द होने, जोड़ों में अकड़न आने आदि समस्याओं की शिकायद की। इस शोध के परिणआम जर्नल आर्थराइटिस केयर एंड रिसर्च में प्रकाशित हुए थे।

चिंता से लक्षण हो सकते हैं बद से बदतर

इसी वर्ष रूमेटिक डिज़ीज पर प्रकाशित एक डच अध्ययन के अनुसार, शोधकर्ताओं ने चिंता व रूमेटाइड अर्थराइटिस के लक्षणों के बीच संबंध पाया। यह जानने के लिए कि कैसे रोज़ाना का तनाव और चिंता, रूमेटाइड अर्थराइटिस के लक्षणों आदि को प्रभावित करते हैं, शोधकर्ताओं ने 80 रूमेटाइड अर्थराइटिस के मरीज़ों का छः महिनों का डाटा एकत्रित किया। इसमें मरीजों ने दैनिक तनाव के बारे में (उदाहरण के लिए, लंबं समय तक इंतज़ार, कुछ बेहद अजीज़ खो जाना आदि) तथा तनाव का स्तर तथा दर्द, थकान और बीमारी गतिविधि के लक्षण से संबंधति सवालों के जवाब दिए। शोधकर्ताओं ने इंफ्लेमेट्री साइटोकिन्स- टीएनएफ-अल्फा और इंटरल्यूकिन 1 बीटा (आईएल 1β) सहित तनाव हार्मोन- कोर्टिसोल के स्तर को मापने के लिए रक्त के नमूने भी लिए, क्योंकि ये भी रूमेटाइड अर्थराइटिस में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


प्रमुख लेखक एंड्रिया डब्ल्यू एम एवर्स के अनुसार, परिणामों में पाया गया कि वे मरीज़ जिनमें अधिक चिंता करने की प्रवृत्ति होती है, एक महीने बाद उनमें जोड़ों में अधिक सूजन और दर्द देखा गया। तो इससे ये कफी हद तक साफ होता है कि चिंता गठिया के लक्षणों को बढ़ा करती है। इससे बचने के लिये सायकोलॉजिकल थेरेपी ली जा सकती हैं। बेहतर होगा कि आप ऐसे में किसी मनोवैज्ञानिक की मदद लें।



Fact source - Arthritis.org

Image Source - Getty

Read More Articles on Arthritis in Hindi.

तनाव कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है, लेकिन क्या आघात या तनाव गठिया अर्थात रूमेटाइड अर्थराइटिस (rheumatoid arthritis) के

विकास को गति प्रदान करता है? अनुसंधानो द्वारा जब रूमेटाइड अर्थराइटिस में आघात और भावनात्मक संकट की भूमिका की जांच की गई तो दोनों ही प्रश्नों का

उत्तर 'हां' में मिला। चलिये जानें तनाव प्रेरित गठिया के लक्षण और इसके उपचार क्या हैं। -


शोध करता है पुष्टी
उदाहरण के लिए, वर्ष 2009 में सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के शोधकर्ताओं ने एक शोध में पाया कि वे लोग जिनके बचपन में शारीरिक, भावनात्मक,

या यौन शोषण सहित दो या अधिक दुखद घटनाएं हुई होती हैं, उनमें बचपन में बिना किसी दुखद घटना वाले लोगों की तुलना में रूमेटाइड अर्थराइटिस होने का

खतरा दो गुना अधिक होता है।


मानसिक तनाव रोग के परिणाम को कर सकता है प्रभावित
मिशिगन यूनिवर्सिटी में एनेस्थिसियोलॉजी, रूमेटोलॉजी एंड साइकाइट्री के प्रोफेसर, डैनियल क्लॉव के अनुसार कई अन्य अध्ययनों ने भी मानसिक तनाव और

रूमेटाइड अर्थराइटिस के बीच संबंधों का वर्णन किया है। उन अध्ययनों में से एक में, नेब्रास्का यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने रूमेटाइड अर्थराइटिस से पीड़ित 1,522

अमेरिकी दिग्गजों के रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। उन्होंने पाया कि रूमेटाइड अर्थराइटिस से पिड़ित वे लोग जिन्हें पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD) था,

उन्होंने बिना पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर वाले रूमेटाइड अर्थराइटिस के मरीजों की तुलना में दर्द होने, जोड़ों में अकड़न आने आदि समस्याओं की शिकायद की।  
इस शोध के परिणआम जर्नल आर्थराइटिस केयर एंड रिसर्च में प्रकाशित हुए थे।


चिंता से लक्षण हो सकते हैं बद से बदतर
इसी वर्ष रूमेटिक डिज़ीज पर प्रकाशित एक डच अध्ययन के अनुसार, शोधकर्ताओं ने चिंता व रूमेटाइड अर्थराइटिस के लक्षणों के बीच संबंध पाया। यह जानने के

लिए कि कैसे रोज़ाना का तनाव और चिंता, रूमेटाइड अर्थराइटिस के लक्षणों आदि को प्रभावित करते हैं, शोधकर्ताओं ने 80 रूमेटाइड अर्थराइटिस के मरीज़ों का छः

महिनों का डाटा एकत्रित किया। इसमें मरीजों ने दैनिक तनाव के बारे में (उदाहरण के लिए, लंबं समय तक इंतज़ार, कुछ बेहद अजीज़ खो जाना आदि) तथा तनाव

का स्तर तथा दर्द, थकान और बीमारी गतिविधि के लक्षण से संबंधति सवालों के जवाब दिए। शोधकर्ताओं ने इंफ्लेमेट्री साइटोकिन्स- टीएनएफ-अल्फा और

इंटरल्यूकिन 1 बीटा (आईएल 1β) सहित तनाव हार्मोन- कोर्टिसोल के स्तर को मापने के लिए रक्त के नमूने भी लिए, क्योंकि ये भी रूमेटाइड अर्थराइटिस में एक

महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


प्रमुख लेखक एंड्रिया डब्ल्यू एम एवर्स के अनुसार, परिणामों में पाया गया कि वे मरीज़ जिनमें अधिक चिंता करने की प्रवृत्ति होती है, एक महीने बाद उनमें जोड़ों

में अधिक सूजन और दर्द देखा गया। तो इससे ये कफी हद तक साफ होता है कि चिंता गठिया के लक्षणों को बढ़ा करती है। इससे बचने के लिये सायकोलॉजिकल

थेरेपी ली जा सकती हैं। बेहतर होगा कि आप ऐसे में किसी मनोवैज्ञानिक की मदद लें।



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