गर्भावस्था में तनाव लेने से प्रभावित होता है बच्‍चे का विकास

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 18, 2011
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Quick Bites

  • तनाव बच्चे की शारीरिक वृद्धि को प्रभावित कर सकता है।
  • प्रेग्‍नेंसी में तनाव लेने से हो सकता है समय पूर्व प्रसव।
  • बच्‍चे का मानसिक विकास भी अच्‍छे से नहीं हो पाता है।
  • इसके कारण जन्‍म के समय बच्‍चे का वजन भी होता है कम।

गर्भवती महिलाओं को ज्यादा तनाव नहीं लेना चाहिए। वैज्ञानिकों के अनुसार अत्यधिक तनाव अजन्मे बच्चे की शारीरिक वृद्धि को प्रभावित कर सकता है। तनाव न केवल मां के लिए बल्कि होने वाले बच्‍चे के लिए भी नुकसानदेह है।

garbhavastha me tanav theek nhiगर्भावस्‍था के दौरान यदि मां तनाव लेती है तो इसके कारण गर्भवती महिला का ब्‍लड प्रेशर तो बढ़ता है साथ ही होने वाले बच्‍चे में आयरन की कमी हो जाती है। समय से पूर्व प्रसव के लिए भी तनाव ही जिम्‍मेदार होता है। आइए हम आपको बताते हैं कि इस दौरान तनाव आपके लिए कितना नुकसानदेह हो सकता है।


क्‍या कहता है शोध

एडिलेड यूनिवर्सिटी के एक अंतरराष्ट्रीय दल ने अपने शोध में यह तथ्य पाया कि गर्भावस्‍था के दौरान तनाव मां और बच्‍चे के लिए नुकसानदेह है। दल का नेतृत्व कर रहे प्रोफेसर विकी क्लिफ्टन ने पाया गर्भावस्था के दौरान अजन्मे लड़के और लड़कियों का शारीरिक विकास अलग-अलग तरीके से होता है। यदि मां तनावग्रस्त हो तो इससे बच्चे के विकास पर प्रभाव पड़ता है। कई बार बच्चे के लिंग का निर्धारण भी इससे प्रभावित हो सकता है। तनाव बढ़ाने वाले हार्मोन से मां और बच्चे के शरीर को जोड़ने वाले प्लेसेंटा की क्रियाविधि भी प्रभावित होती है।

 

तनाव है नुकसादेह 

गर्भावस्‍था के दौरान मां के तनाव में आने से गर्भ में पल रहे लड़कों की वृद्धि पर कोई खास असर नहीं होता। परंतु लड़कियों की वृद्धि अपेक्षाकृत धीमी हो जाती है। वहीं तनाव के अतिरिक्त मां को जब गर्भावस्था में कोई और समस्या आती है, तो लड़कियों की वृद्धि सामान्य रहती है, जबकि लड़कों की वृद्धि धीमी हो जाती है। इससे कई बार समय से पहले प्रसव और बच्चे के गर्भाशय में ही मर जाने की आशंका बढ़ जाती है।

 

आयरन की कमी

मां के तनाव झेलने से प्रसव के बाद भी उनका स्वास्थ्य खराब रहता है। ऐसे में बच्चों में खासतौर पर आयरन की कमी देखी जाती है। आयरन दिमाग के विकास के लिए बहुत जरूरी होता है। इसलिए गर्भावस्‍था के दौरान तनाव नुकसानदेह है।

बच्‍चे का विकास

गर्भावस्‍था के दौरान मां के तनाव लेने से बच्‍चे का विकास भी प्रभावित होता है। तनाव के कारण बच्‍चे का मानसिक विकास अच्‍छे से नहीं हो पाता है। इसके अलावा जन्‍म के समय बच्‍चे का वजन भी कम हो सकता है।

 

मां को समस्‍या

तनाव का असर मां पर भी पड़ता है, तनाव की वजह से मां का रक्‍तचाप सामान्‍य से ज्‍यादा हो सकता है। इसके अलावा गर्भावधि मधुमेह भी तनाव की वजह से हो सकता है। तनाव प्रीटर्म प्रसव के लिए भी जिम्‍मेदार है।

तनाव झेलती हैं, बाद में उनका स्वास्थ्य खराब रहता है. ऐसे में बच्चों में खासतौर पर आयरन की कमी देखी जाती है. आयरन दिमाग के विकास के लिए बहुत जरूरी होता है. नवजात में आयरन की कमी के मुख्य कारणों में मां में आयरन की कमी, मां को मधुमेह होना, गर्भावस्था के दौरान मां का धूम्रपान करना, जन्म से समय वजन कम होना शामिल है. - See more at: http://navabharat.org/index.php/health/2936-%E0%A4%A0%E0%A5%80%E0%A4%95-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%97%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%A4%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%B5#sthash.bZoxx8l3.dpuf
तनाव झेलती हैं, बाद में उनका स्वास्थ्य खराब रहता है. ऐसे में बच्चों में खासतौर पर आयरन की कमी देखी जाती है. आयरन दिमाग के विकास के लिए बहुत जरूरी होता है. नवजात में आयरन की कमी के मुख्य कारणों में मां में आयरन की कमी, मां को मधुमेह होना, गर्भावस्था के दौरान मां का धूम्रपान करना, जन्म से समय वजन कम होना शामिल है. - See more at: http://navabharat.org/index.php/health/2936-%E0%A4%A0%E0%A5%80%E0%A4%95-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%97%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%A4%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%B5#sthash.bZoxx8l3.dpuf

 

गर्भवस्‍था के दौरान सकारात्‍मक सोच रखें, तनाव बिलकुल न लें और खुश होकर आने वाले बच्‍चे का स्‍वागत करें।

 

 

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