स्टीविया चबाएं, मधुमेह से बचें

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 18, 2012
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स्टीविया चबाएं, मधुमेह से बचें

स्टीवविया चबाने से मधुमेह जैसी खतरनाक बीमारी का ईलाज संभव  है। भारत में हर पांचवा आदमी डायबिटीज से ग्रस्त है। कई राज्यों में यह महामारी बन गई है। इसके बचाव के लिए कई घरेलू नुस्खे और मेडिकल इलाज हैं, लेकिन एक आयुर्वेदिक पौधा है जिसका सेवन करने से इस बीमारी से राहत मिलती है। यह आयुर्वेदिक पौधा है स्टीविया। हालांकि यह शहद और गन्ने  से बहुत मीठा होता है लेकिन यह पौधा मधुमेह रोगियों के लिए बहुत ही फायदेमंद है। स्टीविया को आयुर्वेदिक चीनी भी कहा जाता है। स्टीविया पैंक्रियाज से इंसुलिन को छोडने में बहुत सहायक होता है। 

क्या है स्टीविया - 
स्टीविया एक ऐसा पौधा है जो चीनी से भी मीठा होता है। दुनियाभर के देशों में इसका उपयोग किया जाता है। यह पौधा दक्षिण अमरीका में पाया जाता है। इसके पत्तों का इस्तेमाल लोग सालों से कर रहे हैं। इसका मुख्य तत्व स्टेवियोसाइड है जो कि वस्तुत: कैलोरी रहित होता है। इसे खाने से खून में शुगर की मात्रा नहीं बढती है। फिलहाल, प्राकृतिक मिठास पैदा करने वाले इस पौधे की गोलियां सब जगह उपलब्ध हैं। 

मधुमेह रोगी स्टीविया का सेवन कैसे करें – 

डायबिटीज के मरीजों के लिए मीठा खाना मना होता है, लेकिन स्टीविया जो कि चीनी से कई गुना मीठा होता है, उसे मधुमेह रोगी खा सकते हैं यह नुकसान नहीं करेगा। 

अगर मधुमेह के मरीज कोई अन्य मिठाई खा रहे हैं तो उसके प्रभाव को कम करने के लिए मीठा खाने के तुरंत बाद आयुर्वेदिक पौधे स्टीविया की कुछ पत्तियां चबा लें। 

स्टीमविया पौधे की मिठास गन्ने और शहद से तीन सौ गुणा अधिक होती है, इसके बावजूद यह फैट व शुगर से मुक्त है। 

स्टीविया इतना अधिक मीठा होने के बावजूद  शुगर को कम तो करता ही है साथ ही शुगर को बढ़ने से रोकने में भी सहायक है। 

खाना खाने से बीस मिनट पहले या खाना खाने के बीस मिनट बाद स्टीविया की पत्तियों का सेवन करना चाहिए, यह बहुत फायदेमंद होता है। 

स्टीविया का पौधा आसानी से घर में भी लगाया जा सकता है। एक बार लगाए गए पौधे को पांच साल तक प्रयोग में लाया जा सकता है। 

पिछले कई सौ सालों से स्टीविया का स्वीटनर और मेडिसिन के रूप में उपयोग किया जा रहा है। विश्व के कई देशों की सरकारें इस पौधे को मान्यता दे चु‍की हैं। 

स्टीविया शुगर का अद्भुत अल्टरनेटिव होने के अलावा शुगर के मरीजों के लिए एकमात्र आर्टिफिशियल स्वीटनर है। इसमें शुगर की तरह फैट और कैलोरी नहीं होती है। 

स्टीविया पैंक्रियाज से इंसुलिन को छोडने में अहम भूमिका निभाता है। यह शुगर के मरीजों के लिए वरदान है। 

स्टीविया न केवल शुगर बल्कि ब्लड प्रेशर, हाईपरटेशन, दांतों के लिए, वजन कम करने, गैस और कब्ज, पेट की जलन, दिल की बीमारी, चमडे़ के रोग और चेहरे की झुर्रियों के लिए बहुत फायदेमंद है।  

अगर इसका इस्तेमाल सामान्य तरीके से किया जाए तो यह सुरक्षित है। लेकिन, गर्भवती महिलाएं, स्तनपान कराने वाली महिलाएं और जो लोग ब्ल्ड प्रेशर या शुगर की दवा खा रहे हैं इसका सेवन संभल कर करें। 


stivia chabaye madhumeh se bacheस्टीवविया चबाने से मधुमेह जैसी खतरनाक बीमारी का ईलाज संभव  है। भारत में हर पांचवा आदमी डायबिटीज से ग्रस्त है। कई राज्यों में यह महामारी बन गई है। इसके बचाव के लिए कई घरेलू नुस्खे और मेडिकल इलाज हैं, लेकिन एक आयुर्वेदिक पौधा है जिसका सेवन करने से इस बीमारी से राहत मिलती है। यह आयुर्वेदिक पौधा है स्टीविया। हालांकि यह शहद और गन्ने से बहुत मीठा होता है लेकिन यह पौधा मधुमेह रोगियों के लिए बहुत ही फायदेमंद है। स्टीविया को आयुर्वेदिक चीनी भी कहा जाता है। स्टीविया पैंक्रियाज से इंसुलिन को छोडने में बहुत सहायक होता है। 

 

क्या है स्टीविया - 

स्टीविया एक ऐसा पौधा है जो चीनी से भी मीठा होता है। दुनियाभर के देशों में इसका उपयोग किया जाता है। यह पौधा दक्षिण अमरीका में पाया जाता है। इसके पत्तों का इस्तेमाल लोग सालों से कर रहे हैं। इसका मुख्य तत्व स्टेवियोसाइड है जो कि वस्तुत: कैलोरी रहित होता है। इसे खाने से खून में शुगर की मात्रा नहीं बढती है। फिलहाल, प्राकृतिक मिठास पैदा करने वाले इस पौधे की गोलियां सब जगह उपलब्ध हैं। 

 

मधुमेह रोगी स्टीविया का सेवन कैसे करें – 

 

  • डायबिटीज के मरीजों के लिए मीठा खाना मना होता है, लेकिन स्टीविया जो कि चीनी से कई गुना मीठा होता है, उसे मधुमेह रोगी खा सकते हैं यह नुकसान नहीं करेगा। 

 

 

  • अगर मधुमेह के मरीज कोई अन्य मिठाई खा रहे हैं तो उसके प्रभाव को कम करने के लिए मीठा खाने के तुरंत बाद आयुर्वेदिक पौधे स्टीविया की कुछ पत्तियां चबा लें। 

 

 

  • स्टीमविया पौधे की मिठास गन्ने और शहद से तीन सौ गुणा अधिक होती है, इसके बावजूद यह फैट व शुगर से मुक्त है। 

 

 

  • स्टीविया इतना अधिक मीठा होने के बावजूद शुगर को कम तो करता ही है साथ ही शुगर को बढ़ने से रोकने में भी सहायक है। 

 

 

  • खाना खाने से बीस मिनट पहले या खाना खाने के बीस मिनट बाद स्टीविया की पत्तियों का सेवन करना चाहिए, यह बहुत फायदेमंद होता है। 

 

 

  • स्टीविया का पौधा आसानी से घर में भी लगाया जा सकता है। एक बार लगाए गए पौधे को पांच साल तक प्रयोग में लाया जा सकता है। 

 

 

  • पिछले कई सौ सालों से स्टीविया का स्वीटनर और मेडिसिन के रूप में उपयोग किया जा रहा है। विश्व के कई देशों की सरकारें इस पौधे को मान्यता दे चु‍की हैं। 

 

 

  • स्टीविया शुगर का अद्भुत अल्टरनेटिव होने के अलावा शुगर के मरीजों के लिए एकमात्र आर्टिफिशियल स्वीटनर है। इसमें शुगर की तरह फैट और कैलोरी नहीं होती है। 

 

 

  • स्टीविया पैंक्रियाज से इंसुलिन को छोडने में अहम भूमिका निभाता है। यह शुगर के मरीजों के लिए वरदान है। 

 

 

  • स्टीविया न केवल शुगर बल्कि ब्लड प्रेशर, हाईपरटेशन, दांतों के लिए, वजन कम करने, गैस और कब्ज, पेट की जलन, दिल की बीमारी, चमडे़ के रोग और चेहरे की झुर्रियों के लिए बहुत फायदेमंद है।  

 

 

अगर इसका इस्तेमाल सामान्य तरीके से किया जाए तो यह सुरक्षित है। लेकिन, गर्भवती महिलाएं, स्तनपान कराने वाली महिलाएं और जो लोग ब्ल्ड प्रेशर या शुगर की दवा खा रहे हैं इसका सेवन संभल कर करें। 

 

 

 

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