बुढ़ापे में नहीं चाहते हार्ट अटैक का खतरा, तो करें सिर्फ ये 1 काम

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 09, 2017
Comment

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

बुढ़ापे में दिल संबंधी रोगों से बचने की तैयारी युवावस्था में ही करनी पड़ेगी। जो लोग युवावस्था के दौरान स्वस्थ रहते है उनको 65 साल के बाद दिल संबंधी रोग होने का खतरा 37 फीसदी कम हो जाता है। भारतीय मूल के एक शोधकर्ता के नेतृत्व में हुए अध्ययन रिपोर्ट में यह बात कही गई है। यह रिपोर्ट शारीरिक रूप से जीवनभर हेल्दी रहने के लाभ को मजबूती प्रदान करती है।


हेल्दी और दौरा पड़ने के बीच ये संबंध हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज़ और आर्टियल फाइब्रिलेशन जैसी बीमारियों के संदर्भ में भी जस की तस रहे।

इस शोध-पत्र के प्रमुख लेखक अमेरिका के यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास साउथवेस्टर्न मेडिकल सेंटर के अंबरीश पांडेय ने कहा, "हमारे शोध से पता चलता है कि युवावस्था में तंदुरुस्ती ठीक नहीं रहने से जीवन में बाद में दौरा पड़ने का अतिरिक्त खतरा रहता है।"

अध्ययन के दौरान 45 से 50 साल के 19,815 लोगों को शामिल किया गया। इनमें 79 फीसदी पुरुष थे। इस अध्ययन दल ने प्रतिभागियों के दिल और फेफड़े के व्यायाम की क्षमता, दिल और फेफड़ों की योग्यता जांच की और उनकी योग्यता के हिसाब से उच्च, मध्यम और निम्न तीन श्रेणी में बांट दिया।

'स्ट्रोक' जर्नल में प्रकाशित इस शोध पत्र में एसोसिएट प्रोफेसर जारेट बरी ने कहा है, "यह अध्ययन दौरा से बचाव के लिए व्यायाम के अलग-अलग एवं स्वतंत्र भूमिका का समर्थन करता है।"

अमेरिकी हार्ट एसोसिएशन ने कहा है कि दिन में आधे घंटे एवं हफ्ते में पांच दिन व्यायाम करने से हृदयवाहिनी स्वास्थ को बेहतर कर सकता है।

 

Image Source-Getty

Read More ARticle on Health News in Hindi

Write a Review
Is it Helpful Article?YES637 Views 0 Comment
प्रतिक्रिया दें
disclaimer

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर