स्तन कैंसर से लड़ाई में एंजलीना बनेंगी मिसाल

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 24, 2013
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stan cancer se ladai me angelina banegi misaal

भारत में कैंसर को लेकर समाज में कई तरह की भ्रांतियां मौजूद हैं। खासकर स्तन कैंसर को लेकर महिलाएं कई शंकाओं और चिंताओं से गुजरती हैं। अब महिलाओं को कैंसर से बचाने के लिए केंद्र सरकार ने एक खास किस्म की पत्रिका प्रकाशित कराई है और देशभर में लाखों आशाओं का नेटवर्क उन्हें कैंसर से बचने के गुर सिखाएगा। इसके पीछे सरकार की मंशा कैंसर के संभावित लक्षणों को पहचानते हुए समय से इसके इलाज के लिए जरूरी कदम उठाए जा सकें। कैंसर देखभाल के लिए 32 सौ करोड़ रुपये की राशि भी आवंटित की गई है। इसके साथ महिलाओं को हॉलीवुड अदाकारा एंजलीना जॉली की कहानी सुनाकर प्रेरणा भी दी जाएगी।


हाल ही में हॉलीवुड अभिनेत्री एंजलीना जॉली ने स्तन कैंसर के संभावित खतरे को देखते हुए अपने दोनों स्तन कटवा दिये। उन्होंने न तो अपने करियर की परवाह की और न ही अपने 'फिगर' की। एंजलीना ने इस ऑपरेशन के बाद अमेरिका के प्रतिष्ठित अखबार न्यूयार्क टाइम्स में लिखे अपने लेख में एंजलीना ने बताया कि आखिर क्यों उन्हें यह फैसला करना पड़ा।


सरकार की इस योजना के तहत कैंसर, स्त्रीरोग डॉक्टर व आशा कार्यकर्ता महिलाओं में न केवल कैंसर को लेकर फैली तमाम भ्रांतियां दूर करेंगी, बल्कि साथ ही हॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री एंजलीना की कहानी भी सुनाएंगी। उम्मींद जताई जा रही है कि कैंसर की संभावना का पता लगने पर महिलाएं आपरेशन या अन्य कोई उपचार कराने में जरा भी देर न करें। गौरतलब है कि 37 वर्षीय एंजलीना ने स्तन कैंसर से बचने के लिए ‘प्रिवेंटिव डबल मासटेकटामी’ सर्जरी करवाई है। डाक्टरों ने एंजलीना को उसके पारिवारिक इतिहास के आधार पर कैंसर की संभावना बताई थी।


यहां इस बात का भी जि़क्र करते चलें कि एंजलीना की 57 वर्षीय मां मार्केलीना की मृत्यु भी कैंसर से हुई थी। डॉक्टरों ने एंजलीना की जांच के बाद बताया था कि उनमें भी एक विशेष प्रकार का जीन है, जिसके कारण उन्हें भी स्तन कैंसर हो सकता है। इसलिए एंजलीना ने एहतियात ऑपरेशन करवाने का फैसला किया। आमतौर पर 40 वर्ष के बाद महिलाएं कैंसर की जांच करवाती है मगर एंजलीना ने यह जांच पहले करवाई जिसमें पता चला कि मां से कैंसर कारक खराब जींस अनुवांशिक रूप में उसके अंदर भी चले गए थे।


भारत में भी बड़ी संख्या में महिलाएं इस बीमारी का शिकार होती हैं, लेकिन जानकारी के अभाव में वे इसका इलाज नहीं करवातीं। अब स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह कदम उठाया है और महिलाओं को कैंसर से बचाने के लिए विकसित देशों में चल रहे कार्यक्रमों को अपने राष्ट्रीय अभियान में शामिल किया है। इसके लिए क्षेत्रीय कैंसर केंद्रों व सरकारी मेडिकल कॉलेजों की सहायता की जाएगी।


12वीं पंचवर्षीय योजना के कैंसर के निदान पर खास ध्यान दिया गया है। विदेशों की तर्ज पर देश में भी कैंसर होने से हले ही उसकी संभावनाओं का पता लगाने के लिए कार्यक्रम तैयार किए गए हैं। इस कार्यक्रम में ग्रामीण महिलाओं को करीब नौ लाख आशा महिला कार्यकर्ताओं के जरिए कैंसर की जानकारी दी जाएगी। कैंसर पर इस योजना में 32 सौ करोड़ रुपए खर्च होंगे। कैंसर जागरूकता अभियान के तहत 21 राज्यों के सौ जिलों की पहचान की गई है जहां निदान, अनुसंधान व उपचार होगा। इसी तरह कीमोथरेपी के लिए एक जिले के सौ मरीजों को एक लाख रुपये की मदद दी जाएगी।

 

 

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