स्तन कैंसर में फायदेमंद मछली का तेल

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Sep 04, 2012
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Stan cancer me faaydemand hai machli ka tel

महिलाओं में स्तन कैंसर एक गंभीर समस्या है। स्तन कैंसर महिलाओं को ज्यादा तर 40 साल के बाद होता है। स्तन कैंसर की प्रारंभिक अवस्था में वक्ष में एक छोटी सी गांठ होती है। यह धीरे-धीरे बढ़ती जाती है। स्तन कैंसर से पीडित महिलाओं को टैमोक्सिफेन नामकी दवा दी जाती है। हाल ही में हुए रिसर्च में पता चला है कि स्तन कैंसर में मछली के तेल का सेवन काफी फायदेमंद होता है।

 

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ओमेग-3 फैटी एसिड

मछली के तेल में ओमेग-3 फैटी एसिड होता है जिसके सेवन से टैमोक्सिफेन दवा   से ज्यादा प्रभावी होता है और मछली का सेवन स्तन कैंसर मरीजों के लिए सुरिक्षत और फायदेमंद होता है।



रुक जाता है ट्यूमर का विकास

स्तन कैंसर में टैमोक्सिफेन दवा के साथ मछली का तेल खाने से महिलाओं में ट्यूमर्स का विकास नहीं होता है।

 

इम्यून सिस्टम भी बनता है मजबूत


स्तन कैंसर पीड़ित महिलाओं को यदि टैमोक्सिफेन दवा दी जा रही है, तो साथ में उन्हें ओमेगा-3 फैटी एसिड वाला भोजन भी कराएं। इससे दवा और प्रभावी हो जाती है तथा ट्यूमर का विकास रूक जाता है। मछली के तेल वाला खाना जीन की गतिविधियों को और सक्रिय बनाती है, जिससे इम्यून सिस्टम भी मजबूत होता है। इतना ही नहीं, मछली के सेवन से एलर्जी, जलन आदि क समस्या भी उत्पन्न नहीं होती है।

 

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स्तन कैंसर के लक्षण

  • स्तन कैंसर में स्तन पर या बांह के नीचे (बगल में) उभार या मोटापन आ जाता है।
  • निप्पल से पानी या खून आने लगता है। स्तन कैंसर में निप्पल पर परत या पपड़ी सी बन जाती है
  • निप्पल्स अंदर की ओर धंस जाते हैं।
  • स्तन पर लालिमा या सूजन आ सकती है
  • स्तन की गोलाई में कोई बदलाव जैसे एक का दूसरे की अपेक्षा ज़्यादा उभर आना
  • स्तन की त्वचा पर कोई फोड़ा या अल्सर जो ठीक न होता हो

 

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बचाव

  • अधिक धूम्रपान स्तन कैंसर का कारण हो सकता है।
  • शरीर का वजन संतुलित रखकर आप कैंसर का खतरा कम कर सकते हैं।
  • रोज व्यायाम करने से स्तन कैंसर होने की संभवाना कम होती है।
  • मदिरापान का सेवन सीमित करें।
  • समय-समय पर मेमोग्राफी कराएं इससे आपके स्तन में होने वाली गांठ का पता प्ररांभिक अवस्था में चल जाएगा, जिसका इलाज आसानी से हो सकेगा।
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