गर्भावस्‍था में धूम्रपान बढ़ा देता है बच्चे में सिजोफ्रिनिया का खतरा

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 25, 2016
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फिनलैंड में हुए एक नए अध्‍ययन से पता चला है कि सिगरेट पीने वाली महिलाओं द्वारा जन्मे बच्‍चे भविष्य में 'सिजोफ्रिनिया' के शिकार हो सकते हैं। चलिए विस्तार से जानें क्या है खबर -


अध्ययन के अनुसार, 'सिजोफ्रिनिया' दरअसल एक प्रकार का मानसिक विकार होता है और महिलाएं द्वारा गर्भावस्‍था के दौरान धूम्रपान करने पर होने वाले बच्चों में इसके होने का जोखिम काफी बढ़ जाता है।

 

Smoking in Pregnancy Can Damage Baby's Brain in Hindi

 

वैज्ञानिकों ने अध्ययन के तहत 1,000 सिजोफ्रिनिया के रोगियों के डाटा का विश्‍लेषण किया। उन्‍होंने मरीजों के जन्म और सेहत के रिकॉर्ड्स को अप्रभावित नियंत्रित व्‍यक्तियों से मिलाया और इसके आधार नतीजे घोषित किए। शोधकर्ताओं ने पाया कि 20 प्रतिशत सिजोफेर्निया के मरीजों की मांओं ने गर्भावस्‍था के दौरान काफी धूम्रपान किया था। शोध में यह भी पाया गया कि जो महिलाएं निकोटिन लेती हैं, भविष्य में उनके बच्‍चों में गंभीर मानसिक बीमारियों के होने का जोखिम अधिक होता है। मां के खून में अधिक निकोटिन की मौजूदगी होने पर 'सिजोफिर्निया' होने की आशंका 38 फीसदी बढ़ जाती है।


न्‍यूयॉर्क सिटी स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ कोलंबिया में सीनियर रिसर्चर प्रोफेसर एलन ब्राउन के अनुसार, 'शायद ये पहला बायोमार्कर आधारित अध्‍ययन है, जिसमें सामने आया है कि भ्रूण के निकोटिन के संपर्क में आने और सिजोफेर्निया होने का आपस में संबंध है।'


निकोटिन प्‍लीसेंटा को आसानी से पार कर जाता है और भ्रूण के खून में प्रवेश कर जाता है। इससे गर्भ में पहल रहे बच्‍चे को न्‍यूरोडेवलपमेंटल एबनॉर्मेलिटी (एक प्रकार की मानसिक बीमारी) हो सकती है।




Image Source - Getty

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