स्लीप सेक्स - आदत नहीं, एक बीमारी, जो कर देती है जिंदगी बर्बाद

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Sep 02, 2016
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Quick Bites

  • सेक्सोनोमिया को स्लीप सेक्स भी कहते हैं।
  • इसमें इंसान सोते हुए सेक्स करता है।
  • कई बार इंसान इस बीमारी में रेप भी कर देता है।
  • और अगले दिन उसे कुछ याद भी नहीं रहता।

स्लीप सेक्स को मेडिकल भाषा में सेक्सोनोमिया भी कहते हैं जो कि एक सेक्सुअल डिसऑर्डर है। इस बीमारी में इंसान सोते हुए सेक्स करता है। आपको याद होगा कि आपने 2014 में एक स्वीडिश घटना की एक न्यूज पढ़ी या सुनी होगी। जिसमें एक स्वीडिश आदमी को 2014 में रेप के आरोप से बाइज्जत बरी कर दिया गया था। क्योंकि उसके वकील ने कोर्ट में प्रूफ कर दिया था कि वो उस समय नींद में था और उसका दिमाग क्या कर रहा है इसके बारे में उसे कोई जानकारी नहीं थी। उसके वकील ने कोर्ट को बताया था कि वह इंसान सेक्सोम्निया का शिकार है औऱ उसने नींद में रेप किया है, इसलिए वह निर्दोष है। जिसके बाद इस घटना की चर्चा पूरी दुनिया में होने लगी।


जहां इस केस के बाद सेक्सोनोमिया पर रिसर्च होने लगी वहीं एक्टिविस्ट इस फैसले का विरोध करने लगे। उनका कहना था कि इससे मुजरिमों को रेप के जुर्म से बचने का आसान वैज्ञानिक रास्ता मिल जाएगा जो एक हद तक सच भी है। आज सेक्सोनोमिया के कारण कई लोगों की वैवाहिक जिंदगी तो खराब हो चुकी है। लेकिन फिर भी भारत में इस पर शायद ही चर्चा हो। तो आइए आज इस लेख के जरिए इस पर चर्चा करना शुरू करते हैं और पता करते हैं कि क्या है सेक्सोनोमिया और कैसे एक इंसान करता है स्लीप सेक्स...

स्लीप सेक्स या सेक्सोनोमिया

  • स्लीप सेक्स एक भयंकर बीमारी है जो मरीजों के साथ मरीजों के आसपास रहने वालों की जिंदगी बर्बाद कर देता है।
  • जैसे की नींद में चलने की बीमारी होती है वैसे ही ये नींद में सेक्स करने की बीमारी है।
  • इसमें इंसान नींद में सेक्स करने लगता है।
  • कई बार स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि इंसान रेप तक कर देता है और अगली सुबह जब उठता है तो उसे कुछ याद भी नहीं रहता।


सेक्सोनोमिया के एक ऐसे ही मामले के बारे में मिनेसोटा विश्वविद्यालय में प्रफेसर, एमडी, न्यूरोलॉजिस्ट मिशेल क्रेमर बोर्नेमन बताते हैं जिसमें एक वैवाहिक दंपति के सो जाने के बाद पति नींद में मैस्टर्बेट करने लगता था। शुरू में पत्नी ने इसे नजरअंदाज किया लेकिन जब ये ज्यादा हो गया तो दोनों ने डॉक्टर से बात की। डॉक्टर से मिलने के बाद पता चला कि वो ऐसा सेक्सुअल डिसऑर्डर से ग्रस्त होने के कारण करते हैं, जिसे स्लीप सेक्स या सेक्सोम्निया भी कहते हैं।


इस डिसऑर्डर पर 1996 में टोरंटो विश्वविद्यालय के डॉ. कॉलिन शापिरो और डॉ निक ने ओटावा विश्वविद्यालय से डॉ पॉल के साथ मिलकर कनाडा में इस पर एक रिसर्च पेपर तैयार किया। इस रिसर्च पेपर के पब्लिश होने के बाद दुनिया भर में इस पर चर्चा होनी शुरू हो गई। इसका नुकसान ये रहा कि इसके बाद से कई आरोपियों के वकील अपने मुवक्किल को रेप के केस से बचाने के लिए इस डिसऑर्डर का सहारा लेने लगे।

 

पेरोसोम्निया की स्थिति

स्लीप सेक्स असल में एक पेरोसोम्निया की स्थिति है जिसमें मरीज को ये नहीं पता होता कि वो जगा है या सोया हुआ है। मरीज का दिमाग कन्फ़्यूज़ रहता है। मरीज को देखकर कोई नहीं कह सकता की वो सोया हुआ है। जबकि सच्चाई ये होती है कि मरीज को पता नहीं होता कि वो क्या कर रहा है। 


अब भी इस पर दुनिया के शोधकर्ता रिसर्च कर रहे हैं। शोधकर्ता इस बीमारी का कारण पता नहीं कर पा रहे हैं। लेकिन डॉक्टरों का मानना है कि जिन लोगों को नींद में चलने औऱ बोलने की बीमारी है उनमें सेक्सोनोमिया होने की ज्यादा संभावना है।

 

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