जानें क्या है व्यक्तित्व व सेक्स के बीच संबंध

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Feb 26, 2016
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Quick Bites

  • व्यक्तिगत विकार का मतलब पर्सनालिटी डिसऑर्डर।
  • अपनी फीलिंग्‍स पर काबू नही रख पाते हैं  पीडि़त।
  • यौन संबंध बनाने के लिए हो जाते है ज्यादा उत्साहित।
  • होमोसेक्‍सुअल गतिविधियों में भी लिप्‍त रहते हैं।

 

यौन इच्‍छा आदमी की जरूरत है और मनोविकार उसमें बाधा। व्‍यक्तित्‍व विकार यानी कि पर्सनालिटी डिसार्डर ऐसी बीमारी है जिसमें आदमी अपनी शख्सियत भूल जाता है। इसमें आदमी अपने व्‍यक्तिगत संबंधों को लेकर बहुत ही अनिश्चित हो जाता है। इस बीमारी से ग्रस्‍त लोग अपनी फीलिंग्‍स पर काबू नही रख पाते हैं। बीपीडी से ग्रस्‍त व्‍यक्ति में सेक्‍स को लेकर इस प्रकार के कुछ लक्षण दिखाई देते हैं। सेक्‍स संबंध बनाते वक्‍त ज्‍यादा एक्‍साइटेड होना, ज्‍यादातर अलग-अलग पार्टनर के साथ यौन संबंध बनाना, कई दिनों तक यौन संबंध बनाने की इच्‍छा न होना, अजनबियों से शारीरिक संबंध बनाना, रेप का शिकार होना आदि।

[इसे भी पढ़ें : असुरक्षित यौन संबंध]

 

  • पर्सनालिटी डिसॉर्डर होने पर ऐसा भी हो सकता है कि आदमी के अंदर यौन संवेदनायें पैदा ही न हों और ऐसी स्थिति भी आ सकती है वह बार-बार सेक्‍स संबंध बनाने की इच्‍छा जताये। आइए हम आपको बताते हैं कि पर्सनालिटी डिसॉर्डर और सेक्‍स एक-दूसरे को कितना प्रभावित करते हैं।
  • यह एक दिमागी बीमारी है जिसमें आदमी सोचने और समझने की शक्ति खो देता है। सामान्‍य शब्‍दों में कहा जाये तो व्‍यक्तित्‍व विकार ऐसा रोग है जिसमें आदमी सामान्‍य स्थितियों में भी बेतुकी बहस करता है।
  • दूसरे की बातें गलत लगती हैं और आदमी अपनी बात को मनवाने की कोशिश करता है। व्यक्तित्व विकार का पता अक्सर भावनात्मक प्रतिक्रियाओं से लगाया जा सकता है। व्यक्ति की भावनात्मक तरीके में प्रतिक्रिया व्यक्त करने की प्रवृत्ति अलग होती है।
  • व्‍यक्तित्‍व विकार से ग्रस्‍त आदमी अपनी भावनाओं पर काबू नही रख पाता है। सार्वजनिक जगहों पर इंटीमेसी दिखाने में भी उसे कोई दिक्‍कत नही होती है।
  • ऐसे लोग बड़ी जल्‍दी सेक्‍सुअल पार्टनर भी ढूंढ़ लेते हैं। अक्‍सर इस बीमारी से ग्रस्‍त लोगों के सेक्‍सुअल पार्टनर अलग-अलग होते हैं।
  • इस बीमारी से ग्रस्‍त लोग एक महिला या पुरुष के साथ यौन संपर्क बनाने से बचते हैं। ऐसे लोग एक पार्टनर के ज्‍यादा करीब भी आने की कोशिश नही करते हैं।
  • ऐसे लोगों को सेक्‍स आकर्षित नही कर पाता है। इस बीमारी से ग्रस्‍त लोग कई दिनों तक सेक्‍स संबंध भी नही बनाते हैं।
  • ऐसे लोग यौन इच्‍छा की पूर्ति के लिए ज्‍यादातर अजनबियों के प्रति आकर्षित होते हैं। महिलायें हर बार नए पार्टनर की तलाश करती हैं।
  • बार-बार एक जैसा माहौल और पुराने लागों की संगत से दूर भागते हैं। पुरानी जगहों पर बार-बार जाने से बचते हैं।
  • व्‍यक्तित्‍व विकार से ग्रस्‍त लोग एकांत गतिविधियों में लिप्‍त रहना पसंद करते हैं। लोगों के संपर्क में आने से कतराते हैं और मेलजोल करने से बचते हैं।
  • इस बीमारी से ग्रस्‍त आदमी को सेक्‍स क्रियायें उत्‍तेजित नही करती हैं क्‍योंकि दिमाग काम करना बंद कर देता है और यौन संकेतों को समझने में दिक्‍कत होती है।
  • बॉर्डरलाइन पर्सनालिटी से ग्रस्‍त लोग यौन संबंध बनाते वक्‍त अचानक ज्‍यादा एग्रेसिव हो सकते हैं और पार्टनर का रेप भी कर सकते हैं।
  • व्‍यक्तित्‍व विकार से ग्रस्‍त महिलायें अक्‍सर किसी अजनबी आदमी से रेप का शिकार होती हैं क्‍योंकि वो अपनी भावनाओं को काबू नही कर पाती और अनजान व्‍यक्ति यौन संबंध बना लेती हैं।
  • ऐसे लोग होमोसेक्‍सुअल गतिविधियों में भी लिप्‍त रहते हैं। ऐसी स्थिति महिलाओं में ज्‍यादा देखी जाती है। महिलायें पुरुषों की तुलना में महिलाओं के साथ यौन संबंध बनाती हैं।



बॉर्डरलाइन पर्सनालिटी से ग्रस्‍त लोग रिश्‍तों को ज्‍यादा दिनों तक बनाये रखने में सफल नही होते हैं। मानसिक विकार के कारण ऐसे लोगों में अलगाव बहुत जल्‍दी हो जाता है। पुरुषों की तुलना में महिलायें इस बीमारी का ज्‍यादा शिकार होती हैं।

 

Image Source-Getty

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