क्या सेक्स का मतलब प्यार है

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jun 13, 2011
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Depressed coupleयुवाओं में प्यार और सेक्स को लेकर अलग-अलग भ्रांतियां है। एक वर्ग ऐसा है जो प्यार और सेक्स को एक ही मानता है तो एक वर्ग ऐसा है जो संभोग का मतलब प्यार मानता है और जबकि एक वर्ग ऐसा है जो प्यार में सेक्स और सेक्स से पहले प्यार को जरूरी मानता है। प्यार और सेक्स इन दोनों शब्दों के अर्थों में कोई गहन अंतर नहीं है। लेकिन गहनता से देखा जाए तो दोनों एक दूसरे के पूरक है। प्यार और सेक्स को लेकर हर वर्ग की अपनी-अपनी राय है। आइए जानें क्या सेक्स का मतलब प्यार है या कुछ और।

  • प्यार और सेक्स एक ऐसा विषय हैं, जिस पर हर कोई बात करना न तो अच्छा मानता है न ही जरूरी।
  • कुछ लोगों को मानना है कि पहली बार सेक्स करने के लिए या पहली बार सेक्स का अनुभव प्राप्त करने के लिए जरूरी नहीं कि प्यार के चक्कर में पड़ा जाए।
  • एक वर्ग में कुछ लोग ऐसे हैं, जो ये मानते है कि यदि वह किसी से प्यार नहीं करता तो उसके साथ सेक्स संबंध कैसे स्थापित कर सकता है। यानी रिश्ते के साथ-साथ सेक्स होना भी कोई बुराई नहीं।
  • कुछ वर्ग में लोग ऐसे भी है, जो संभोग का मतलब सिर्फ सेक्स मानते हैं यानी उन्हें प्या‍र से मतलब नहीं बल्कि देह से मतलब है और अपनी शारीरिक भूख शांत करने से।
  • कुछ एक वर्ग ऐसे है जिसे संवेदनशील या भावनात्मीक लोगों में जोड़ा जा सकता है, उनका मानना है कि जब तक किसी से प्यार न हो दैहिक रूप से जुड़ना संभव नहीं। वहीं यही वर्ग ये भी मानता है कि यदि वह किसी से दैहिक रूप जुड़ गये हैं तो उसमें प्यार की भावना होना बेहद जरूरी है। साथ ही अगर भावनात्मक जुड़ाव है, तो इस स्थिति में रूप से आप जुड़ गए तो शारीरिक रूप से जुड़ना भी जरूरी नहीं।
  • इन सबके बावजूद ये समझना भी जरूरी है कि क्या प्यार का मतलब सेक्स है? क्या सेक्स का मतलब प्यार है? क्या प्यार के दौरान सेक्स कुछ होता है?
  • अक्सर कहा जाता है कि जहां दो प्रेमी एक-दूसरे से भावनात्मेक रूप से जुड़ गए हैं उनके लिए शारीरिक रूप से जुड़ना मात्र एक औपचारिकता रह जाती है। लेकिन ठीक इसके विपरीत ये भी माना जाता है कि सेक्स प्यार को बढ़ाने और करीब लाने में मदद करता है।
  • ये सिर्फ एक बहस का मुद्दा भर है कि क्या प्यार सेक्स को बढ़ाता है या फिर सेक्स प्यार को बढ़ाने में सहायक है।
  • कुछ लोग प्यार और सेक्स दोनों को बिल्कु्ल अलग-अलग मानते हुए प्यार को जहां एक प्यारा या मधुर अनुभव मानते हैं वहीं सेक्स को शारीरिक जरूरत मानते हैं।

शोधों के अनुसार, अगर आपके सेक्‍सशुअल रिलेशन अच्छे हैं, तो आपका पार्टनर आपके करीब रहेगा। वहीं सेक्सशुअल रिलेशन अच्छे नहीं होने पर नौबत तलाक तक पहुंच सकती है। यह शोध साबित करता है कि प्यार और सेक्स एक-दूसरे के पूरक है। प्यार के बिना सेक्स संभंव नहीं और सेक्स के बिना प्यार अधूरा है।

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