रोजाना सात घंटे की नींद से बढ़ती है महिलाओं की मां बनने की क्षमता

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Oct 17, 2013
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Quick Bites

  • सात से आठ घंटे की नींद लेने वाली महिलाओं के गर्भधारण करने की गुंजाइश ज्‍यादा।
  • दक्षिण कोरिया स्थित 'ईज यूनि‍वर्सिटी' में हुए नए अध्‍ययन से यह बात सामने आयी।
  • आईवीएफ तकनीक से गर्भधारण करने वाली करीब 650 महिलाओं पर अध्‍ययन किया।
  • स्‍ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल की सक्रियता में इजाफा होता है गर्भावस्‍था में कम नींद लेने से। 

 

 

सोने पर निर्भर करती है महिलाओं  की प्रजनन क्षमतामां बनने की इच्‍छुक महिलाओं को रोजाना सात से आठ घंटे की नींद लेनी चाहिए। इससे गर्भधारण की संभावना बढ़ जाती है। दक्षिण कोरिया स्थित 'ईज यूनि‍वर्सिटी' के नए अध्‍ययन में यह बात सामने आयी है।

 

सात से आठ घंटे की नींद लेने वाली महिलाओं के गर्भधारण करने की गुंजाइश ज्‍यादा होती है। वहीं नौं घंटे से अधिक या सात घंटे से कम सोने वाली महिलाओं में इसकी संभावना कम हो जाती है। इसके साथ ही महिलाओं का तय समय पर सोने और उठने का संबंध भी महिलाओं की गर्भधारण क्षमता पर पड़ता है। ठोस निष्‍कर्ष प्राप्‍त करने के लिए शोधकर्ताओं ने आईवीएफ तकनीक के जरिये गर्भधारण करने वाली करीब 650 महिलाओं पर अध्‍ययन किया।

 

इस दौरान जिन महिलाओं ने सात से आठ घंटे की नींद ली, नौ घंटे से अधिक सोने वाली महिलाओं के मुकाबले उनके गर्भधारण की गुंजाइश 25 फीसदी ज्‍यादा थी। वहीं छह घंटे से कम सोने वाली महिलाओं के मुकाबले उनके मां बनने की संभावना 15 फीसदी अधिक पाई गई।

 

फिलहाल यह अध्‍ययन केवल आईवीएफ तकनीक से गर्भधारण करने वाली महिलाओं पर किया गया है। लेकिन इस बात की पूरी संभावना है कि प्राकृतिक तरीके से गर्भधारण करने वाली महिलाओं के लिए भी सात से आठ घंटे की नींद फायदेमंद साबित होगी।

 

दक्षिण कोरिया के फर्टिलिटी, क्लिनिक चलाने वाले डॉक्‍टर ह्यान के मुताबिक, जरूरत से ज्‍यादा सोने से शरीर में मौजूद 'प्रोलेक्टिन' हार्मोन का स्‍तर बढ़ जाता है। यह महिलाओं की प्रजनन क्षमता को नुकसान पहुंचाता है। वहीं कम नींद लेने से स्‍ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल की सक्रियता में इजाफा होता है। यह भी गर्भधारण की क्षमता पर नकारात्‍मक प्रभाव डालता है। तय समय पर सोने और जागने से भी मां बनने के आसार पुख्‍ता होते हैं। इसलिए डॉक्‍टर ह्यान अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि गर्भधारण के लिहाज से सोने व जागने का कौन सा समय महिलाओं के लिए आदर्श हो सकता है।

 

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