अपनी क्षमताओं को पहचाने वाले लोगों की खूबियां

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Aug 08, 2014
Comment

Subscribe for daily wellness inspiration

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

  • आत्‍मसंतुष्टि और अपनी क्षमताओं का आकलन है जरूरी।
  • इसके बाद व्‍यक्ति अपनी खुशी का खुद मालिक होता है।
  • सहजता और दार्शनिक हास्‍य होता है ऐसे लोगों की पहचान।
  • ऐसे लोग जीवन में दूसरों का मजाक नहीं उडाना पसंद करते। 

अब्राहम मास्‍लो ने जरूरतों की ऐसी प्राथमिकता तय की जिसमें ऐसी कई चीजें शामिल थीं, जो मानव स्‍वभाव को प्रभावित करती थीं। इन प्राथमिकताओं को आमतौर पर पिरामिड के तौर पर दिखाया जाता है। जिसमें सबसे निचले पायदान पर मूलभूत आवश्‍यकतायें होती हैं और ज्‍यादा पेचीदा बातें पिरामिड के ऊंचे स्‍थान पर होती हैं।

इस हायरेकी में सबसे ऊपर 'सेल्‍फ-एक्‍चूलाइजेशन' को जगह दी गयी है। 'सेल्‍फ-एक्‍चूलाइजेशन' यानी स्‍वयं को जानने और पहचानने की प्रवृत्ति। इसमें बताया गया है कि जब इनसान पिरामिड के निचले पायदान पर स्थित चीजों को पा लेता है, तो वह शिखर पर मौजूद इस चीज को पाने का प्रयास करता है। 'सेल्‍फ-एक्‍चूलाइजेशन' आत्‍म-संतुष्टि की उस चाहत को कहा जाता है जिसमें व्‍यक्ति को इस बात का अहसास हो जाता है कि आखिर उसकी क्षमता क्‍या है।

self actualised people in hindi

व्‍यावहारिक

'सेल्‍फ-एक्‍चूलाइजेशन' की अहम खूबी होती है कि वे आज में जीते हैं। वे व्‍यावहारिक होते हैं। वे अनजान और अगल चीजों से डरने के बजाय, चीजों को तार्किक ढंग से देख पाते हैं।

समस्‍या के मूल पर ध्‍यान

जिन लोगों को अपनी क्षमताओं का अहसास होता है वे समस्‍या के मूल पर ध्‍यान केंद्रित करते हें। निजी नैतिक मूल्‍य और उत्‍तरदायित्‍व उनकी ऊर्जा और शक्ति का केंद्र होता है। समस्‍यायें सुलझाने की अपनी क्षमता को वे दुनिया में आजमाते हैं। साथ ही दूसरों की मदद कर वे अपने जीवन को भी बेहतर बनाने का प्रयास करते हैं।

अनुभव

जिन लोगों को अपनी क्षमताओं का ज्ञान हो चुका होता है वे अपने अनुभवों से सीखते हैं। मास्‍लो का कहना है कि खुशी, उत्‍साह, हैरानी डर, और परमानंद के पल व्‍यक्ति को काफी कुछ सिखाते हैं। वे उनसे अनुभव हासिल करते हैा। इन अनुभवों के बाद व्‍यक्ति अधिक ऊर्जावान, शक्तिशाली और तरोताजा महसूस करता है।

Characteristics of self actualised people in hindi

स्वायत्तता

इस प्रवृत्ति के लोग स्‍वायत्‍त होते हैं। उनकी खुशी दूसरों पर निर्भर नहीं करती। वे किसी से खुशियां उधार नहीं लेते। वे मौलिक होते हैं। उनका यह मौलिक नजरिया उन्‍हें हर लम्‍हे का आनंद लेने की कला सिखाता है। और वे अपने हर अनुभव की खूबसूरती को महसूस करते हैं।

एकांत और गोपनीयता

सेल्‍फ एक्‍चूलाइज्‍ड लोग अपनी निजता को काफी महत्‍व देते हैं। वे अपने एकांत का आनंद उठाते हैं। हालांकि, उन्‍हें दूसरों का साथ भी काफी पसंद होता है, लेकिन आत्‍म-खोज और अपनी क्षमताओं के आकलन के लिए अकेले रहना भी उनके लिए बहुत जरूरी होता है।


हास्‍य का दार्शनिक अर्थ

ऐसे लोग मजाक-मजाक में बड़ी गहरी बातें कह जाते हैं। वे हर परिस्थिति में हास्‍य ढूंढ लेते हैं। वे अपने पर हंसना जानते हैं। लेकिन, वे किसी दूसरे की निजी भावनाओं का मजाक नहीं बनाते।

 

self actualised in hindi

सहजता

ऐसे लोग खुले विचारों के होते हैं। वह परंपरागत तरीकों से हटकर सोचते हैं और सहजता से हर बात को स्‍वीकार करते हैं। हालांकि ऐसे लोग सामान्‍य सामाजिक जरूरतों को पूरा करने में सक्षम होते हैं, लेकिन अपने विचारों और व्‍यवहार में वे इन बातों से पूरी तरह प्रभावित नहीं होते। वे लगातार नया करने के बारे में सोचते रहते हैं।

 

जब आप जीवन के इस स्‍तर पर पहुंच जाते हैं तो आपके लिए बहुत सी भौतिक वस्‍तुओं की महत्‍ता कम हो जाती है। आप तय कर पाते हैं कि वास्‍तविक खुशी किन चीजों में है। दूसरों पर आपकी निर्भरता कम होती है ओर आप अपनी खुशी के स्‍वयं स्रोत बन जाते हैं।

 

Image Courtesy- getty images

 

Read More Articles on Mental Health in Hindi

Write Comment Read ReviewDisclaimer Feedback
Is it Helpful Article?YES10 Votes 2314 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर