कॉस्‍मेटिक कंपनियां नहीं चाहतीं कि आप जानें ये राज

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Feb 11, 2014
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Quick Bites

  • कंपनियों के दावे की नहीं होती हैं कोई जांच।
  • अपने विवेक के हिसाब से करें खरीदारी।
  • महंगे उत्‍पाद नहीं हैं अच्‍छी गुणवत्‍ता की गारंटी।
  • प्राकृतिक उत्‍पाद पूरी तरह सुरक्षित हों कोई गारंटी नहीं।

सिर्फ एक सप्‍ताह में पाइए दमकता निखार। चंद दिनों में पाइए गोरी निखरी और जवां त्‍वचा। हमारी क्रीम लगाइए और पाइए दाग धब्‍बों से पूरी तरह छुटकारा। इस तरह के दावे कई कॉस्‍मेटिक कंपनियां करती हैं, लेकिन क्‍या वाकई उनके उत्‍पाद इस लायक होते हैं। कंपनियां आपको अपनी खूबियों के बारे में तो बढ़ा-चढ़ाकर बताती हैं, लेकिन वे आपसे कई जरूरी बातों को छुपा जाती हैं। आइए जानें ऐसी ही कुछ बातों को -

 

दावों पर कोई नियंत्रण नहीं

भारत में कॉस्‍मेटिक के दावों पर किसी प्रकार का नियंत्रण नहीं है। कॉस्‍मेटिक कंपनियां अक्‍सर अपने उत्‍पाद के बारे में बढ़ा-चढ़ाकर दावे पेश करती हैं, लेकिन उनकी हकीकत को सच साबित करने के प्रमाण अक्‍सर उनके पास नहीं होते। बहुत ही सधी और चतुराई भरी भाषा में कॉस्‍मेटिक कंपनियां अपने उत्‍पाद की खूबियां और उनके दावों के बारे में बखान करती हैं। यह भाषा को इस कदर लिखा जाता है कि सच और झूठ के बीच का फर्क अक्‍सर मिट जाता है। कई बार कॉस्‍मेटिक कंपनियों के तथाकथित 'शोध' भी किसी वैज्ञानिक नतीजों पर आधारित नहीं होते। इनके उत्‍पाद से लाभ पाने की शर्तें भी ऐसी होती हैं, जिन्‍हें निभा पाना आसान नहीं होता ।

 

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उम्र के प्रभाव को दूर करने के लिए सनस्‍क्रीन ही काफी

अगर आप अपनी बढ़ती उम्र से परेशान हैं और जवां दिखना चाहती हैं, तो आपके लिए केवल सनस्‍क्रीन ही काफी है। इससे आपकी त्‍वचा सूरज की हानिकारक किरणों से बची रहेंगी। इसके अलावा आपको अन्‍य महंगे उत्‍पादों की जरूरत नहीं है। रात को लगाकर सोने वाले उत्‍पाद हों या फिर अन्‍य सीरम आदि। इनमें से कोई भी उत्‍पाद आपके काम का नहीं है। सनस्‍क्रीन आपको सूरज की हानिकारक अल्‍ट्रावॉयलेट किरणों से बचाती है। इससे आपके चेहरे पर न तो झुर्रियां पड़ती हैं और न ही कैंसर की ही शिकायत होती है। सनस्‍क्रीन में टाइटेनियम डाइऑक्‍साइड, जिंक ऑक्‍साइड अथवा एवोबेनजोन होना चाहिए। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि कई सनस्‍क्रीन इन उत्‍पादों से रहित होती हैं। तो अगली बार जब आप सनस्‍क्रीन खरीदने जाएं, तो इन तत्‍वों को जरूर जांच लें।

 

प्राकृतिक उत्‍पाद सुरक्षा की गारंटी नहीं

कोई उत्‍पाद प्राकृतिक है, तो वह पूरी तरह सुरक्षित होगा इसकी कोई गारंटी नहीं। और न ही यह इस बात की गारंटी है कि वह उत्‍पाद आपकी त्‍वचा के लिए बेहतर होगा। और तो और 'प्राकृतिक' शब्‍द भी विनियमित नहीं है। कई 'प्राकृतिक' उत्‍पाद आपकी सेहत को काफी नुकसान पहुंचा सकते हैं। कई कॉस्‍मेटिक उत्‍पादों में पुदीने का तेल, खट्टे पदार्थ, लेवेण्‍डर ऑयल जैसे प्राकृतिक तत्‍व पाये जाते हैं, जिन्‍हें इरिटेटिंग माना जाता है। लेकिन, इसके साथ ही कई ऐसे तत्‍व भी होते हैं, जो आपकी त्‍वचा के लिए काफी अच्‍छे होते हैं।

 

मेकअप प्रदूषण से नहीं बचाता

मेकअप आपकी त्‍वचा को वायु प्रदूषण से नहीं बचाता। प्रूदषक तत्‍व आसानी से मेकअप की परत से गुजर जाते हैं। चाहे आप अपने चेहरे पर कोई भी और कैसा भी मेकअप लगा लें, लेकिन प्रदूषण और उसमें मौजूद हानिकारक तत्‍व उन्‍हें भेदकर आपकी त्‍वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

 

महंगे उत्‍पाद बेहतर हों जरूरी नहीं

अब कोई भी कंपनी इसका दावा नहीं करती। महंगे उत्‍पादों को अकसर गुणवत्‍ता की निशानी माना जाता है। कई बार कंपनियां महंगे और सस्‍ते उत्‍पाद बना लेती हैं, उनका नाम अलग होता है, लेकिन उन उत्‍पादों में लगभग एक जैसे तत्‍व होते हैं।

 

 

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एक ही ब्रांड पर टिके रहना जरूरी नहीं

एक ही ब्रांड के सभी उत्‍पाद इस्‍तेमाल करना जरूरी नहीं। हर ब्रांड के कुछ उत्‍पाद ऐसे होते हैं, जो आपकी त्‍वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं। यह मानना कि एक ही ब्रांड के सभी उत्‍पाद इस्‍तेमाल करने से आपकी त्‍वचा को ज्‍यादा फायदा होगा, पूरी तरह से गलत है। ब्रांड के प्रति वफादार होना तब बेमानी हो जाता है, जब आप देखते हैं कि अधिकतर ब्रांड कुछ बड़ी कंपनियों के है।

 

 

सेल्‍समैन की न सुनें

काउंटर पर खड़े सेल्‍समैन भी कंपनियों के प्रचारक के रूप में ही काम करते हैं। उन पर भी उत्‍पाद बेचने का दबाव होता है। कई बार किसी खास उत्‍पाद को बेचने से उन्‍हें अतिरिक्‍त लाभ मिलती है। बेशक, वे सोचते हैं कि उनका उत्‍पाद बेहतर है, लेकिन इसके पीछे आर्थिक कारण अधिक होते हैं।

सेल्‍युलाइट क्रीम

पेट की चर्बी कम करने का दावा करने वाली कुछ सेल्‍युलाइट क्रीम वास्‍तव में वैसे काम नहीं करतीं, जैसाकि उनके विज्ञापनों में दिखाया जाता है। ऐसा न तो वास्‍तविकता में संभव है और न ही व्‍यावहारिकता में। इसलिए इन पर अधिक विश्वास करना नहीं चाहिए।



याद रखिये कॉस्‍मेटिक का बाजार बहुत बड़ा है और कंपनियां अपने उत्‍पाद बेचना चाहती हैं। ऐसे में वे अपनी खूबियों की बात करेंगी। कई बार यह बात अतिरेक तक पहुंच जाती है और कंपनियां बड़े-बड़े दावे करने लगती हैं। अब यह आपको तय करना है कि ये उत्‍पाद किस लायक हैं। खरीदारी करते समय आपको अपने विवेक का इस्‍तेमाल करना है। अगर किसी उत्‍पाद को लेकर दुविधा हो तो आप उसे इस्‍तेमाल करने से पहले डॉक्‍टर से जरूर सलाह ले लें।

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