ईसबगोल के फायदे और इसका सही इस्तेमाल, जानिए

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Apr 23, 2015
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Quick Bites

  • दवाई के रूप में ईसबगोल का इस्तेमाल।
  • पेट से जुड़ी समस्याओं को करता है दूर।
  • पानी और दूध में मिलाकर होता है सेवन।

आधुनिक इलाज के दौर में 'ईसबगोल' का महत्व लगातार बढ़ता जा रहा है। पाचन तंत्र से संबंधित समस्याओं में दवा के रूप में इसका इस्तेमाल हो रहा है। यह लगभग तीन फुट ऊंचे पौधे का बीज होता है। यह बीजों के ऊपर सफेद भूसी होती है। ईसबगोल के बीजों एवं भूसी में काफी मात्रा में म्युसिलेज पाया जाता है जिसके अंदर मुख्य रूप से जाईलोज, एरेविनोज रैमन्नोज और गैलेक्टोज आदि पाए जाते हैं। अतिसार, पेचिश जैसे पेट की समस्याओं में 'ईसबगोल' की भूसी का इस्तेमाल किया जाता है, इसकी खासियत यह है कि इसका साइड इफेक्ट भी नहीं होता है।

Isabgoal in Hindi

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ईसबगोल के सेवन से लाभ

कब्ज, दस्त, जोड़ों के दर्द, मल में रक्त, पाचनतंत्र संबंधी गड़बड़ी, शरीर में पानी की कमी, मोटापा व डायबिटीज में ईसबगोल काफी फायदेमंद होता है। जोड़ों के दर्द, कब्ज व पाचनतंत्र को दुरूस्त करने के लिए रात के खाने के बाद एक गिलास गर्म दूध के साथ एक चम्मच ईसबगोल की भूसी लेने से लाभ होता है। दस्त के दौरान रक्तस्राव हो या लंबे समय से कब्ज हो तो आधा कप पानी के साथ इसकी भूसी लें। 20 मिलिलीटर की मात्रा में एक गिलास पानी में मिला लें और एक चम्मच ईसबगोल के बीज साथ में लें। इससे आंतों में होने वाली रूकावट व संक्रमण दूर होता है।
Isabgoal in hindi

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ईसबगोल के इस्तेमाल का तरीका

ईसबगोल की भूसी का असर होने में 10-12 घंटे लग जाते हैं, इसलिए शाम को छह बजे के करीब लेंगे तो सुबह समय से मोशन हो सकेगा। जब कब्ज ठीक हो जाए, तो यह प्रयोग बंद कर दें। आधे ग्लास पानी में एक चम्मच 5 मिनट तक भिगो कर पी लें और इस के बाद एक ग्लास पानी और पी लें। इसे खाने के 1 घंटे बाद लेना बेहतर है। वजन घटाने के लिए दिन में 3 बार खाने से आधा घंटा पहले लेना उचित है। दमा की शिकायत में सुबह-शाम दो-दो चम्मच ईसबगोल की भूसी गर्म पानी के साथ लेने से यह शिकायत दूर हो जाती है।

ईसबगोल के बीजों को लेना हो तो इन्हें पीसना नहीं चाहिए। ईसबगोल के बीज शांतिदायक और शीतल होते हैं। इनसे पेट की अनावश्यक गर्मी दूर होती है।


Image Source Gettyimages

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टिप्पणियाँ
  • suresh kumar12 Apr 2016

    Isabbol itna faydemand hai, isaki janakari kam logo ko hogi, is lekh me isabgol ke bare me bahut achhi baatein batayi gayi hain.

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