जानें क्‍या है तितली आसन और इसके फायदे

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Mar 17, 2012
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Quick Bites

  • तितली आसन करते समय आपकी मुद्रा तितली के समान हो जाती है।
  • तिली आसन का नियमित अभ्यास पैरों की मांसपेशियां मजबूत करता है।
  • गर्भावस्था में तितली आसन करने से डिलवरी के समय दर्द कम होता है।
  • इस आसन को करते समय पैरों को ज्यादा जोर से नहीं हिलाएं।

तितली आसन करते समय आपकी मुद्रा तितली के समान हो जाती है, इसलिए इस मुद्रा को तितली आसन कहते हैं। दिन भर की भागदौड़ के लिए आपके पैरों की मांसपेशियां मजबूत होना बहुत जरुरी है। सुबह सुबह इस आसन को करने से पैरों की मांसपेशियां की एक अच्छी कसरत  हो जाती है और मांसपेशियां मजबूत होती हैं।


कैसे करें तितली आसन

  • किसी समतल स्थान पर दरी  या कंबल बिछाकर उस पर बैठ जाएं। दोनों पैरों को सामने की ओर फैला लें। दोनों पैरों को घुटनों से मोड़ें और दोनों तलवों को आपस में मिला लें।
  • अपने दोनों हाथों से पैरों की अंगुलियों को पकड़ें और एड़ी को शरीर के पास लाने का प्रयास करें।
  • आपके हाथ बिल्कुल सीधे होने चाहिए और शरीर को भी पूरी तरह सीधा रखें। जिससे रीढ़ की हड्डी भी सीधी हो जाए।
  • सामान्य गति से सांस लें और दोनों पैरों के घुटनों को एक साथ ऊपर की ओर लाएं फिर नीचे की ओर लाएं। ऐसा करते हुए कोशिश करें कि पैर जमीन को न छूने पाए।
  • इस तरह अपने पैरों को लगातार 20-25 बार ऊपर-नीचे की ओर ले जाएं, ध्यान रखें की झटका न लगे।
  • इसके बाद पैरों को धीरे-धीरे सीधा कर लें और कुछ समय तक शरीर को ढीला छोड़ दें।


गर्भावस्था में तितली आसन के लाभ

गर्भावस्था में तितली आसन करने से डिलवरी के समय दर्द कम होता है। गर्भवती महिलाओं को यह आसन पहली तिमाही में ही शुरू कर देना चाहिए। इस आसान से आपके शरीर के ‍पिछले निचले हिस्से व जंघाओं के आतंरिक हिस्से का तनाव कम होकर खुल जाता है तथा इससे घुटनों का लचीलापन बढ़ता है।


जरूर रखें ये सावधानी

इस आसन को करते समय पैरों को ज्यादा जोर से नहीं हिलाएं। बताई गई विधि अनुसार ही आसन करें। ध्यान रहें जिन लोगों को कमर के नीचले हिस्से में दर्द हो वे लोग तितली आसन का अभ्यास न करें।


क्या होते हैं तिली आसन करने के लाभ

  • इस योग से हमारा शरीर लचीला बनता हैऔर हमें अन्य योग करने में किसी तरह की कोई समस्या नहीं होती है।
  • बहुत लोगों को अपने पैरों को मोड़कर बैठने में समस्या आती है। इस आसन को करने से पैर की मांसपेशियां लचीली व मजबूत होती हैं और आप आसानी से पैर मोड़कर बैठ सकते हैं।
  • इस आसन से जांघों की मांसपेशियों में आया तनाव या खिंचाव कम होता है। अधिक देर तक खड़े रहने या चलने के बाद तितली आसन करने से थकान दूर हो जाती है।
  • इससे पैरों में खून का बहाव ठीक रहता है। गठिया व जोड़ों के दर्द में इस आसन को करने से काफी आराम मिलता है।

 

Image Source - Getty

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