एड्स पर शोध

By  ,  दैनिक जागरण
Nov 28, 2011
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एड्स इंसा के सहयोग से इलाहाबाद विश्वविद्यालय के रसायन विज्ञान विभाग में चल रहा शोध


उम्मीद जगी है कि एचआईवी संक्रमित लोगों के लिए कारगर दवा जल्द तैयार कर ली जाएगी। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रो. आरके सिंह ने ऐसे नौ यौगिक खोज निकाले हैं, जो एड्स को न सिर्फ कम करेंगे, बल्कि उसे पनपने से भी रोकेंगे। इसे चिकित्सा जगत में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।


दुनिया में लगभग 3.5 करोड़ लोग एड्स की चपेट में हैं। सिर्फ भारत में ही इससे 25 लाख लोग पीडि़त हैं। तमाम शोध के बाद भी वैज्ञानिक इसकी काट नहीं ढूंढ पाए थे, अब जाकर एक उम्मीद जगी है।


क्या है अनुसंधान और उसके नतीजे


विश्वविद्यालय के रसायन विज्ञान विभाग में इंडियन नेशनल साइंस एकेडमी नई दिल्ली (इंसा) के सहयोग से यह प्रोजेक्ट लगभग चार वर्षो से चल रहा है। अब तक लगभग 100 यौगिकों पर अध्ययन किया गया। इनमें से 30 को परीक्षण के लिए दिल्ली के नेशनल इंस्टीट्यूट आफ इम्युनोलॉजी, नेशनल एड्स रिसर्च इंस्टीट्यूट पुणे और बेल्जियम की प्रयोगशालाओं में भेजा गया। जांच के बाद नौ ऐसे यौगिक चिह्नित किए गए, जो एचआईवी वायरस को नष्ट करने में कारगर साबित हुए। साथ ही ये यौगिक शरीर पर किसी प्रकार का दुष्प्रभाव नहीं डालते हैं और प्रतिरोधक क्षमता के विकास के लिए उनके अनुकूल परिस्थितियां भी विकसित करने में सक्षम पाए गए हैं। इनकी मदद से जिन दवाओं को विकसित किया जाएगा, उनकी लागत भी कम आएगी।


आगे का अध्ययन पोलैंड में


शोधकर्ता प्रो. आरके सिंह बताते हैं कि इस मामले में आगे का अध्ययन अब इंस्टीट्यूट आफ बायोकेमेस्ट्री एंड फिजिक्स पोलैंड में होगा। इसमें वहां के प्रो.डी सुगर भी मदद करेंगे। इंसा प्रो.सिंह को छह माह के लिए पोलैंड भेज रहा है।

 

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