थायराइड की समस्‍या और बालों के झड़ने के बीच संबंध

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Sep 17, 2015
Comment

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

  • बालों का झड़ना थॉयराइड रोग की एक मुख्य पहचान।
  • हाइपरथायरॉडिज्म और हाइपोथायरॉडिज्म की संभावना।
  • थकावट, कमज़ोरी, अधिक पसीना आना आदि लक्षण।
  • हार्मोंन्स के संतुलन से ही रूकेगा बालों का झड़ना।

 

थॉयराइड के रोग चार प्रकार के होते हैं। पहला होता है हाइपरथायरॉडीज़म, या थॉयराइड  के हार्मोन का ज़रुरत से ज्यादा निर्माण। दूसरा, पहले के बिलकुल विपरीत होता है, जिसे हाइपोथायरौडीज़म के नाम से जाना जाता है, जिसमे थॉयराइड के हार्मोन का ज़रुरत से कम निर्माण होता है।  इसके अलावा एक गंभीर  थॉयराइड रोग होता है लेकिन वह संक्रामक नहीं होता, और बदतर से बदतर हालत में, चौथा रोग होता है थॉयराइड संक्रमण यानी कि थॉयराइड कैंसर।     

 
थॉयराइड से झड़ते है बाल

हाइपरथायरॉडिज्म और हाइपोथायरॉडिज्म, दोनों ही बालों के झड़ने के कारण बन सकते हैं, और बालों का झड़ना थॉयराइड रोग की एक मुख्य पहचान होती  है। देखा जाए तो यह थॉयराइड रोग की एक अति गंभीर पहचान होती है। इसमें न सिर्फ सिर के बाल झड़ते हैं बल्कि भौहों के बाहरी हिस्सों को भी हानि पहुँचती है। कभी कभी इससे शरीर के बाल झड़ने का भी खतरा हो सकता है।हाइपरथायरॉडिज्म रोग के आम लक्षण हैं, भूख का बढ़ना, वज़न में गिरावट, घबराहट, गर्मी से परहेज़, बेचैनी, अधिक पसीना आना, थकावट, आँत की बढ़ी हुई गतिविधयां, प्रत्यक्ष रूप से गोइटर में बढ़ोतरी, मासिक धर्म में अनियमितता, इत्यादि । हाइपरथायरॉडिज्म  की चिकित्सा के लिये रेडिओ एक्टिव आयोडीन, प्रतिरोधक दवाइयों का प्रयोग किया जाता है, और बहुत ही विरले मामलों में सर्जरी की ज़रूरत पड़ती है। हाइपोथायरॉडिज्म के रोग में, थकावट, कमज़ोरी, सर्दी, वज़न में अनचाही बढ़ोतरी, डिप्रेशन, जोड़ों और मांसपेशियों में पीड़ा, कमज़ोर और भुरभुरे नाख़ून के लक्षण दिखाई पड़ते हैं। हाइपोथायरॉडिज्म  की चिकित्सा के लिये, डॉक्टर की जानकारी में , दिन में एक बार लिवोथ्राईओक्सिन  (थॉयराइड के हार्मोन की गोलियां) लें । और हर महीने गोली की मात्रा निर्धारित करें जब तक  कि शरीर में के हार्मोन का स्तर व्यवस्थित नहीं हो जाता। 


        


थायराइड से होनेवाले बालों के झड़ने की समस्या का उपचार


अगर आप ऊपर दिये गये लक्षणों के कारण बालों के झड़ने का अनुभव कर रहे हैं तो आप थॉयराइड के रोग से उत्पन बालों के झड़ने की समस्या की तरफ बढ़ रहे हैं। यह इसलिए होता है क्योंकि शरीर की रस प्रक्रिया के लिए थॉयराइड की ग्रंथि ज़रूरी हार्मोन का निर्माण करने में असमर्थ हो जाती है। रस प्रक्रिया की गैर मौजूदगी के कारण, शरीर में एमिनो एसिड और प्रोटीन की हानि होती है और विटामिन और खनिज पदार्थों को सोखने की क्षमता भी कमज़ोर हो जाती है। इससे बालों का तेज़ी से बढ़ने में भी बाधा उत्पन होती है, और अनेक मामलों में बालों की बढ़ोतरी के लिए तय की गई शक्ति  शरीर के दूसरे अंगों की तरफ मुड़ जाती है।  



तो इससे पहले कि आप बालों के झड़ने की चिकित्सा के बारे में सोचें, यह ज़रूरी है कि आप थॉयराइड के रोग की चिकित्सा करें। थॉयराइड की चिकित्सा से हार्मोन में संतुलन बनेगा जिससे बालों का झड़ना रुक जायेगा। उसके बाद आप बालों के पोषण और बालों को तेज़ी से बढ़ाने के बारे में सोच सकते हैं।       

 

Image Source-Getty

Read More article on Thyroid in hindi

Write a Review
Is it Helpful Article?YES56 Votes 24097 Views 0 Comment
प्रतिक्रिया दें
disclaimer

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर