इन वास्‍तविक कारणों से पुरुष नहीं करते महिलाओं पर विश्‍वास

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jul 08, 2015
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Quick Bites

  • मतलब से पुरुषों को रिझाने की कोशिश करती हैं कुछ महिलाएं।
  • कम भरोसेमंद इंसान के रूप में भी पेश कर सकती है उनकी ये आदत।
  • अमेरीकी शोधकर्ताओं ने अध्ययन कर पाए हैं ये सभी परिणाम।
  • और इस लिये इन महिलाओं पर विश्वास नहीं करते हैं अब पुरुष।

कई बार देखने को मिलता है कि कुछ महिलाएं अपने कार्यस्थल या दफ्तरों आदि में पुरुषों को रिझाने की कोशिश करती हैं, अकसर ये उन्हें अपने साथ काम करने वाले पुरुष साथियों के बीच अधिक चर्चित व पसंदीदा बना देता है। लेकिन क्या आप जानते हैं उनकी यह आदत पुरुषों के बीच उनकी छवी को  चालाक और कम भरोसेमंद इंसान के रूप में भी पेश कर सकती है। जी हां, ऐसे कुछ वास्तविक कारण हैं जिनकी वजह से पुरुष महिलाओं पर विश्‍वास नहीं करते हैं। चलिये जानें क्या हैं ये कारण -

 

Don't Trust Women Anymore in Hindi

 

अमेरीकी शोधकर्ताओं का अध्ययन

'डेली एक्सप्रेस' नामक अखबार की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरीकी शोधकर्ता एक अध्ययन की मदद से यह पता लगाने का प्रयास कर रहे थे कि क्या व्यवसाय संबंधी बातचीत में महिलाओं की रिझाने की यह आदत लोगों के लिए कुछ मायने रखती है या नहीं। अध्ययन के दौरान शोधकर्ता को ये देखकर काफी हैरानी हुई कि आकर्षण, ईमानदारी और मित्रता सहित दस विशेषताओं की सूची में अपने सहकर्मियों को रिझाने की आदत ने सबसे नीचे स्थान पाया।

इन महिलाओं पर विश्वास नहीं करते पुरुष   

एक दूसरे अध्ययन में, महिला और पुरुष कलाकारों द्वारा डीलर्स की भूमिका निभाए गए एक वीडियो को देखकर उसका मूल्यांकन किया गया और इस विषय पर परिणाम देखे गए। कलाकारों ने दरअसल दो पटकथाओं पर काम किया था, जिसमें से एक सामान्य पटकथा थी और दूसरी पुरुषों को रिझाने पर केंद्रित थी। वहीं एक और अध्ययन में कलाकारों को अपने साथियों को रिझाने के लिए कहा गया। इस अध्ययन में उन्हें कम वास्तिवक माना गया, हालांकि इनमें से अभिनेत्रियों को अधिक पसंदीदा माना गया। लेकिन इस बात को पुरुषों पर लागू नहीं किया जा सकता है।

 

Don't Trust Women Anymore in Hindi

 

बर्कले स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया द्वारा कराए गए इन दोनों ही अध्ययनों को 'पर्सनैलिटी एंड सोशल साइकोलाजी बुलेटिन' में प्रकाशित किया गया।
यूनिवर्सिटी की विशेषज्ञ लॉरा केरे के अनुसार, "महिलाएं अपने पेशेवर संदर्भो और विपरीत स्थितियों में प्रशिक्षित वार्ताकारों (Negotiators) को रिझाने के लिए इसका इस्तेमाल कर सकती हैं। लेकिन प्रशिक्षित नेगोशिएटर्स महिलाओं की इस आदत के लिए नकारात्मक सोच रखते हैं।"


अर्थात अगर महिलाएं अपने व्यवसाय के फायदे के लिए पुरूषों को रिझाती हैं तो उन्हें बेशक पसंद किया जाता है, लेकिन उनके लिए उनके सहकर्मियों की एक नकारात्मक सोच बन जाती है, जिससे ऐसी महिलाओं पर विश्वास करना मुश्किल हो जाता है।

 

 

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