क्‍यों हों प्रोबॉयोटिक्‍स आपके आहार का हिस्‍सा, क्‍या हैं इसके फायदे

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Mar 20, 2014
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Quick Bites

  • प्रोबायोटिक्‍स रखते हैं आपकी पाचन क्रिया को दुरुस्‍त।
  • बच्‍चों और गर्भवती महिला के लिए विशेष रूप से फायदेमंद।
  • योनि संक्रमण से बचाने में मदद करते हैं प्रोबॉयोटिक्‍स।
  • आंतों में सूजन की समस्‍या को दूर करने में करते हैं मदद।

 

प्रोबॉयोटिक्‍स को लेकर काफी बात की जाती है। इसके फायदों और सेहत पर पड़ने वाले इसके प्रभावों को लेकर काफी चर्चा की जाती है। ऐसा माना जाता है कि प्रोबॉयोटिक्‍स हमारी पाचन क्रिया को तंदुरुस्‍त रखते हैं और साथ ही हमें कई बीमारियों से बचाने में भी मदद करते हैं। बच्‍चों की सेहत के लिए इसे खासतौर पर फायदेमंद समझा जाता है।

 

डायरिया से बचाये

व्यस्कों और बच्चों में हुए शोधों में यह साबित हुआ है कि प्रोबायोटिक्स डायरिया की अवधि को कम करते हैं। खासतौर पर बच्चों को इसका लाभ होता है। प्रोबायोटिक्स के इस्तेमाल के कोई साइड इफेक्ट नहीं हैं।

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एलर्जी से बचाये

कई शोध इस बात को प्रमाणित कर चुके हैं कि गर्भवती महिला यदि प्रोबायोटिक्स का सेवन करे तो इससे बच्चों को रेशेज और एलर्जी होने की आशंका कम हो जाती है। इसके साथ ही यदि बच्चों को भी प्रोबायोटिक्स दिये जाएं, तो उन्हें भी इसी प्रकार का फायदा होता है। ऐसा माना जाता है कि यदि किसी बच्चे को रेशेज हो भी जाएं, तो प्रोबायोटिक्स उन्हें जल्दी ठीक करने में मदद करते हैं।

 

 

आंतों में सूजन

इस रोग का एक अहम कारण आंतों की वनस्पति संरचना होती है। प्रोबायोटिक्स का सेवन इस संरचना में जरूरी बदलव करता है, जिससे बीमारी का समय कम हो जाता है। और आपकी पाचन क्रिया को आराम मिलता है।

समय पूर्व जन्मे बच्चों के लिए फायदेमंद

समय पूर्व जन्मे बच्चे, विशेषकर बहुत छोटे बच्चों के शारीरिक अंगों में परिपक्वता नहीं आती। इन बच्चों को पाचन क्रिया को लेकर काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। पाचन क्रिया की इस परेशानी के पीछे आंतों में सूजन भी एक संभावित कारण हो सकती है। इस रोग का इलाज करना कई बार बहुत मुश्क‍िल हो जाता है और तमाम प्रयासों के बावजूद इसे काबू करने में परेशानी होती है। कुछ शोध इस बात की तस्दीक करते हैं कि प्रोबायोटिक्स का सेवन समय पूर्व जन्मे बच्चों को इस प्रकार की बीमारी से बचा सकता है।

 

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बच्चों में रोना

शोधों में प्रमाणित हुआ है कि प्रोबायोटिक्स थेरेपी के असर से नवजात में कॉलिक यानी दर्द के कारण रोना कम हो जाता है। हालांकि, बच्चों पर इसका इस्तेमाल करने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर बात करनी चाहिए।

योनि संक्रमण का उपचार

महिलाओं के लिए तैयार किये गए प्रोबायोटिक्स में एक विशेष प्रकार का बैक्टीरिया होता है, जो योनि में मौजूद संवेदनशील चिपचिपेपन को संतुलित रखता है। यह एक प्रकार की मरम्मत प्रक्रिया है, जो फंगल संक्रमण से बचाकर रखती है।

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