ब्‍लड कैंसर के पीछे ये कारण हो सकते हैं जिम्‍मेदार

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Mar 28, 2012
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Quick Bites

  • ब्‍लड कैंसर की कोशिकायें धीरे-धीरे रक्‍त में फैलती जाती हैं।
  • ल्‍यूकीमिया, लिम्‍फोमा और मल्‍टीपल मायलोमा हैं इसके प्रकार।
  • बुखार, चक्‍कर आना, रात में पसीना होना हैं इसके लक्षण।
  • रेडियेशन, कीमोथेरेपी, केमिकल्‍स आदि के कारण होता है।

ब्लड कैंसर कोशिकाओं में उत्पवरिवर्तन के कारण शुरू होता है जो कि खून या अस्थि मज्जा (बोन मैरो) में होता है। यह खून में धीरे-धीरे फैलती है। रक्त कैंसर की ये कोशिकाएं समाप्त नहीं होती हैं, बल्कि और गंभीर हो जाती हैं। रक्त कैंसर के तीन प्रमुख रूप होते हैं : ल्यूकेमिया, लिम्फोमा और मल्टीपल मायलोमा। रक्त कैंसर किसी भी उम्र में हो सकता है लेकिन 30 साल के बाद रक्त कैंसर होने का खतरा ज्यादा होता है। ब्लड कैंसर होने पर हड्डियों और जोडों में दर्द होने लगता है। बुखार आना, चक्कार आना, बार-बार संक्रमण, रात को पसीना और वजन कम होना रक्त कैंसर के प्रमुख लक्षण हैं।

blood cancer in Hindi

रोग-प्रतिरोधक क्षमता का कम होना

ब्लड कैंसर होने का सबसे प्रमुख कारण शरीर की रोग-प्रतिरोधक (इम्यून सिस्टम) क्षमता का कम होना है। कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली कैंसर के फैलने का कारण होती है। शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होने के कारण शरीर में अन्य रोग जैसे गठिया या अर्थराइटिस हो जाता है जो कि ब्लड कैंसर को बढने में मदद करता है।

 

रेडिएशन के संपर्क में आना

एक्सर-रे या अन्य रेडिएशन किरणों के संपर्क में आने से रक्त कैंसर होता है। सीटी-स्कैन और रेडिएशन थेरेपी भी ब्लड कैंसर होने के खतरे को बढाते हैं। रेडिएशन की तेज किरणें ब्लड कैंसर के खतरे को दुगना कर देती हैं। रेडिएशन द्वारा किरणें ब्लड सेल्स में प्रवेश करके स्वस्थ कोशिकाओं को समाप्त कर देती हैं जिससे ब्लड कैंसर होता है।

कीमोथेरेपी

कीमोथेरेपी कराने के बाद रक्त कैंसर होने का खतरा बढ जाता है। लीवर कैंसर या ब्रेस्ट कैंसर का कीमोथेरेपी से इलाज कराने के बाद रक्त कैंसर होने का खतरा बढ जाता है, क्योंकि कीमोथेरेपी की दवाएं कैंसर के सेल्स और अन्य सेल्स  (जैसे – खून और बाल के सेल्स में) में अंतर नहीं कर पाते हैं।

केमिकल्स के संपर्क में आना

आज का वतावरण बहुत ही प्रदूषित है जिसमें वातावरण में कई प्रकार के हनिकारक केमिकल मिले हुए हैं। कीटनाशकों (मच्छर और कॉक्रोच मारने की दवा) और नाइट्रेटयुक्त पानी का प्रयोग करने से ब्लंड कैंसर होने का खतरा बढता है। पेट्रोल और सिगरेट के धुएं से भी ब्लड कैंसर होने का खतरा होता है।

संक्रमण

एचआइवी व एड्स से ग्रस्त होने पर ब्लड कैंसर होने का खतरा बढ जाता है। क्योंकि एड्स का संक्रमण खून में ज्यादा होता है। इसके अलावा अगर आपको अन्य बीमारियां भी हैं तो उसके संक्रमण से रक्त कैंसर होने का खतरा रहता है।

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आनुवांशिक

अगर घर में किसी को रक्त कैंसर है तो उसके बच्चे को भी कैंसर होने का खतरा बना रहता है। ब्लड कैंसर शरीर में धीरे-धीरे कई सालों में फैलता है। इसलिए इसका प्रभाव घर में अन्य लोगों को खासकर बच्चों को ज्यादा हाता है।

उम्र बढना

बच्चों की तुलना में ज्यादा उम्र के लोगों को रक्त कैंसर होने की ज्यादा संभावना होती है। रक्त कैंसर 30 साल या उससे अधिक होने पर होता है। रक्त कैंसर के मरीज नौजवानों की तुलना में बूढे लोग ज्यादा हैं।

धूम्रपान

धूम्रपान करने से शरीर के अंदर निकोटीन प्रवेश करता है जो कि कई प्रकार के कैंसर के लिए उत्तररदायी होता है। धूम्रपान और तंबाकू का सेवन भी रक्त कैंसर के लिए उत्तरदायी होते हैं।

 

Image Source - Getty

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टिप्पणियाँ
  • reeta04 May 2012

    nice article

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