रेबीज से बचने के उपाय

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Mar 05, 2013
Comment

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

रेबीज एक खतरनाक वायरल संक्रमण है, जो नवर्स सिस्टम को प्रभावित करता है। यह रोग मुख्य रुप से संक्रमित जानवरों  के काटने से होता है।

 

शरीर में किसी प्रकार की चोट व कटे होने के कारण जब जानवरों का संक्रमित लार आपके शरीर में प्रवेश करे तब यह बीमारी हो सकती है। यह वायरस शरीर में चोट के जरिए प्रवेश करने के बाद दिमाग तक पहुंच जाता जिसकी वजह से दिमाग में सूजन आ जाती है। शुरुआती अवस्था में रेबीज का इलाज कराने से रोगी की जान बचाई जा सकती है। बच्चों के लिए जानवर खतरनाक हो सकते हैं क्योंकि रेबीज का सबसे ज्यादा शिकार बच्चे ही होते हैं।

[इसे भी पढ़े- रेबीज़ क्‍या है]

 

पहले सिर्फ कुत्ते के काटने से रेबीज का रोग हुआ करता था लेकिन आजकल ऐसा देखा जा रहा है कि चमगादड़ व उदबिलाव के काटने से भी रेबीज होता है। इस बीमारी को रोकने के लिए जरुरी है जानवरों को जरूरी इंजेक्शन दिए जाएं।

 

जानवरों के काटने पर क्या करें

 

  • जानवरों के काटने पर काटे गए स्थान को तुरंत पानी व साबुन से अच्छी तरह धो देना चाहिए। धोने के बाद काटे गए स्थान पर अच्छी तरह से टिंचर या पोवोडीन आयोडिन लगाना चाहिए। ऐसा करने से कुत्ते या अन्य जानवरों की लार में पाए जाने वाले कीटाणु सिरोटाइपवन लायसावायरस की ग्यालकोप्रोटिन की परतें घुल जाती हैं। इससे रोग की मार एक बड़े हद तक कम हो जाती है, जो रोगी के बचाव में सहायक होती है।
  • जानवर के काटने के तुरंत बाद रोगी को टिटेनस का इन्जेक्शन लगवाना चाहिए। और डॉक्टर की सलाह से काटे गए स्थान का उचित इलाज करना चाहिए।
  • जानवरों के काटने के बाद चिकित्सक की सलाह पर आवश्यकतानुसार इंजेक्शन लगाए जाते हैं, जो तीन या दस दिन की अवधि के होते हैं।
  • इंजेक्शन लगवाने में किसी भी तरह की लापरवाही घातक हो सकती है। इस रोग का असर जानवर के काटने के तीन दिन के बाद व तीन साल के अंदर कभी भी हो सकता है।

 

[इसे भी पढ़े- रेबीज़ के लक्षण]

लक्षण

 

जानवर द्नारा काटे गए स्थान पर रक्तिमा, जलन, पी़ड़ा आदि हो सकती है। इसके अलावा हल्का बुखार , बेचैनी, चिड़चिड़ापन की समस्या भी हो सकती है।

 

बचने के उपाय

  • अगर आपके घर में पेट्स व बच्चे हैं तो आपको सावधान रहने की जरूरत है क्योंकि बच्चों को पेट्स से बहुत प्यार होता है। वे दिन भर उसके साथ खेलते रहते हैं। ऐसे में जरूरी है कि आप सर्तक रहें।
  • रेबीज से बचने के लिए जरूरी है कि अपने घर के पालतू जानवरों जैसे कुत्ते, बिल्लियां व अन्य को जरूरी वैक्सीन लगवाएं। इससे आप और आपके पेट्स दोनों इस रोग से दूर रहेंगे।  
  • अपने पेट्स पर ध्यान दें, उन्हें ज्यादा देर तक बाहर खुला ना छोड़ें। इससे वे जंगली जानवरों के संपंर्क में आ सकते हैं। अगर आपके पेट्स को किसी जंगली जानवर ने काट लिया है तो तुरंत उन्हें डॉक्टर के पास ले जाकर जरूरी इंजेक्शन लगवाएं।  
  • अगर आपके घर के आसपास में कोई आवारा जानवर रह रहा हो तो अपने स्थानीय जानवर नियंत्रण एजेंसी को तुरंत इसकी सूचना दें।
  • अपने गली मोहल्ले में घूमने वाले कुत्तों व अन्य जानवरों के संपंर्क में नहीं आए। इससे रेबीज का शिकार हो सकते हैं।
  • अगर आपके पेट ज्यादा दिन से बीमार है और उसकी हालत में सुधार नहीं हो रहा है तो तुरंत जानवरों की देखभाल करने वाली एजेंसी को अपनी सहायता के लिए बुलाएं।

 

Read More Articles On- Rabies in hindi

Write a Review
Is it Helpful Article?YES22 Votes 18013 Views 0 Comment
प्रतिक्रिया दें
disclaimer

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर