धूम्रपान छोड़ने में काफी मददगार साबित हो सकता है "सोशल मीडिया"

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Sep 27, 2013
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Quick Bites

  • सोशल नेटवर्किंग साइटों का उपयोग कर रहा है धूम्रपान छोड़ने में मदद।
  • इस प्रकार की साइटों पर उपयोगकर्ताओं की संख्या में हो रही है वृद्धि।
  • स्वास्थ्य आधारित सामाजिक नेटवर्किंग साइटें धूम्रपान छुड़ाने में करती हैं मदद।
  • सोशल नेटवर्किंग साइटों की मदद से कम समय में छोड़ पा रहे हैं लोग धूम्रपान।

स्‍वास्‍थ्‍य आधारित सोशल नेटवर्किंग साइट आपको धूम्रपान छोड़ने में काफी मदद कर सकती हैं। एक अध्‍ययन में पाया गया कि जो लोग इन साइट पर सक्रिय रहते हैं, उनके लिए धूम्रपान छोड़ना अधिक आसान होता है।

Social media helps quit smokingयूनिवर्सिटी ऑफ जॉर्जिया के शोधकर्ताओं ने उन स्वास्थ्य आधारित सामाजिक नेटवर्किंग साइटों की जांच जो अपने उपयोक्‍ताओं को धूम्रपान छोड़ने में सहायता प्रदान करती हैं।

शोधकर्ता 'जो फुआ' ने पाया कि जैसे जैसे इन साइटों पर लोगों की भागीदारी बढ़ती गयी, उपयोक्‍ताओं के बीच सामुदायिक भावना अध‍िक मजबूत होती चली गई।

 

एक और जो विशेष रूप से इन सदस्‍यों में देखी गई कि अन्‍य सदस्‍यों के साथ धूम्रपान संबंधी अपने व्‍यवहार के आधार पर उनका रिश्‍ता अधिक मजबूत होता चला गया। वे एक-दूजे को अधिक सामाजिक समर्थन देने लगे। उन सबके बीच एक विश्वास का रिश्‍ता बनात चला गया।

 

साइट पर लोगों की भागीदारी और सामाजिक संयुक्तता बढ़ने के कारण अंतोत्‍गत्‍वा ये सदस्‍य एक दूजे से अधिक सहज होकर व्‍यवहार करने लगे। और उन्‍हें धूम्रपान छोड़ने में काफी मदद मिली।



इसके साथ ही वे लोग लंबे समय तक स्‍वयं पर नियं‍त्रण रख सके। इसके पीछे प्रलोभक अथवा रिझाने वाली परिस्थितियों में उनकी बढ़ी हुई आत्‍म-प्रभावकारिता उत्तरदायी थी।

निष्कर्ष बताते हैं कि स्वास्थ्य पर आधारित सामाजिक नेटवर्किंग साइटों पर जिन लोगों को समान स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍यायें होती हैं वे सामाजिक रूप से अधिक मजबूत रिश्‍ते बनाते हैं।   

शोधकर्ताओं का कहना है कि इससे उपयोक्‍ताओं को परंपरागत तरीकों के मुकाबले कम समय में अपना लक्ष्‍य हासिल करने में मदद मिलती है।  

'जो फुआ' मे कहा कि "इस अध्ययन की धारणा है कि सामाजिक नेटवर्किंग साइटों और सामाजिक मीडिया लोगों को उनके स्वास्थ्य की स्थिति बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं।"

 

फुआ ने आगे कहा यह बिगड़ी हुई स्‍वास्‍थ्‍य स्थिति में सुधार लाने का एक कारगर व अचूक उपाय माना जा रहा है। आप इसे ऑनलाइन और ऑफलाइन सहायता का एक हिस्‍सा मान सकते हैं।

 

अध्ययन 'जर्नल ऑफ कम्यूनिकेशन' में प्रकाशित किया गया था।

 

 

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