प्रोस्‍टेट कैंसर और रेडिएशन

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Sep 20, 2012
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prostate cancer aur radiation

प्रोस्‍टट कैंसर और रेडिएशन के बीच गहरा संबंध है।रेडिएशन के संपर्क में आने से प्रोस्‍टेट कैंसर होने की संभावना काफी बढ़ जाती है। यहीं नहीं, रेडिएशन थेरेपी से इलाज के कई दुष्‍प्रभाव भी सामने आ सकते हैं। इस रेडिएशन से अन्‍य कैंसर जैसे ब्‍लैडर कैंसर और रेक्‍टल कैंसर होने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे लोग जो केमिकल और रेडिएशन फैलाने वाली कंपनियों में काम करते हैं उन्‍हें प्रोस्‍टेट कैंसर होने की ज्‍यादा होता है। एक नये शोध में यह पता चला है कि मजदूरों को रेडिएशन के संपर्क में रहने से प्रोस्‍टेट कैंसर होने का खतरा ज्‍यादा होता है। आइए जानें कि किन कारणों से रेडिएशन थेरेपी प्रोस्‍टेट कैंसर के मरीजों के लिए खतरनाक हो सकती है।

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प्रोस्‍टेट कैंसर और रेडिएशन –

कैंसर की रेडियोथेरेपी – एक्‍सटर्नल बीम रेडिएशन (इसे आइएमआरटी भी कहा जाता हैं) प्रोस्‍टेट कैंसर का इलाज माना जाता है। लेकिन, प्रोस्‍टेट कैंसर में रेडिएशन थेरेपी से इलाज करवाने के बाद ब्‍लैडर और रेक्‍टल कैंसर होने की संभावना काफी बढ़ जाती है। दरअसल रेडियोथेरेपी से कैंसर का इलाज कराते वक्‍त कैंसर की कोशिकाओं के साथ-साथ अन्‍य कोशिकाएं भी क्षतिग्रस्‍त हो जाती हैं। इसलिए प्रोस्‍टेट कैंसर या अन्‍य कैंसर की रेडियोथेरेपी से इलाज कराने के बाद प्रोस्‍टेट कैंसर के और भी घातक होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।  

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क्‍या प्रोस्‍टेट कैंसर में रेडियोथेरेपी अन्‍य कैंसर को बढ़ाता है – यह तो बहुत पहले से माना जाता रहा है कि कैंसर के इलाज के लिए रेडिएशन थेरेपी बहुत कारगर होती है। लेकिन, रेडिएशन थेरेपी से इलाज के दौरान कैंसर में इजाफा होने की आशंका भी बनी रहती है। प्रोस्‍टेट कैंसर में रेडियोथेरेपी से इलाज के दौरान कैंसर को कोशिकाओं के डीएनए को रेडियोएक्टिव किरणें समाप्‍त करती हैं। इसके साथ-साथ रेडियोएक्टिव किरणें आसपास की और उनके सामने आने वाली सामान्‍य कोशिकाओं के डीएनए को भी नष्‍ट करती हैं। जब सामान्‍य कोशिकाओं की क्षति हो जाती है तब ये कोशिकाएं कैंसर को बढ़ाने में सहायता करती हैं। जिसके कारण ब्‍लैडर कैंसर और रेक्‍टल या लंग कैंसर हो जाता है।

 

कारखानों में काम करने वाले – प्रोस्‍टेट कैंसर की रेडियोथेरेपी के अलावा अन्‍य तरीके से रेडिएशन के संपर्क में रहने से भी कैंसर होने का खतरा होता है। खासकर ऐसे मजदूर जो बिना की सुरक्षित उपकरण के रेडिएशन फैलाने वाली कंपनियों में काम करते हैं। एक नये शोध में यह बात सामने आयी है कि कंपनियों में काम करने वाले मजदूर भी प्रोस्‍टेट कैंसर की चपेट में आ रहे हैं।

 

ऐसे लोग जिनको प्रोस्‍टेट कैंसर है अगर उन लोगों ने रेडियोथेरेपी करवाया है उनमें रेक्‍टल कैंसर और ब्‍लैडर कैंसर होने की ज्‍यादा संभावना होती है। ऐसी संभावना अक्‍सर रेडियोथेरेपी के बाद होता है। अगर आपको रेडिएशन से प्रोस्‍टेट कैंसर होने की आशंका दिखती हो तो चिकित्‍सक से संपर्क अवश्‍य कीजिए।

 

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