दुनिया में हो रही 4% मौतों का कारण है लंबे समय तक बैठना

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Mar 28, 2016
Comment

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

अगर आप लंबे समय तक बैठ कर काम करती हैं तो सतर्क हो जाएं। हाल ही में आई इस शोध से इस बात की पुष्टि हुई है कि दुनिया में होने वाली मौतों में 4% मौतों का कारण लंबे समय तक बैठे रहना है। अमेरिकन जर्नल ऑफ प्रीवेंटिव मेडिसिन में यह शोध प्रकाशित की गई है। इस शोध के अनुसार दुनियाभर में हो रही 4% मौतें, तीन घंटे से ज्यादा समय तक बैठने से शरीर पर पड़ने वाली दुष्परिणामों के कारण होती है। इस शोध में 54 देशों के सर्वेक्षणों का विश्लेषण कर ये परिणाम निकाले गए हैं।

सीटिंग जॉब

कम बैठने से होती है जीवन प्रत्याशा में वृद्धि

इस शोध के अनुसार अगर आप पूरे दिन में लगातार तीन घंटों तक नहीं बैठते हैं तो आपकी जीवन प्रत्याशा में वृद्धि होती है। सर्वेक्षण के अनुसार हर दिन तीन घंटे से कम समय बैठने से जीवन प्रत्याशा में 0.2 वर्षों की बढ़ोतरी होती है। बैठने के हानिकारक प्रभावों के सही आकलन करके अध्ययन में दुनियाभर के 54 देशों के व्यवहार संबंधी सर्वेक्षणों का विश्लेषण किया गया है और उन्हें आबादी के आकार, जीवनांकिक तालिका एवं कुल मौतों के आंकड़ों के साथ मिलाया गया।


ब्राजील के यूनिवर्सिटी ऑफ साओ पाउलो स्कूल ऑफ मेडिसिन के शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में पाया कि बैठने से महत्वपूर्ण रुप से हर तरह की मौत के कारण प्रभावित होते हैं। इनका आंकड़ा 54 देशों में कुल मौतों की संख्या में करीब 3.8% है। इस शोध के निष्कर्ष इस बात की पुष्टि होती है के स्वस्थ रहने के लिए लगातार तीन घंटों तक बैठक कर काम ना करें।

 

 

Read more Health News in Hindi.

Write a Review
Is it Helpful Article?YES1 Vote 774 Views 0 Comment
प्रतिक्रिया दें
disclaimer

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर