एडियों में दर्द की चिकित्‍सा कैसे की जाती है

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Dec 21, 2013
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Quick Bites

  • चलते, दौड़ते और कूदते समय आ सकती है पैरों में मोच।
  • मोच की गंभीरता पर निर्भर करता है ठीक होने का समय।
  • असमान धरातल पर संतुलन बनाकर चलना होगा बेहतर।
  • तीन स्‍तरों में बांटा जा सकता है पैरों की मोच को।

एड़ी में चोट अथवा मोच लगने पर सही समय पर उसका इलाज करना जरूरी है। अगर इसकी सही देखभाल न की जाए, तो यह समस्‍या काफी लंबे समय तक परेशान कर सकती है और कई बार विकृतियां भी बनी रहती हैं। 

ankle injuryएड़ी के एक या उससे अधिक स्‍नायुबंधों में खिंचाव अथवा मांस फटना, एड़ी में मोच कहलाता है। एड़ी के स्‍नायुबंध लोचदार उत्तकों का समूह होते हैं, जो एड़ी की हड्डियों को अपने स्‍थान पर बांधे रखने का काम करते हैं। छोटे जोड़ों के आकार एडि़यों में मोच आना आम बात है क्‍योंकि पैदल चलते हुए, दौड़ते हुए और कूदते समय एडि़यों पर काफी भार पड़ता है। अगर धरातल असमतल हो, तो यह खतरा और बढ़ जाता है।

चोट की गंभीरत को देखते हुए एड़ी में मोच में तीन भागों में बांटा जाता है
ग्रेड 1 -  इसमें एड़ी में दर्द होता है, लेकिन स्‍नायुबंधों को कम नुकसान पहुंचा होता है।
ग्रेड 2 -  इसमें स्‍नायुबंधों में मध्‍यम क्षति पहुंची होती है, और एड़ी के जोड़ को कुछ नुकसान पहुंचा होता है।
ग्रेड 3 -  स्‍नायुबंध फट जाते हैं और एड़ी का जोड़ बुरी तरह ढीला और अस्थिर हो जाता है।

कैसे बचें

एड़ी में मोच के खतरे को कम करने के लिए आप ये उपाय आजमा सकते हैं-

  • जिस स्‍थान पर आप पैदल चल, दौड़ अथवा कूद रहे हैं, उस धरातल को अच्‍छी तरह देख लें। और उसी के अनुसार अपना संतुलन बनाकर व्‍यवहार करें।
  • किसी भी एथलीट एक्टिविटी से पहले स्‍ट्रेचिंग व्‍यायाम जरूर करें।
  • संतुलन बनाये रखने के लिए जरूरी व्‍यायाम आपकी मदद कर सकते हैं।
  • अच्‍छी क्‍वालिटी के जूते पहनें जो आपके खेल और पैरों के लिहाज से अनुकूल हों।
  • अचानक तेज गति से न मुड़ें
  • दौड़, साइक्लिंग और स्‍वमिंग आदि से पैरों और टांगों को मजबूती प्रदान करने वाले व्‍यायाम करें।
  • अगर आपको एड़ी में कई बार मोच आ चुकी है, तो आपको स्‍ट्रेंथनिंग और बैलेंस एक्‍सरसाइज करनी होंगी।
  • आपको बएड़ी को चोट से बचाने तथा उसे जल्‍द रिकवर करने के लिए ब्रेस बांधने की जरूरत होती है।

 

इलाज

एड़ी की मोच का पहला इलाज RICE आराम, बर्फ, संपीड़न (दबाव) और ऊंचाई  (rest, ice, compression and elevation):

  • आराम दें अपनी एड़ी को और उस पर वजन डालना बंद कर दें।
  • आइस पैक से एड़ी पर हर तीन से चार घंटे में 20 से 30 मिनट तक सिंकाई करें।
  • दबाव दें अपनी एड़ी पर पट्टी बांधकर। यह पट्टी इतना कसके न बांधें कि रक्‍त प्रवाह ही सुचारू रूप से न हो पाये।
  • टांग को सहारा देकर चोटिल एड़ी को ऊपर रखें।



गंभीर मोच के लिए आपको ब्रेस की जरूरत होगी। यह आपकी एड़ी को सुरक्षा और स्थिरता प्रदान करेगा। जब तक आपको चलने में दर्द न हो आपको बैसाखी की जरूरत पड़ सकती है। दर्द और सूजन को कम करने के लिए आपको दवाओं का सहारा लेना पड़ सकता है। अस्थियों के डॉक्‍टर को ग्रेड दो अथवा ग्रेड तीन की मोच का मूल्‍यांकन करते रहना चाहिए। ग्रेड तीन की मोच को ठीक करने के लिए कई बार सर्जरी का सहारा भी लेना पड़ता है।


अधिकतर मामलों में, पुनर्वास के दौरान व्‍यायाम की भी महत्‍वपूर्ण होते हैं। इससे मांसपेशियों को शक्ति मिलती है और एड़ी को हिलाने-ढुलाने में आसानी होती है। ये व्‍यायाम एड़ी को भविष्‍य में होने वाले फ्रैक्‍चर से भी बचाते हैं।

डॉक्‍टर से कब संपर्क करें

जैसे ही आपको एहसास हो कि आप चोटिल एड़ी पर वजन नहीं रख पा रहे हैं, तो फौरन डॉक्‍टर से संपर्क करें। इसके साथ ही अगर आपको एड़ी में दर्द और सूजन बढ़ती नजर आये, तो भी आपको डॉक्‍टर से संपर्क करना चाहिए।

 

गलत तरीके से मुड़ने, तेजी से सीढि़यां उतरने तथा अन्‍य कई कार्यों के कारण आपकी एड़ी में मोच आ सकती है। लेकिन, जरूरत इस बात की है कि आप इसकी गंभीरता को समझते हुए ही इसका इलाज करें।

 

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