गर्भावस्था के तेइसवें हफ्ते में न करें लापरवाही

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Oct 01, 2013
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Quick Bites

  • गर्भावस्था के तेइसवे हफ्ते में होते हैं कई शारीरीक और मानसिक बदलाव।
  • इस समय पेट की मांसपेशियां बढ़ने के साथ ही आपका वजन भी बढ़ता है। 
  • व्यायाम करना, खुश रहना और पर्याप्त नींद लेना सेहत के लिए है अच्‍छा।
  • अभी से आपको गर्भावस्‍था के बाद की तैयारियां शुरू कर देनी चाहिए।

मां बनना दुनिया का सबसे बड़ा सुख होता है। आपकी गर्भावस्‍था का तेइसवां हफ्ता है और आप दूसरी तिमाही के अंत तक पहुंच चुकी हैं। अब आप गर्भावस्था के अंतिम चरण में प्रवेश करने वाली हैं।

23rd week of pregnancy

 

अभी तक आपका स्‍वास्‍थ्‍य अच्‍छा है और आप इसी तरह देखभाल करती रहें। आपकी डिलीवरी में लगभग तीन महीने का समय बचा है। कम समय सोचकर आप अपनी दिनचर्या में किसी भी तरह की लापरवाही न करें। पहले से जैसा चल रहा है, उसे नियमित रूप से चलने दें। इस लेख के जरिए हम आपको देते हैं तेइसवे हफ्ते के बारे में कुछ जरूरी जानकारी।

  • जब तक शिशु में गर्भ में रहता है तब तक उसे विटामिन के साथ ही पोषक तत्‍वों की जरूरत है। इसलिए ध्‍यान रखें कि आपका आहार विटामिन और पोषक तत्‍वों से भरपूर हो।
  • इस समय आपका वजन बढ़ता है। जब तक आपको अपने जूते बांधने में परेशानी नहीं होती तब तक आपका पेट बड़ा होता रहेगा।
  • गर्भावस्था के 23वें हफ्ते में बच्चे का वजन बढ़ना जारी है। इस दौरान आप डॉक्‍टर से बीच-बीच में मिलते रहें। साथ ही स्वस्थ और संतुलित आहार लें। यदि आपको कोई परेशानी महसूस हो रही है तो उसका इलाज किया जा सकता है।
  • अब, आप और आपके साथी जन्म के पूर्व से संबंधित सूचना और ज्ञान देने वाली कक्षाओं में दाखिला ले सकते है। ये सब आपको मातृत्व के लिए तैयार करने में मदद करेंगे और समझाएंगे कि एक बार बच्चा पैदा होने पर आपको क्‍या करना चाहिए। गर्भावस्था के नौ महीने जीना सिर्फ शुरुआत है। यदि आपने ऐसा पहले नहीं किया है, तो आपको व्यायाम शुरू करना चाहिए।
  • आकार में रहने के लिए चलना एक सर्वोत्तम रास्ता है। व्यायाम करने से बच्चे के प्रसूत होने के दौरान मदद होती है, साथ ही आपका गर्भवती होने के पूर्व वाला शारीरिक आकार  फिर से हासिल किया जा सकता है।
  • यदि आप दूध नहीं पी रही हैं तो कैल्शियम की पूरक खुराक लेना शुरू करें। कैल्शियम आपकी हड्डियों के साथ ही बच्चे की हड्डियों के लिए भी फायदेमंद है। यदि आपके शरीर में किसी ऐसे पूरक तत्‍व की कमी है जो बच्‍चे के लिए जरूरी है तो चिकित्‍सक की सलाह के बाद उसे भी लें।

 

बच्चे का विकास

गर्भ में भ्रूण का विकास हो रहा है, साथ ही उसका वजन भी बढ़ रहा है। इस समय भ्रूण का वजन करीब एक पाउंड और लंबाई 11.4 के लगभग होनी चाहिए। दूसरी तिमाही के बाद गर्भ में पल रहे शिशु का तेजी से विकास होता है। प्रत्येक भ्रूण अलग-अलग तरीके से विकसित होता है। यदि आपको कोई कहता है कि इस स्‍तर पर आपके बच्‍चे का वजन कम है तो यह हमेशा ध्यान रखें कि हर गर्भावस्था अलग होती है।

इस समय गर्भ के अंदर पल रहा शिशु हलचल करना शुरू कर देता है। इसलिए इसे गर्भावस्‍था का सबसे अच्‍छा समय कहा जाता है। आप आसानी से बच्‍चे की हलचलों को महसूस कर सकती हैं। आप अल्ट्रासाउंड से बच्चे को अंगूठा चूसते हुए देख सकते हैं। तीसरी तिमाही की शुरूआत में गर्भ में पल रहा शिशु बाहर की आवाज सुनने में भी सक्षम होता है। इस समय शिशु का अग्‍नाश्‍य विकसित होता है और उसके शरीर को इन्‍सुलिन प्रदान करना शुरू कर दिया है।

 

आपके शरीर में होने वाला परिवर्तन

गर्भावस्था के इस सप्ताह में गर्भाश्‍य नाभी के एक से डेढ़ इंच ऊपर होता है। पेट की मांसपेशियां बढ़ने के साथ ही आपका वजन भी इस समय बढ़ता है। बेबी बंप अब पहले के मुकाबले ज्‍यादा नजर आने लगता है। सुबह के समय होने वाली थकान और मितली आने की परेशानी कम हो जानी चाहिए। यदि अभी भी यह समस्‍या है तो डॉक्‍टर से संपर्क करें। पैर दर्द, पीठ दर्द और ऐंठन होने के साथ ही कुछ पदार्थ अधिक खाने की इच्छा हो सकती है। कुछ महिलाएं इतनी भाग्यशाली होती हैं कि उन्‍हें पूरी गर्भावस्था के दौरान किसी भी तरह की परेशानी नहीं होती।

 

क्या उम्मीद की जाती है

गर्भावस्था के इस सप्‍ताह में आपकी शारीरिक और मानसिक स्थिति में कई बदलाव होंगे। ये परिवर्तन अस्‍थायी होते हैं, इसलिए चिंता करने की जरूरत नहीं है। शरीर में होने वाली पीड़ा, दर्द और भावनात्मक परिवर्तनों में अपना सकारात्‍मक रवैया बनाए रखें। उदास है तो अपने नजदीकियों से फोन पर बात करें। शाम के समय पार्क में टहलें, इससे आपका मन बदलेगा।

व्यायाम करना और पर्याप्‍त नींद लेना भी आपके लिए अच्‍छा रहेगा। जरूरी है कि आप कुछ जरूरी चीजों जैसे पालना और कपड़ों आदि की खरीदारी शुरू कर दें। आपको हमेशा खुश रहना चाहिए, क्‍योंकि आपके खुशी और दुखी रहने का असर शिशु पर भी पड़ता है। डॉक्‍टर से नियमित जांच कराती रहें। डॉक्‍टर जो परामर्श दें, उसे अमल में लाएं।
स्वच्छता का विशेष ध्‍यान रखें।

 

सलाह

गर्भावस्था के आखिरी तीन महीनों का आपको भरपूर आनंद लेना चाहिए। अभी से धीरे-धीरे डिलीवरी के बाद की तैयारी शुरू कर दें। ऐसा न हो कि आप इन सभी तैयारियों को अचानक शुरू करें।

 

 

 

 

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