गर्भावस्था के दौरान कुछ यूं करें सुरक्षित बस यात्रा

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Oct 22, 2013
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Quick Bites

  • अधिक लगेज साथ लेकर चनना भी बन सकता है समस्या।
  • समय से पहले ही बस डीपो पहुंच जायें और अपनी सीट ले लें।
  • बस के बीच मे बैठना होता है सुरक्षित, बस के बीच की सीट लें।
  • पीक आवर्स के दौरान बसों में यात्रा करने से जितना हो सके बचें।

आमतौर पर गर्भावस्था के दौरान ट्रेवलिंग सुरक्षित होती है भले ही आप ट्रेवलिंग कार से कर रहे हों या फिर बस से। अगर कुछ सावधानियों को ध्यान में रखा जाए तो आपकी यात्रा और भी सुरक्षित हो सकती है। इस लेख में हम आपको बता रहे हैं गर्भावस्था में बस यात्रा के दौराम कौंन सी सावधानियां बरती जाएं।

Bus travel during Pregnancyबस यात्रा के दौरान अधिक भीड़, वाहनों की आवाज़ें और शोर-शराबे के कारण बस मे सफर करना आसान काम नहीं है। लेकिन अगर बस मे सफर करने के अलावा कोई चारा ना हो तो सफर करना ही पड़ेगा। ऐसे में हम स्थिति को बदल तो नही सकते लेकिन कुछ बातों को ध्यान मे रखकर अपना सफर आरामदायक और सुरक्षित जरूर बना सकते हैं। गर्भावस्था के दौरान सुरक्षित बस यात्रा करने के लिए ध्यान रखने योग्य कुछ ऐसी ही सावधानियां निम्न प्रकार से हैं।

 

  • टाइम से पहले पहुंचें- यदि आप बस में पहले से सीट बुक नहीं करा पाए हैं तो ज्यादातर बसों मे सीट मिलना, "पहले आओ पहले पाओ" के आधार पर ही होता है।  इसीलिए कोशिश करें कि समय से पहले ही बस डीपो पहुंच जायें, इससे आप साथ चढ़ने वाली भीड़ से भी बच पाएंगी।
  • सुरक्षित तथा आरामदायक सीट खोजें- हमेशा से ही बस के बीच मे बैठना सुरक्षित माना जाता है नाकि सामने या पीछे की तरफ बैठना, क्योंकि अगर कोई बस हादसा होता है तो आगे तथा पीछे के भाग को ज्यादा नुकसान होता है। बीच मे बैठने के कारण आप इससे बच सकती हैं बस मे बैठ-बैठे भी आप, कलाईयों व टखनों  आदि स्ट्रेचिंग एक्सार्साइज कर सकती हैं।

 

  • कम सामान साथ लें- अधिक लगेज साथ लेकर चनना भी एक बड़ी पसमस्या बन सकता है। इसलिए हल्का-फुल्का जरूरत का सामान ही लें। हो सके तो अपने सामान को दो भागों मे बांट लें, एक स्ट्रॉल्लेर मे और जो इस्तेमाल का सामान है उसे कॅरी बेग मे रख लें। क्योंकि केरी बेग आप हमेशा अपने साथ रखती हैं।

 

  • पीक आवर्स के दौरान सफर ना करें- पीक आवर्स यानी एसे घंटे जिनके दौरान बसों मे ज़्यादा भीड़ होती है जैसे ऑफिस टाइमिंग्स वगैरह तो कोशिश करें कि ऐसे घंटों मे ट्रेवलिंग ना करें।

 

 

उपरोक्त सावधानियों को ध्यान में रख कर आप गर्भावस्था की अपनी बस यात्रा को काफी सुरक्षित और आराम दायक बना सकती हैं। इसके साथ ही यात्रा पर जाने से पहले अपनी सभी दवाओं को साथ में रखना न भूलें और दवाएं सही समय पर लें। सफर में कुछ बाहर का न खाएं और बस की खिड़की को हल्का सा ही खोलें, ताकि अधिक धूल न आए और थोड़ी हवा भी आती रहे। ऐसा करने से आपको चक्कर या मितली आने की कम संभावना रहती है। कोशिश करें कि आप अपनी यात्रा पर जाने से पहले डॉक्टर से एक बार सलाह जरूर ले लें।

 

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