जब करनी हो गर्भावस्‍था में सुरक्षित समुद्री यात्रा

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Oct 16, 2013
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Quick Bites

  • समुद्री यात्रा के लिए गर्भावस्था का दूसरा चरण होता है सुरक्षित।
  • यात्रा के दौरान मॉर्निंग सिकनेस व उल्टी जैसी होती हैं समस्याएं।
  • यात्रा से पहले डॉक्टरी सलाह लेना व जांच कराना भी है जरूरी।
  • यात्रा के दौरान खाने-पीने का रखना होता है विशेष ध्यान।

 

गर्मियों की छुट्टियों में लगभग सभी घूमने फिरने के कार्यक्रम बनाना शुरू कर देते हैं। खासकर गर्भावस्था के दौरान तो महिलाओं का मन घूमने फिरने को ज्यादा करता है। ऐसे में किसी क्रूज पर समुद्री यात्रा करने को मिल जाए तो भला कौंन ये लाजवाब मौका गवांना चाहेगा। लेकिन जब आप प्रेगनेंट होती हैं तो ऐसी किसी यात्रा से पहले कुछ सवाल ज़हन में आने लगते हैं। जैसे- गर्भावस्था में महिला और उसके होने वाले बच्चे के लिए यह यात्रा कितनी सुरक्षित है?, अगर यात्रा की जाए तो किन बातों का खयाल रखा जाए वगैहरा वगैहरा। तो अब आपको चिंचा करने की जरूरत नहीं। इस लेख में हम आपको बता रहे हैं कि गर्भावस्‍था में सुरक्षित समुद्री यात्रा कैसे की जाए।

Sea Travel in Pregnancy प्रेग्नेंसी के तीन चरणों में से दूसरा चरण यात्रा के लिए सुरक्षित रहता है। इस दौरान सुबह होने वाली 'मॉर्निंग सिकनेस' जैसी परेशानी नहीं होती। हालांकि अगर आपकी प्रेग्नेन्सी हेल्दी है, तो पानी के जहाज़ से सफ़र करना रोमॅंटिक हो सकता है, लेकिन साथ ही जहाज़ के चलने का मोशन आपके पेट में मरोड़ पैदा कर सकता है, इसीलिए ऐसी किसी यात्रा पर जाने से पहले अपने डॉक्टर से हर चीज़ की सही जानकारी लें और उसे अपना मोड़ ऑफ ट्रेवलिंग भी बतायें।

 

गर्भावस्था में समुद्री यात्रा के दौरान नौका या जहाज के चलने के दौरान आपको उल्टी आने का एहसास या फिर मॉर्निंग सिकनेस जैसा महसूस हो सकता है। इसलिए सफर से पहले पता कर लें कि जहाज पर कोई डॉक्टर है या नहीं। वैसे समुद्री यात्रा को सुरक्षित माना जाता है, लेकिन इंटरनैशनल ट्रैवलिंग के लिए विदेशों में होने वाली परेशानियों के बारे में भी आपको जानकारी कर लेनी चाहिए।

 

  • अगर आपके डॉक्टर ने आपको पानी के जहाज़ से सफ़र करने की अनुमति दे दी है तो ही समुंद्र मे सफ़र करें, बुकिंग के समय यह देख ले कि शिप मे कोई डॉक्टर मौजूद है या नही। साथ ही पता कर लें कि आपातकाल की स्थिति के लिए वहां सारा मेडिकल बंदोबस्त हो।
  • कोशिश करें कि सफ़र छोटा करें क्योंकि अगर आप किसी इंटरनेशनल क्रूज़ पर सफ़र करते हैं तो आपको डॉक्टर के साथ–साथ सेफ खाने पीने और अन्य हेल्थ केयर की भी चिंता सताती है ।
  • पेट की समस्याओं से बचने के लिए लाइट फूड तथा स्नैक्स लें, साथ ही खूब पानी पीते रहें जिससे शरीर मे पानी की कमी ना हो।
  • अपनी सारी दवाइयों के साथ साथ सी सिकनेस की दवाइयां सफ़र के दौरान अपने साथ केरी करें।
  • प्रेग्नेन्सी के दौरान ट्रेवलिंग करते हुए जिन असुविधाओं का सामना करना पड़ सकता है उनमें से कुछ गैस, क़ब्ज़, हार्टबर्न, फेटीग आदि हैं। इसीलिए ट्रेवलिंग करते समय इन मुश्किलों से लड़ने के लिए आपको कुछ तैयारियों की आवश्यकता होती है।


गर्भावस्था के दौरान कोई भी समुद्री यात्रा करने से पूर्व डॉक्टर से इस यात्रा से संबंधित सभी पहलुओं पर अच्छे से विचार-विमर्श कर लें। कोशिश करें कि यह यात्रा गर्भावस्था के दूसरे चरण में करें। 

 

 

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