इस प्रकार से कर सकती हैं आप प्रसव के बाद की तैयारियां

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Apr 24, 2012
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Quick Bites

  • प्रसव के बाद असमान्य तौर पर गर्म एवं सर्द का होता है अनुभव।
  • हॉमोनल परिर्वतनों को सामान्‍य होने में लगता है थोड़ा समय। 
  • इस दौरान महिलाएं योनि रक्‍तस्राव के अनुभव से भी गुजरती हैं।
  • प्रसव के बाद शरीर को पूरे आराम की होती है सक्त जरूरत।

किसी भी चीज़ की पहले से तैयैली कर लेना हमेशा लाभदायक रहता है। बच्चे को जन्म देने में भी यह बात पूरी तरह लागू होती है। प्रसव के बाद प्रसव के बाद की तैयारी कर लेने और गर्भावस्था में होने वाले बदलावों के बारे में पहले से ही जानकी कर आप मानसिक और शरीरित तौर पर तैयार और मजबूत रहती हैं। जानें कि प्रसव के बाद के लिए क्या तैयैरियां की जाएं।

प्रसव के बाद की तैयारीअपने बच्‍चे को सफलतापूर्वक जन्‍म देने के बाद सच में कोई भी महिला रोमांच का अनुभव करती है। और थोड़े समय बाद घर पर जब आप अपनी पुरानी जींस को देखती हैं, जिसमें अब आप फिट नहीं आ रही। आप चाहती हैं कि कैसे भी आप अपनी पुरानी शेप में लौट आएं और आपको वो जींस आ जाए। इससे आप आराम से यह समझ सकती हैं कि गर्भावस्था के दौरान आपके द्वारा लिए गए अधिक आहार और हार्मोनल बदलावों के कारण आपके शारीरिक बनावट के फर्क आया है। लेकिन इसमें दुखी होने और घबराने वाली कोई बात नहीं, यह स्थिति पूरी तरह सामान्य है। इस लेख में हम आपको कुछ ऐसी बातें बता रहे हैं जो आपका दिशा निर्देश करेंगी और आपको अपने बच्‍चे के जन्‍म के बाद क्‍या करना चाहिए यह जानकारी देंगी।

 

गर्भधारण की तैयारी करते समय आपको इस बात के लिए तैयार रहना होगा कि आपके शरीर मे थोड़े बदलाव जरूर आएंगे और आपका शरीर थोड़ा फूल सकता है। अक्सर गर्भधारण के आखिरी दिनों में शरीर फूल जाता है और हाथों एवं पैरों में सूजन आ जाती है। एक बार बच्‍चे को जन्‍म देने के बाद आपके शरीर में पानी की मात्रा और भ्रूण के आकार में कमी के कारण आप वैसे भी पतली दिखती हैं। आपको पता होना चाहिए कि आपका शरीर किस प्रकार बदलाव करता है। इससे आप किसी भी बदलाव के लिए पहले से मानसिक और शरीरिक तौर पर तैयार हो सकती हैं।

 

प्रसव के बाद, महिलाओं के लिए उनके ब्रेस्‍ट की साइज में बढ़ोत्‍तरी और दूध पिलाना, बढ़े हुए निप्‍पल आदि अलग अनुभव होता है। हालांकि ये प्रसव के बाद होने वाले आम बदलाव होते हैं जो पूरी तरह सामान्य हैं।

 

महिलाओं को कब्‍ज की समस्‍या का सामना भी करना पड़ता है। यह इस कारण होता है क्योंकि मांसपेशियों एवं गुर्दो को दोबारा से से सामान्‍य होने में समय लगता है। क्योंकि बच्‍चे के जन्‍म के बाद गुदा और योनी के बीच का हिस्‍सा कट जाता है। बाद में इस जगह को प्रसव होने के बाद डॉक्‍टर द्वारा सिल दिया जाता है और इस घाव को भरने में समय लगता है। जीस कारण चलने फिरने में दर्द का अनुभव होता है। 

 

प्रसव के बाद महिलाएं एक और अनुभव से गुजरती हैं और वह है गुदा उत्‍तको में सूजन। जिस किसी भी महिला ने प्रसव का अनुभव किया है वह मल एवं मूत्र की समस्‍याओं से वाकिफ जरूर हुई होंगी, यह प्रसव के दौरान बड़े हुए मांसपेशियों के कारण होता है।

 

महिलाएं प्रसव के बाद शरीर में असमान्य तौर पर गर्म एवं सर्द का अनुभव भी करती हैं। शरीर को हॉमोनल परिर्वतन के लिए सामान्‍य होने में थोड़ा समय लगता है और यह आतंरिक शारीरिक तापमान के कारण होता है।

 

प्रसव के बाद योनी द्वारा तरल प्रवाहित करने की प्रक्रिया प्रमुख परिर्वतनों में से एक है। महिलाएं रक्‍तस्राव के अनुभव से भी गुजरती है। यह प्रक्रिया एक आम प्रकिया है जो बच्‍चे के जन्‍म के बाद होती है। योनी द्वारा पहले तो पीले तरल का स्राव होता है फिर सफेद और फिर कुछ हप्‍तों के लिए यह प्रक्रिया रूक जाती है।

 

इन सबके अलावा आपको यह नहीं भूलाना चाहिए कि आपके शरीर को प्रसव के बाद आराम की भी जरूरत है। शरीर को प्रयाप्‍त आराम की जरूरत होती है और यह आने वाले वर्षो में आपके दूसरे बच्‍चें के जन्‍म के लिए भी आवश्‍यक होता है। तो आराम जरूर करें। साथ ही खाने पीने का पूरा खयाल रखना चाहिए, पौष्टिक आहार लें, समय पर खाएं और तले भुने पदार्थों का सेवन करने से बचें।

 

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