प्राकृतिक रंगों के साथ होली

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Mar 02, 2012
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Holi natural colorsहोली के त्‍यौहार पर रंगों की भरमार होती है लेकिन ऐसे में हमें ये देखने की जरूरत है कि हम होली के लिए कैसे रंगों का इस्तेमाल कर रहे हैं। होली के दौरान यह बात इसीलिए भी जरूरी हो जाती है क्योंकि खराब रंगों से हमारी त्वचा और बालों को नुकसान पुहंच सकता हैं। बाजार में कई रासायनिक कलर्स आ गए हैं जो ना सिर्फ गहरे होते हैं बल्कि उनका इससे हमारी स्किन, आंखें और बालों को भी खासा नुकसान पहुंचता हैं। ऐसे में आपके लिए जरूरी हो जाता है कि आप ऐसे कलर्स का चयन करें जो ना सिर्फ आपकी सेहत का ध्यान रखकर बनाएं गए हो बल्कि उससे आपको कोई अन्य समस्या ना हो। प्राकृतिक रंगों के साथ होली खेलने का अपना अलग ही मजा होता है। लेकिन सवाल ये उठता है कि प्राकृतिक रंग कौन से होते हैं और कैसे होते हैं। आइए जानें प्राकृतिक रंग क्या हैं और प्राकृतिक रंगों के साथ होली खेलने के फायदे क्या हैं।

  • प्राकृतिक रंग आमतौर पर घर में ही तैयार किए जाते हैं या फिर हर्बल कलर्स भी प्राकृतिक रंगों में शामिल होते हैं।
  • क्या आप जानते हैं काले रंग के लिए लेड ऑक्साइड का इस्तेमाल होता है जो कि किडनी के लिए बहुत नुकसान दायक है।
  • हरा रंग भी कॉपर सल्फेट जैसे पदार्थों से बनता है जो कि आंखों के लिए अच्छा नहीं है। इससे आंखों में एलर्जी, सूजन इत्यादि होने का खतरा रहता है।
  • इतना ही नहीं लाल रंग को मरक्यूरी सल्फाइट से बनाया जाता है जिससे त्वचा कैंसर होने का खतरा रहता है।
  • प्राकृतिक रंग सामान्य और रासायनिक रंगों से थोड़ा महंगे आते हैं और आसानी से बाजार में उपलब्ध नहीं होते, ऐसे में आप घर में ही प्राकृतिक रंग बना सकते हैं।



प्राकृतिक रंगों के फायदे

  • प्राकृतिक रंगों से आपको कोई नुकसान नहीं होगा। ये आपकी त्वचा को नुकसान पहुंचाने के बजाय त्‍वचा को अधिक कोमल बनाएंगे।
  • सिंथेटिक और रासायनिक रंगों से जहां आपको एलर्जी हो सकती है या फिर आपकी त्वचा पर जलन और रैशेज पड़ सकते हैं वहीं प्राकृतिक कलर्स से इस तरह का कोई नुकसान नहीं होता।
  • रासायनिक कलर्स से बालों के गिरने और डेंड्रफ की समस्या हो जाती है जबकि हर्बल और जैविक रंगों से ऐसा कुछ नहीं होता।



प्राकृतिक रंग कैसे बनाएं

  • आपको घर में प्राकृतिक रंगों को बनाने के लिए बाहर से कुछ सामान भी नहीं लेना होगा। इसके लिए आपको चाहिए कि आप रसोई में प्रयोग होने वाले कुछ सामान को लें।
  • आप हल्दी में बेसन और गेंदे के फूलों को पानी से मिला लें और इस मिश्रण को उबालें। फिर इसे छान लें। आपका गीला रंग तैयार हो जाएगा।
  • आप हल्दी में बेसन के साथ मैदा और आटा मिलाकर सूखा रंग तैयार कर सकते है।
  • लाल रंग के लिए आप चुकंदर को बहुत छोटे टुकड़ों में काटकर रात भर पानी में भिगा दें और पानी छान लीजिए। लाल रंग तैयार है।
  • मेहंदी को सुखाकर उसे पीस लें और मेंहदी को पानी से गिला करें। आपका हरा रंग तैयार है। ध्‍यान रहें कि मेंहदी हाथों में लगाने वाली होनी चाहिए।
  • लाल रंग के बजाय आप लाल चंदन पाउडर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

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