इन जानलेवा बीमारियों का कारण है प्रदूषण, जानें रोकथाम के उपाय

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 17, 2018
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Quick Bites

  • वायु प्रदूषण दुनिया की एक बड़ी  समस्या में से एक है।
  • कई बीमारियों का कारण वायु प्रदूषण है। 
  • दमा, सीओपीडी, एलर्जी और फेफड़े की अन्य बीमारियों का कारण

वायु प्रदूषण दुनिया की एक बड़ी  समस्या में से एक है। कई बीमारियों का कारण वायु प्रदूषण है। अगर आपको मालूम है कि दमा, सीओपीडी, एलर्जी और फेफड़े की अन्य बीमारियों का कारण क्या है, तो इसका जवाब है- वायु प्रदूषण। कुछ सजगताएं बरतकर वायु प्रदूषण से उत्पन्न होने वाले रोगों से जहां बचा सकता है, वहीं इस समस्या की रोकथाम भी की जा सकती है। इस प्रदूषण से कैसे बचा जाए...

यूपी का ये शहर है अव्वल नंबर पर

विश्व स्वास्थ्य संगठन (वल्र्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन) के अनुसार विश्व के 15 सबसे प्रदूषित शहरों में 14 शहर भारत के हैं। इनमें कानपुर सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर है।

चिंताजनक आंकड़े

विश्व स्वास्थ्य संगठन की नवीनतम रिपोर्ट (सन् 2016) के अनुसार प्रतिवर्ष लगभग एक करोड़ 20 लाख मौतें पर्यावरण प्रदूषण के कारण हुई हैं। रिपोर्ट के अनुसार दुनिया में हर 10 व्यक्तियों में से 9 व्यक्ति प्रदूषित हवा में सांस लेते हैं। लगभग 42 लाख लोग  वायु प्रदूषण  की वजह से मौत के शिकार हुए और 38 लाख लोगों की मौत कुकिंग और प्रदूषित ईंधन के कारण हुई।

  • भारत में वायु प्रदूषण के कारण हर साल लगभग 12 लाख मौतें होती हैं।
  • यदि व्यापक रोकथाम न हुई तो यह आंकड़ा सन् 2050 तक 36 लाख मौतों को पार कर जाएगा।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन  की रिपोर्ट के अनुसार वायु प्रदूषण के कारण उत्पन्न बीमारियों में 8 लाख मौतें क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) के कारण, लगभग 8 लाख मौतें स्ट्रोक के कारण, लगभग 7 लाख 20 हजार इस्चीमिक हार्ट डिजीज (आई एच डी) के कारण और लगभग साढे़ चार लाख फेफड़े में संक्रमण के कारण और 1.5 लाख मौतें विभिन्न प्रकार के कैंसरों से हुई हैं।

प्रदूषण से बचने के उपाय

1. वायु प्रदूषण से बचने के लिए मास्क पहनना चाहिए। इंडस्ट्रियल एरिया में जाना हो तो एंटी पाल्यूशन मास्क और आंखों पर चश्मा लगाकर जाएं। मास्क को बार बार छूना नहीं चाहिए और एक मास्क को एक बार ही प्रयोग करना चाहिए। मास्क का प्रयोग करके आप वायरस और कई प्रकार के इंफ़ेक्शन फैलाने वाले बैक्टीरिया से बच सकते हैं।

2. गर्भवती महिलाओं और बच्चों को वायु प्रदूषण से बचाने के लिए घर में एयर फ़िल्टर मशीन लगवानी चाहिए। इससे सांस की बीमारियां कम होती हैं। घर से बाहर तभी बाहर घूमने टहलने निकलें जब पर्यावरण में प्रदूषण का स्तर कम हो।

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3. प्रयोग में आने वाली पेट्रोल डीज़ल से चलने वाली ग‌ड़ियों का नियमित प्रदूषण कार्ट बनवाएँ।

4. बाहर से घर वापस आने के बाद मुँह, हाथ और पैर साफ़ पानी से धोने चाहिए।

5. घर के आस पास कूड़े कचरे को न जलाएं।

प्रदूषण की समस्या से बचने के लिए ज़रूरी है कि ज़्यादा से ज़्यादा पेड़ पौधे लगाएँ, क्योंकि पेड़ कार्बन डाइ ऑक्साइड सोखते हैं, और ऑक्सीजन छोड़ते हैं। इसलिए ज़रूरी है कि इंफ़्रास्ट्रकचर के साथ साथ प्रकृति के बारे में भी अधिक सोचें। आज प्रदूषण के असर से बचने के लिए ज़रूरी है कि पेड़ पौधे और जंगलों को कटने से रोके।

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